प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@singhprati65368)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर से शहरी विकास वर्ष 2025 का किया शुभारंभ,गुजरात के सतत विकास मॉडल को बताया देश के लिए प्रेरणा

नई दिल्ली,27 मई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात की राजधानी गांधीनगर से “शहरी विकास वर्ष 2025” का भव्य शुभारंभ किया। यह आयोजन गुजरात के बीते 20 वर्षों में किए गए योजनाबद्ध, टिकाऊ और दूरदर्शी शहरी विकास की उपलब्धियों का प्रतीक है और राज्य की भविष्य की शहरी रणनीति को एक नया आयाम देने की दिशा में उठाया गया महत्त्वपूर्ण कदम भी।

कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे हुआ,जिसमें प्रधानमंत्री ने राज्य की आने वाली शहरी विकास रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें शहरी नियोजन,स्वच्छ ऊर्जा,हरित बुनियादी ढाँचे और स्थानीय प्रशासन की सशक्तिकरण योजनाएँ प्रमुख केंद्र में रहीं।

कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री,वरिष्ठ अधिकारी,शहरी योजनाकार,विशेषज्ञ और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पीएम मोदी ने इस मौके पर गुजरात के एकीकृत शहरी विकास मॉडल को “सशक्त, समावेशी और टिकाऊ” बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात का शहरी विकास केवल भवनों और सड़कों तक सीमित नहीं,बल्कि यह सामाजिक न्याय,गरीबों के लिए आवास,हरित ऊर्जा और सार्वजनिक जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करने की सोच से प्रेरित है।

उन्होंने कहा, “गुजरात में बीते दो दशकों में जो कार्य हुए हैं,वे शहरी भारत के लिए एक मॉडल हैं। हमने जनभागीदारी से विकास को गति दी है और अब यह गुजरात पूरे देश को एक नई दिशा दिखा रहा है।”

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें शहरी स्वास्थ्य,जल आपूर्ति और सड़क व परिवहन ढाँचे से जुड़ी योजनाएँ प्रमुख थीं।

इसके अलावा,उन्होंने राज्य में “स्वच्छ वायु कार्यक्रम” की शुरुआत की,जो वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बहु-क्षेत्रीय रणनीति पर आधारित है। यह पहल राज्य के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 22,000 से अधिक नए घरों की सौगात लाभार्थियों को दी। उन्होंने कहा कि यह योजनाएँ गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए सम्मानजनक जीवन का प्रतीक हैं।

साथ ही,स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के अंतर्गत 3,300 करोड़ रुपए की राशि शहरी स्थानीय निकायों को सौंपी गई,ताकि वे अपने क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बना सकें।

गुजरात सरकार के शहरी विकास विभाग की ओर से शहरी विकास वर्ष 2025 को एक ऐसा मंच माना जा रहा है, जहाँ से “हरित गतिशीलता”, “क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर” और नवाचार आधारित शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। पीएम मोदी ने विशेष रूप से “हरित शहरों” की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि भारत को विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी होगी।

इससे एक दिन पहले,सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भुज में एक जनसभा को संबोधित किया था। वहाँ उन्होंने भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया और कहा कि “जो कोई भी भारतीय खून बहाने की हिम्मत करेगा,उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।”

प्रधानमंत्री ने “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की रणनीतिक क्षमताएँ अब और भी सशक्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर है,बल्कि अत्याधुनिक हथियारों और सुरक्षा रणनीतियों के जरिए दुश्मनों को करारा जवाब देने में भी सक्षम है।

भुज की सभा में प्रधानमंत्री ने देश में तेजी से हो रहे बुनियादी विकास की झलक पेश की। उन्होंने कहा कि, “आज भारत रेल,मेट्रो और उससे जुड़ी टेक्नोलॉजी खुद बनाता है और दुनिया को एक्सपोर्ट भी करता है। दाहोद की इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।”

तीन साल पहले शुरू हुई इस परियोजना का पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव अब बनकर तैयार है। उन्होंने इसे “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान की बड़ी सफलता बताया।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा न केवल गुजरात के लिए गौरव का क्षण है,बल्कि यह पूरे भारत के लिए शहरी विकास का एक नया विज़न भी पेश करती है। शहरी विकास वर्ष 2025 के माध्यम से भारत सतत,समावेशी और नवाचार आधारित शहरी भविष्य की ओर बढ़ रहा है। यह पहल आने वाले वर्षों में न केवल गुजरात, बल्कि देशभर के शहरों के लिए नीति और क्रियान्वयन का मजबूत आधार बनेगी।