सागवान,4 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दो दिनों के लिए दक्षिण पूर्वी एशियाई देश ब्रुनेई के दौरे पर हैं। ब्रुनेई पहुँचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया से मुलाकात की और कहा कि ब्रुनेई के सुल्तान बोलकिया से मिलकर खुशी हुई। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली ब्रुनेई यात्रा है। ब्रुनेई के सुल्तान बोलकिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर बातचीत की। इससे पहले,दोनों की मुलाकात नेपीता में साल 2014 में 25वें शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। प्रधानमंत्री ब्रुनेई यात्रा के बाद 4 और 5 सितंबर को सिंगापुर दौरे पर जाएँगे।
पीएम मोदी ने ब्रुनेई की यात्रा पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि,अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में मुझे ब्रुनेई जाने का अवसर मिलने पर बेहद खुशी हुई है। इस वर्ष हम अपनी द्विपक्षीय साझेदारी की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन में ब्रुनेई का महत्वपूर्ण भागीदार होना हमारे लिए उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।
विदेश मंत्रालय के सचिव जयदीप मजूमदार ने इस यात्रा के बारे में कहा कि, प्रधानमंत्री का यह दौरा एक्ट ईस्ट पॉलिसी के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के ऊर्जा,अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में भूमिका के संबंध में दोनों राष्ट्राध्यक्ष आपस में विस्तारपूर्वक बातचीत करेंगे। बता दें कि,भारत और ब्रुनेई के मध्य का राजनयिक संबंध चार दशक पुराना है। प्रधानमंत्री ने इस खास मौके पर अपने दौरे के लिए इस देश का चयन किया है। दोनों देशों के बीच के संबंध इस दो दिवसीय दौरे से और अधिक मजबूत होंगे। 1984 में दोनों देशों के मध्य राजनयिक संबंध स्थापित किए गए थे। इसके बाद,ब्रुनेई दारुस्सलाम में साल 1993 में भारतीय मिशन की स्थापना की गई थी।
भारत में 1992 में ब्रुनेई का उच्चायोग स्थापित किया गया था। यदि क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से ब्रुनेई की बात करें,भारत में पूर्वोत्तर के सिक्कम राज्य से भी यह देश छोटा है और इस देश की जनसंख्या भी बहुत कम है। यहाँ की कुल जनसंख्या साढ़े चार लाख है,जिसमें 14 हजार भारतीय हैं। यहाँ रहने वाले भारतीयों में प्रधानमंत्री के दौरे से खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यदि इस देश की अर्थव्यवस्था की बात करें तो यह मुख्यत: तेल और गैस पर आधारित है। यहाँ राजशाही व्यवस्था 14वीं शताब्दी से ही है और वर्तमान में यहाँ के सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया हैं। दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक ब्रुनेई है। साथ ही ब्रुनेई की गिनती दुनिया के सबसे अमीर देशों में भी किया जाता है। दुनिया के सबसे बेशकीमती महल में ब्रुनेई के सुल्तान रहते हैं,जिसे 1984 में बनाया गया था। यह महल 20 लाख वर्ग फीट में फैला हुआ है। अपने उच्च जीवन स्तर के लिए यहाँ के सुल्तान जाने जाते हैं।
ब्रुनेई के सुलतान को घोड़ों और लग्जरी गाड़ियों का भी शौक है। उनके पास 200 घोड़े तथा 700 से भी अधिक लग्जरी गाड़ियाँ हैं,जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ डॉलर है। ब्रुनेई एक इस्लामिक देश है और यहाँ साल 2014 में ‘इस्लामिक सरिया लॉ’ लागू हुआ था। चोरी,व्यभिचार जैसे अपराध तक के लिए यहाँ पैर काटने का प्रावधान है। यहाँ 2014 में बनाए गए एक कानून के अनुसार,व्यभिचार और गे संबंध बनाने पर पत्थर से मारने का प्रावधान था। कई लोगों ने इस तरह के प्रावधान का वैश्विक मंच पर आलोचना की थी,लेकिन अपने मौजूदा परिदृश्य के लिहाज से ब्रुनेई के शासक ने इसे जरूरी बताया था।
बता दें कि ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसन अल-बोल्कैया के आमंत्रण पर पीएम मोदी ने ब्रुनेई की यात्रा की। 2024 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबधों के 40 साल पूरे हुए हैं।
