यरुशलम,31 जनवरी (युआईटीवी)- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में हमास की कैद से रिहा किए गए तीन इजरायली नागरिकों का इजरायल में स्वागत किया। इन तीन नागरिकों का नाम अगम बर्जर,अर्बेल येहुद और गादी मूसा है। इन सभी को गुरुवार को रिहा किया गया था। नेतन्याहू ने अपने बयान में इस रिहाई को लेकर अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि यह रिहाई पहले तो इजरायल के वीर सैनिकों की बदौलत मुमकिन हो पाई और साथ ही यह उस दृढ़ रुख का नतीजा है,जिसे इजरायल ने बातचीत के दौरान अपनाया था। उन्होंने कहा, “अगम, अर्बेल और गादी का स्वागत है। पूरे इजरायल के साथ ही हम (नेतन्याहू और उनकी पत्नी) आपका तहे दिल से स्वागत करते हैं।”
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रिहाई के तरीके पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हमास के द्वारा अपनाए गए तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “हम समझौते के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करेंगे।” नेतन्याहू ने यह भी कहा, “आज हमारे बंधकों की रिहाई के दौरान,हमने चौंकाने वाले दृश्य देखे। मध्यस्थों को हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपने बंधकों को लेकर हम किसी भी प्रकार के रिस्क नहीं लेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि, “यदि कोई हमारे बंधकों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा,तो उसे इसकी कड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
इजरायल प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के द्वारा गुरुवार को गाजा से रिहा किए गए इन तीन इजरायली नागरिकों के नाम जारी किए गए थे। पीएमओ ने यह भी पुष्टि की कि इस रिहाई के साथ-साथ पाँच थाई नागरिकों को भी मुक्त किया गया था। इन थाई नागरिकों के नाम साथियान सुवानाखम,पोंगसाक थन्ना,बन्नावत सैथाओ,वाचारा श्रीओन और सुरसाक लम्नाओ हैं। ये पाँच नागरिक भी गाजा में किसी समय बंदी बनाए गए थे और गुरुवार को उन्हें रिहा किया गया।
हमास के मुताबिक,संघर्ष विराम और बंधक समझौते के तहत इजरायली अधिकारियों ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को भी रिहा किया। इनमें से 32 कैदियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अतिरिक्त,30 बच्चे भी इस रिहाई के हिस्से के रूप में मुक्त किए गए,जिनमें कुछ को आपराधिक मामलों में सजा दी गई थी। साथ ही,48 अन्य को उच्च सुरक्षा श्रेणी वाले कैदी माना जाता था।
इस रिहाई के दौरान 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास और अन्य सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए हमलों में बंदी बनाए गए आठ बंधकों को भी गाजा में रिहा किया गया। ये घटनाएँ इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के बीच घटित हुईं,जिसमें दोनों पक्षों के नागरिकों की बड़ी संख्या में जानें गईं।
यह रिहाई इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम और बंधक समझौते के तहत हुई है,जो कि दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने का एक प्रयास है। इजरायली प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि उनकी सरकार बंधकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी प्रकार के समझौते में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्थिति में बंधकों को खतरे में नहीं डाला जाए।
इस रिहाई के बाद,इजरायल सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए,भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तरह से सतर्क और प्रतिबद्ध रहेंगे। साथ ही,यह रिहाई इजरायल और हमास के बीच आगे की वार्ता और समझौतों की दिशा तय कर सकती है,जो दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण समाधान की ओर एक कदम हो सकती है।
