वाशिंगटन,24 फरवरी (युआईटीवी)- इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने वाशिंगटन में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (सीपीएसी) 2025 के दौरान वामपंथी राजनेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वामपंथी नेता पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत से घबराए हुए हैं और उनके द्वारा की जा रही आलोचना केवल एक दोहरे मापदंड का परिणाम है। मेलोनी ने कहा कि वामपंथी नेता ट्रंप,भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खुद उनके खिलाफ जिस तरह से आलोचना कर रहे हैं,वह केवल उनके विचारधारा के प्रति उनका डर और असहिष्णुता को दर्शाता है।
मेलोनी ने इस अवसर पर ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की तारीफ की, जबकि वामपंथी नेताओं और ‘अभिजात्य वर्ग’ पर जोरदार हमला किया। इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि, “वामपंथी घबराए हुए हैं और ट्रंप की जीत के बाद उनकी चिड़चिड़ाहट उन्माद में बदल गई है।” मेलोनी ने इस बात का उल्लेख किया कि यह केवल इसलिए नहीं हो रहा है,क्योंकि रूढ़िवादी विचारधारा जीत रही है,बल्कि इसलिए भी क्योंकि अब रूढ़िवादी वैश्विक स्तर पर सहयोग कर रहे हैं और वामपंथी इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने वामपंथी नेताओं के दोहरे मापदंड की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि जब 1990 के दशक में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने वैश्विक उदारवादी नेटवर्क बनाने की कोशिश की थी,तो उनकी सराहना की गई थी,लेकिन आज जब ट्रंप,वे स्वयं,अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता यही काम करते हैं,तो उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया जाता है। मेलोनी ने वामपंथियों पर निशाना साधते हुए कहा, “जब बिल क्लिंटन और टोनी ब्लेयर ने 90 के दशक में वैश्विक वामपंथी उदारवादी नेटवर्क बनाया था,तो उन्हें राजनेता कहा गया। आज,जब ट्रंप,मैं, माइली या शायद मोदी बात करते हैं,तो हमें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया जाता है। यह वामपंथियों का दोहरा मापदंड है।”
मेलोनी ने यह भी कहा कि मीडिया और राजनीतिक हमलों के बावजूद,रूढ़िवादी नेता लगातार चुनाव जीतते हैं,क्योंकि लोग अब उनके द्वारा फैलाए जा रहे झूठ पर विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि, “लोग भोले नहीं हैं जैसा कि वामपंथी उन्हें समझते हैं। वे हमें वोट देते हैं क्योंकि हम स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं,हम अपने राष्ट्रों से प्यार करते हैं,हम सुरक्षित सीमाएँ चाहते हैं,हम व्यवसायों और नागरिकों को वामपंथी पागलपन से बचाते हैं। हम परिवार और जीवन की रक्षा करते हैं,हम अपने विश्वास और अपनी मुक्त अभिव्यक्ति के पवित्र अधिकार की रक्षा करते हैं और हम सामान्य ज्ञान के लिए खड़े होते हैं।”
इटली की प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि उनके जैसे रूढ़िवादी नेता,जो स्वतंत्रता, पारंपरिक मूल्यों और अपने राष्ट्रों की रक्षा की बात करते हैं,वामपंथी विचारधारा से अलग हैं और यही कारण है कि वामपंथी उनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह राजनीति में एक नई लहर का संकेत है,जहाँ लोग अपनी पारंपरिक मान्यताओं के प्रति प्रतिबद्ध हैं और वामपंथी प्रवृत्तियों से दूर रहकर अपनी स्वतंत्रता और राष्ट्रवाद की रक्षा करना चाहते हैं।
मेलोनी के बयान ने वामपंथी नेताओं और उनके समर्थकों के लिए एक कड़ा संदेश भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी विचारधारा को लेकर वामपंथी जो आलोचनाएँ कर रहे हैं,वह केवल उनका डर और असहिष्णुता को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आजकल के मतदाता ज्यादा समझदार हो गए हैं और वे अब झूठ पर विश्वास नहीं करते,बल्कि वे उन नेताओं को वोट देते हैं,जो उनके पारंपरिक मूल्यों और स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं।
मेलोनी का यह भाषण और उनके विचार अब केवल इटली तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि आज के समय में राजनीति केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं है,बल्कि यह एक गहरी विचारधारा और दृष्टिकोण का मामला बन गया है। उनके बयान ने यह स्पष्ट किया कि वह और उनके जैसे रूढ़िवादी नेता अपनी विचारधारा को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उनका उद्देश्य अपने देशों और नागरिकों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को बनाए रखना है।
मेलोनी के भाषण से यह भी स्पष्ट हुआ कि आज के समय में राजनीति में वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधाराओं के बीच की खाई और गहरी हो गई है और यह एक वैश्विक संघर्ष का रूप ले चुका है।

