प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@BJP4Rajasthan)

असम दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 10 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात के साथ कई कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली,12 मार्च (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च से दो दिवसीय दौरे पर असम पहुँचने वाले हैं। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले हो रहे इस दौरे को राज्य के विकास और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री असम को करीब 10 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे और कई योजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे। राज्य सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से असम के बुनियादी ढाँचे को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि मोदी इस दौरान गुवाहाटी,कोकराझार और सिलचर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वे विभिन्न स्थानों पर आयोजित जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे,जहाँ वे केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं के बारे में जनता को जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है,क्योंकि इससे कई बड़े बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री के इस दौरे का एक खास पहलू चाय बागान के मजदूरों से जुड़ा हुआ है। असम के चाय बागान में काम करने वाले हजारों मजदूर परिवार लंबे समय से जमीन के अधिकार का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरे के दौरान इन मजदूरों को भूमि अधिकार प्रमाणपत्र प्रदान करने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। कई मजदूर परिवार लगभग दो सौ वर्षों से इन जमीनों पर काम कर रहे हैं,लेकिन उनके पास जमीन का औपचारिक स्वामित्व नहीं था। सरकार का मानना है कि भूमि अधिकार मिलने से इन परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री 13 मार्च को गुवाहाटी में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे,जहाँ वे किसानों के लिए चल रही केंद्र सरकार की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त भी जारी करेंगे। इस योजना के तहत देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। असम के किसान भी इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं और उन्हें सीधे बैंक खातों में सहायता राशि दी जाती है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री गुवाहाटी से ही कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार,मोदी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क,ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढाँचा विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं,जिनसे राज्य के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान प्रधानमंत्री 150 मेगावाट की कोपिली जलविद्युत परियोजना को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना असम सरकार द्वारा पूरी की गई है और इससे राज्य में बिजली उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से न केवल बिजली आपूर्ति मजबूत होगी,बल्कि औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री का दौरा 14 मार्च को भी जारी रहेगा। उस दिन वे सुबह 11 बजे सिलचर पहुँचेंगे, जहाँ वे एक और बड़ी परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना सिलचर-शिलांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस हाईवे से जुड़ी है,जिसकी अनुमानित लागत लगभग 22 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस हाईवे के निर्माण से पूर्वोत्तर भारत के कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और परिवहन को काफी सुविधा मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेस हाईवे के बनने से न केवल यात्रा का समय कम होगा,बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे असम,मेघालय और आसपास के राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में कुछ अन्य परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे,जिसके बाद वे कोलकाता के लिए रवाना हो जाएँगे।

प्रधानमंत्री के इस दौरे के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 15 मार्च को असम पहुँचेंगे। उनके कार्यक्रम के तहत प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद वे गुवाहाटी में आयोजित भाजपा के ‘युवा संकल्प समावेश’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे,जहाँ पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के लगातार असम दौरे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण हैं। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही विकास परियोजनाओं के जरिए जनता के बीच अपनी उपलब्धियों को सामने लाने की कोशिश कर रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दो दिवसीय दौरा असम के विकास के लिए कई नई परियोजनाओं की शुरुआत करने वाला साबित हो सकता है। राज्य सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के लागू होने से बुनियादी ढाँचे में सुधार होगा,निवेश को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यही वजह है कि इस दौरे को असम की राजनीति और विकास दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।