नई दिल्ली,14 फरवरी (युआईटीवी)- देश आज उस दर्दनाक घटना को याद कर रहा है,जिसने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया था। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को सात वर्ष पूरे हो गए हैं। 14 फरवरी 2019 को हुए इस कायराना हमले में सीआरपीएफ के 40 बहादुर जवान शहीद हो गए थे। यह हमला भारत के इतिहास के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। बरसी के अवसर पर देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनके अदम्य साहस,त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया जा रहा है।
पुलवामा हमले की सातवीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा,दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति सेवा हमारी सामूहिक चेतना में सदैव अमिट रहेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 2019 में आज ही के दिन पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर नायकों को वह श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर भारतीय को उनके अटूट साहस से शक्ति मिलती है और उनका बलिदान देश को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पुलवामा हमले में शहीद हुए अमर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि माँ भारती के वीर सपूतों का अमर बलिदान हमें आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि आज भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ता से कायम है और आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्पित है। उनके अनुसार,शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि 2019 में आज ही के दिन पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सपूतों को वह नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि अमर जवानों का बलिदान भारतीय शौर्य और पराक्रम के उस अजेय संकल्प का उद्घोष है,जो देश को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र शहीदों के इस सर्वोच्च बलिदान के लिए सदैव ऋणी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हमारे अमर जवानों का बलिदान भारतीय शौर्य के उस अजेय संकल्प का प्रतीक है,जो हमें आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
सिर्फ सत्तापक्ष ही नहीं,बल्कि विपक्ष के नेताओं ने भी पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संदेश में कहा कि हम भारत माता के उन वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं,जिन्होंने पुलवामा में अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने लिखा कि बहादुर जवानों का अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनका अटल समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा। उनका सर्वोच्च बलिदान चिरकाल तक अमर रहेगा और देश उन्हें कभी नहीं भूलेगा।
एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने भी शहीदों को याद करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों ने हमेशा अपने साहस,बहादुरी,त्याग और बलिदान से देश की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी अटूट राष्ट्रनिष्ठा और देशभक्ति को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले सभी शहीद सैनिकों को उन्होंने अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को उस समय हुआ था,जब सीआरपीएफ के जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था। एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को काफिले की बस से टकरा दिया,जिससे भीषण विस्फोट हुआ और 40 जवान शहीद हो गए। इस घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। देशभर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।
इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्त किया। अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। पुलवामा की घटना ने देश को यह याद दिलाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुटता कितनी महत्वपूर्ण है। सात साल बाद भी वह दर्द और आक्रोश लोगों के दिलों में ताजा है,लेकिन उससे कहीं ज्यादा शहीदों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना है।
आज पुलवामा हमले की बरसी पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शहीद स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है और दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों को याद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग शहीदों के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त कर रहे हैं। ‘हम नहीं भूलेंगे’ और ‘शहीदों को नमन’ जैसे संदेशों से डिजिटल प्लेटफॉर्म भरे हुए हैं।
पुलवामा के शहीदों का बलिदान देश के लिए एक अमिट प्रेरणा है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर यह संदेश दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। उनकी बहादुरी और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी देशभक्ति की राह पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। सात साल बाद भी देश उन्हें उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है,जैसे उस दिन जब पूरा भारत उनके लिए अश्रुपूरित आँखों से खड़ा था।
