राघव चड्ढा ने बीजेपी को सीधे दिल्ली मेयर चुनाव लड़ने की दी चुनौती

नई दिल्ली, 24 दिसम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)- भाजपा पर एमसीडी मेयर पद के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा करने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी ने शनिवार को भगवा पार्टी को सीधे चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा को मेयर का चुनाव खुद लड़ना चाहिए, कायर जैसे निर्दलीय उम्मीदवार के पीछे छिपने की क्या जरुरत है?

चड्ढा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, भाजपा ने घोषणा की थी कि वह महापौर का चुनाव नहीं लड़ेगी, लेकिन अब एक निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा कर रही है, जिसे सभी भाजपा पार्षदों का समर्थन प्राप्त होगा। ऐसे पीछे से चोर दरवाजे से निर्दलीय उम्मीदवार के कंधे पर बंदूक रखकर चुनाव लड़ना इतनी बड़ी पार्टी को शोभा नहीं देता है।

राज्यसभा सांसद चड्ढा ने कहा कि बीजेपी को आगे आकर चुनाव लड़ना चाहिए, दिल्ली की जनता तय करेगी कि एमसीडी का मेयर कौन होगा।

उन्होंने कहा कि जनता ने एमसीडी चुनाव में भाजपा को दिल्ली के राजनीतिक गलियारों से बाहर फेंक दिया, इनका न तो दिल्ली विधानसभा में कोई महत्व है और न ही नगर निगम में।

उन्होंने कहा, दिल्ली भाजपा में बेरोजगारी अपने चरम पर है, उनके नेता अब नौकरी डॉट कॉम पर नौकरी की तलाश कर रहे हैं। बीजेपी ने बाद में घोषणा की थी कि वे एमसीडी के मेयर पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे।

लेकिन अब हमें विपक्षी खेमे से सुनने को मिल रहा है कि भाजपा ने महापौर पद के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया है। बीजेपी के सभी उम्मीदवार मेयर के चुनाव के लिए इस निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन करने जा रहे हैं और मूल रूप से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। मैं बीजेपी के इस फैसले का स्वागत करता हूं, लेकिन साथ ही मैं उन्हें एक छोटी सी सलाह भी देना चाहता हूं।’

उन्होंने कहा, हर किसी को और हर पार्टी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। अब यह उनका निर्णय है कि वे युद्ध के मैदान में उतरकर सीधे चुनौती देने वाले का सामना करना चाहते हैं और लड़ना चाहते हैं, या वे एक निर्दलीय उम्मीदवार का उपयोग करके पिछले दरवाजे से युद्ध के मैदान में प्रवेश करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, लेकिन मैं उनसे एक सवाल पूछना चाहता हूं? वे आप से इतना डरते क्यों हैं? अगर वे वास्तव में मेयर पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो आगे आएं और ऐसा करें। पिछले दरवाजे से चुनाव लड़ने की कोशिश क्यों करना हैं?

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