रामचरितमानस को 'राष्ट्रीय पुस्तक' घोषित करने की मांग

रामचरितमानस को ‘राष्ट्रीय पुस्तक’ घोषित करने की मांग

लखनऊ, 23 मार्च (युआईटीवी/आईएएनएस)- आरएसएस समर्थित इकाई राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव समिति ने कवि तुलसीदास द्वारा रचित महाकाव्य ‘रामचरितमानस’ को ‘राष्ट्रीय पुस्तक’ घोषित करने की मांग को लेकर एक हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया है। अभियान चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शुरू किया गया, जो हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। एक बयान में, समिति ने कहा कि यह कार्यक्रम मुख्य रूप से हिंदू नव वर्ष के महत्व और जीवन के एक तरीके के रूप में धर्म के महत्व पर प्रकाश डालने के लिए आयोजित किया गया है।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया गया है कि रामचरितमानस के कुछ छंद पिछड़े वर्गों सहित समाज के कुछ अन्य वर्गों के लिए अपमानजनक हैं।

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