नई दिल्ली,26 नवंबर (युआईटीवी)- दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के बाहर 10 नवंबर को हुए भीषण कार बम धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस दर्दनाक आतंकी घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। विस्फोट की तीव्रता इतनी भीषण थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं और इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया। इस मामले की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने साजिश की परतें उधेड़ते हुए एक और बड़ी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एजेंसी ने हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज क्षेत्र में रहने वाले सोयब अहमद को गिरफ्तार किया है,जो इस केस में सातवां आरोपी है।
एनआईए की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार,केस नंबर आरसी-21/2025/एनआईए/डीएलआई के तहत यह गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है,क्योंकि सोयब अहमद की भूमिका मात्र सहयोग तक सीमित नहीं थी,बल्कि वह मुख्य आरोपी और आतंकी उमर उन नबी का विश्वासपात्र साथी भी था। जाँच में पता चला है कि सोयब ने धमाके से ठीक पहले उमर को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया था और उसे हर तरह की लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करवाई थी। इससे पहले एजेंसी छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है,जिनमें उमर के कई करीबी सहयोगी शामिल हैं। अब सोयब की गिरफ्तारी ने जाँच को नए मोड़ पर ला दिया है क्योंकि उसके तार किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
जाँच अधिकारियों के अनुसार,सोयब ने उमर को अपने घर में पनाह देने के साथ-साथ उसे फरार होने के रास्ते भी सुझाए। इतना ही नहीं,वह विस्फोटक सामग्री के परिवहन और उसकी सुरक्षित हैंडलिंग में भी शामिल रहा है। उसकी कॉल डिटेल्स,डिजिटल फूटप्रिंट और लोकेशन ट्रैकिंग से कई अहम जानकारी सामने आई है,जिनसे संकेत मिलता है कि साजिश के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय तत्व ही नहीं,बल्कि एक संगठित आतंकी गिरोह भी सक्रिय था। एनआईए इस पहलू की गहराई से जाँच कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद सोयब अहमद को दिल्ली लाया जा रहा है,जहाँ उसे विशेष एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी उसके लिए 10 दिन की रिमांड की माँग कर रही है,ताकि उससे पूछताछ के दौरान बाकी फरार आरोपियों और नेटवर्क के संचालकों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। जाँच टीम का मानना है कि सोयब कई अहम राज उजागर कर सकता है,जिससे इस आतंकी साजिश की पूरी श्रृंखला का खुलासा हो सकेगा।
लाल किले के बाहर हुए इस धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को उच्च सतर्कता पर ला दिया है। घटना के बाद से ही एनआईए,दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर देशभर में कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पंजाब,हरियाणा,उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक साथ कई लोकेशनों पर सर्च ऑपरेशन जारी है। इन अभियानों में कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स,मोबाइल फोन,संवेदनशील दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया है,जिनकी फॉरेंसिक जाँच की जा रही है।
धमाके की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। खासकर लाल किले,इंडिया गेट,संसद भवन सहित सभी प्रमुख सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने शहर के कई इलाकों में नाकेबंदी कर जाँच तेज कर दी है। वहीं,खुफिया एजेंसियाँ इस घटना को किसी अंतर्राष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल से जोड़कर भी देख रही हैं,क्योंकि उमर उन नबी की पृष्ठभूमि कई विदेशी संगठनों से संबंधित बताई जा रही है।
इसमें कोई दो राय नहीं कि लाल किले के पास हुआ यह विस्फोट भारत के खिलाफ एक सोची-समझी आतंकी साजिश का हिस्सा था,जिसका उद्देश्य देश की शांति,स्थिरता और सुरक्षा को चुनौती देना था,लेकिन एनआईए की तेजी से आगे बढ़ती कार्रवाई और आतंकियों की एक-एक करके हो रही गिरफ्तारियों ने साफ कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर दृढ़ता से कायम है। जाँच एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस केस के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस साजिश के मास्टरमाइंड की पहचान भी पूरी तरह सामने आ जाएगी।
फिलहाल देशभर की निगाहें एनआईए की जाँच पर टिकी हैं,जो लगातार इस आतंकवादी हमले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है। सोयब अहमद जैसी महत्वपूर्ण गिरफ्तारी ने इस पूरी साजिश के कई छिपे हुए पहलुओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। एजेंसी आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती है,जो यह बताएँगे कि आखिर इस भीषण हमले की योजना कैसे बनाई गई,किसने इसे अंजाम दिया और इसके पीछे असल उद्देश्य क्या था।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी आतंकी घटना को बेहद गंभीरता से लेती हैं और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाती हैं। देश के नागरिकों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसियों को देने की सलाह दी गई है,ताकि ऐसे आतंकी हमलों को रोका जा सके और देश की सुरक्षा और मजबूती बनाए रखी जा सके।

