अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@bharatchhabra)

हमास को बंधकों को रिहा करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने दी “अंतिम चेतावनी”,कहा – ‘बंधकों को रिहा करें,वरना भुगतना होगा अंजाम’

वाशिंगटन,6 मार्च (युआईटीवी)- गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने के लिए हमास को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में “अंतिम चेतावनी” दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा,“शालोम हमास” का मतलब “नमस्ते और अलविदा” है और आप दोनों में से एक को चुन सकते हैं। ट्रंप ने इस पोस्ट में हमास को दो स्पष्ट विकल्प दिए। उनका कहना था कि या तो सभी बंधकों को तत्काल रिहा किया जाए और जिन लोगों की हत्या की गई है,उनके शवों को तुरंत लौटा दिया जाए या फिर इसके बाद हमास को गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

उन्होंने कहा, “हमास,हम तुम्हें अंतिम चेतावनी दे रहे हैं। सभी बंधकों को तुरंत रिहा करो और जिनकी हत्या की है,उनके शवों को वापिस करो,अन्यथा तुम्हारा कोई भी सदस्य सुरक्षित नहीं रहेगा।” ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, “केवल बीमार और विकृत लोग ही शवों को रखते हैं और आप बीमार और विकृत हैं!” ट्रंप ने आगे कहा कि, “मैं इजरायल को वह सब कुछ भेज रहा हूँ,जो उसे काम पूरा करने के लिए चाहिए, यदि आप मेरी बात नहीं मानेंगे तो हमास का एक भी सदस्य सुरक्षित नहीं रहेगा।”

यह चेतावनी व्हाइट हाउस द्वारा बंधकों के मामले में हमास के साथ सीधी बातचीत की पुष्टि किए जाने के कुछ घंटों बाद दी गई। अमेरिका ने पहले इस समूह के साथ सीधी बातचीत से परहेज किया था,क्योंकि यह आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध है। हालाँकि,ट्रंप के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि उनका प्रशासन अब इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता को सहन नहीं करेगा।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि अमेरिका ने बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हमास के साथ सीधे संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से पहले ही इजरायल से परामर्श किया गया था। लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा अमेरिकी लोगों के सर्वोत्तम हित में काम करने में विश्वास करते हैं और इस मामले में भी वही कर रहे हैं।

ट्रंप की इस चेतावनी से पहले,बंधकों की रिहाई को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले थे। हाल ही में युद्ध विराम के तहत कुछ बंधकों को रिहा किया गया था, जिनसे अमेरिकी अधिकारियों ने मुलाकात की थी। व्हाइट हाउस के अनुसार, बंधकों के लिए विशेष दूत एडम बोहलर इस मामले में काम कर रहे हैं। बीबीसी को एक फिलिस्तीनी सूत्र ने बताया कि एक अमेरिकी अधिकारी और हमास के बीच दो प्रत्यक्ष बैठकें हुई हैं। इन बैठकों के दौरान,बंधकों की रिहाई के अलावा युद्ध को समाप्त करने के लिए भी व्यापक समझौते पर चर्चा की गई थी।

इजरायल ने इस बैठक की पुष्टि की है और कहा कि गाजा में अभी भी 59 बंधक हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने का अनुमान है। इनमें कुछ अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने प्रत्यक्ष वार्ता के संबंध में अपनी स्थिति व्यक्त की है,लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की गई।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार,एडम बोहलर ने हाल के हफ्तों में कतर की राजधानी दोहा में हमास के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। दोहा में हमास का मुख्यालय 2012 से स्थित है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अनुरोध पर स्थापित हुआ था। कतर,एक छोटा लेकिन प्रभावशाली खाड़ी देश,इस क्षेत्र में अमेरिका का प्रमुख सहयोगी रहा है और यहाँ स्थित अमेरिकी एयर बेस का भी महत्वपूर्ण रणनीतिक महत्व है। कतर ने कई नाजुक राजनीतिक वार्ताओं को संभाला है,जिसमें ईरान, तालिबान और रूस जैसे देशों के साथ वार्ता शामिल है।

कतर ने इस बीच,इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम के लिए अमेरिका और मिस्र के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कतर ने गाजा के हालात को शांत करने और युद्ध को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए हैं और इसके साथ ही कतर का यह प्रयास भी रहा है कि गाजा में शांति और स्थिरता को वापस लाया जा सके।

ट्रंप के बंधकों के मामले में दिए गए इस कड़े संदेश के बाद,अमेरिका और इजरायल दोनों ही हमास पर दबाव डाल रहे हैं कि वह बंधकों को रिहा करे और यह सुनिश्चित करे कि आगे की कोई हिंसा न हो। हालाँकि,गाजा में स्थितियाँ अब भी जटिल हैं और युद्ध विराम के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। इस दौरान ट्रंप की चेतावनियों ने इसे और जटिल बना दिया है,क्योंकि वे न केवल हमास के लिए एक कड़ा संदेश भेज रहे हैं,बल्कि इजरायल को भी यह संकेत दे रहे हैं कि अगर बंधकों की रिहाई में कोई देरी हुई,तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अमेरिका का यह रुख साफ दिखाता है कि वह गाजा की स्थिति में हस्तक्षेप करने और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर है। यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक कदम हो सकता है,जो अमेरिका की विदेश नीति और वैश्विक शांति के लिए असरदार साबित हो सकता है।

हालांकि,हमास और इजरायल के बीच शांति की कोई ठोस संभावना फिलहाल नजर नहीं आती,लेकिन अमेरिका और कतर द्वारा की जा रही पहलें गाजा के लोगों और क्षेत्रीय शांति के लिए कुछ उम्मीदें जगा सकती हैं।