वाशिंगटन,28 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को एक भारतीय छात्रा नीलम शिंदे के परिवार को वीजा प्रदान किया। यह छात्रा एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी और तब से कोमा में है। 14 फरवरी को कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रा नीलम शिंदे (35) को एक कार ने पीछे से टक्कर मार दी थी,जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस दुर्घटना के बाद नीलम के दोनों हाथ और दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए और वह कोमा में चली गईं।
नीलम की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, हालाँकि उसके स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ है,ऐसा परिवार ने बताया है। नीलम शिंदे महाराष्ट्र के सतारा जिले से हैं और उनकी यह दुर्घटना परिवार के लिए एक बहुत बड़ा सदमा लेकर आई थी। परिवार ने पहले कई बार वीजा प्राप्त करने की कोशिश की थी,लेकिन हर बार असफलता मिली। इस दौरान परिवार ने उम्मीद खो दी थी कि वे अपनी बेटी से मिल पाएँगे।
नीलम से मिलने के लिए परिवार के सदस्य वीजा प्राप्त करने की उम्मीद छोड़ चुके थे। इन परिवारिक सदस्यों में नीलम के पिता,चचेरे भाई और चाचा शामिल हैं। उनका कहना था कि वीजा प्रक्रिया बहुत कठिन और समय लेने वाली थी,जिससे उनके लिए यह मुश्किल हो रहा था कि वे अपनी बेटी के पास जा सकें।
हालाँकि,इसके बाद अमेरिकी दूतावास ने अचानक से परिवार को वीजा देने का फैसला लिया। इस संबंध में शिंदे के चचेरे भाई गौरव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वीजा इंटरव्यू प्रक्रिया बहुत ही सहज और आसान थी। उन्होंने इसके लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी नेता सुप्रिया सुले का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस मुद्दे को उठाया और परिवार की मदद की। गौरव ने यह भी बताया कि वे अब अमेरिका जाने के लिए ऋण लेंगे,ताकि अपनी बेटी के पास जा सकें और उसकी देखभाल कर सकें।
गौरव ने इस अवसर पर केंद्र से अपील की कि वीजा प्रक्रिया में बदलाव किया जाना चाहिए,खासकर आपातकालीन स्थितियों में। उन्होंने कहा, “हमने जो भी संघर्ष किया है,वह किसी अन्य परिवार को नहीं करना चाहिए।” उनका मानना है कि ऐसी प्रक्रियाओं को आपातकालीन स्थितियों के लिए अनुकूलित किया जाना चाहिए,ताकि किसी को भी अपने प्रियजनों से मिलने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
यह उल्लेखनीय है कि नीलम के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद परिवार ने अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन किया था,लेकिन उन्हें इंटरव्यू के लिए अगले वर्ष का समय दिया गया था। इसके बाद परिवार ने राजनीतिक नेताओं और मीडिया से मदद की अपील की थी। एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया,जिसके बाद विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया।
अमेरिकी दूतावास के इस निर्णय से परिवार को राहत मिली और अब वे नीलम से मिलने के लिए अमेरिका जा सकेंगे। नीलम को टक्कर मारने वाले कार ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी लॉरेंस गैलो (58) को 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद,नीलम के परिवार के लिए एक मुश्किल समय था, लेकिन अब उन्हें एक उम्मीद की किरण दिखाई दी है,जिससे वे अपनी बेटी के पास जा सकेंगे और उसकी देखभाल कर सकेंगे।
इस घटना ने यह भी साबित किया कि एकजुटता और प्रयासों से ही मुश्किल हालात में समाधान संभव हो सकता है। परिवार की मेहनत और नेताओं की मदद से नीलम के परिवार को यह राहत मिली और वे अपनी बेटी के पास जा सकेंगे।