कोनाक्री,3 दिसंबर (युआईटीवी)- गिनी के दूसरे सबसे बड़े शहर एनजेरेकोर में एक फुटबॉल मैच के दौरान हुई हिंसा और भगदड़ में कम-से-कम 56 लोगों की मौत हो गई। यह घटना एक महत्वपूर्ण फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मैच के दौरान हुई,जब खेल के अंत में विवाद उत्पन्न हुआ। इस दुखद घटना पर गिनी के राष्ट्रपति ममादी डौम्बौया ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
अपने सोशल मीडिया पेज पर राष्ट्रपति डौम्बौया ने लिखा कि, “लेबे और एनजेरेकोर की बहादुर आबादी,गिनी के लोगों और विशेष रूप से शोक संतप्त परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूँ और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।” उन्होंने इस घटना को लेकर दुख जताया और साथ ही अधिकारियों से स्थिति का गहन अध्ययन करने का आह्वान किया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, राष्ट्रपति ने बताया कि इस हादसे के कारणों का आकलन के लिए और नुकसान का मूल्यांकन के लिए एक आपातकालीन मिशन को प्रधानमंत्री अमादौ ओरी बाह के नेतृत्व में भेजा गया है। इसके साथ ही,राष्ट्रपति डौम्बौया ने घोषणा की कि इस घटना के कारणों का पता लगाने और इसकी जिम्मेदारी तय करने हेतु एक आयोग को गठित किया जाएगा,जो इस घटना की जाँच करेगा।
🚨#BREAKING: At least 100 people have died due to clashes between two groups of supporters at a football match in Guinea. pic.twitter.com/Wbk34YCyNI
— Abdul khabir jamily (@JamilKhabir396) December 1, 2024
डौम्बौया ने कहा,”मैं इस आपदा के बेहतर प्रबंधन के लिए शांति और सौहार्द की अपील करता हूँ, ताकि हमारी साझा इच्छा के आधार पर हम शांति और सामाजिक सामंजस्य के साथ साथ रह सकें।” इस दुखद घटना के बाद उन्होंने गिनी के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की,ताकि इस त्रासदी के परिणामस्वरूप कोई और अराजकता न फैले।
यह हिंसा जनरल मामादी डौम्बौया फाइनल ट्रॉफी मैच के दौरान हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,तनाव उस समय उत्पन्न हुआ जब खेल के अंत में एनजेरेकोर को पेनल्टी दी गई,जिसे लेबे टीम के खिलाड़ियों ने तीखा विरोध किया। यह विरोध तेजी से बढ़ गया और स्थिति विकट हो गई। इसके बाद,सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया,जिससे स्टेडियम में भगदड़ मच गई।
स्टेडियम के एकमात्र एग्जिट गेट की ओर दौड़ रहे दर्शकों में अफरा-तफरी फैल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक,कुछ लोग आँसू गैस के कारण मारे गए,जबकि अन्य स्टेडियम की दीवारों पर चढ़ने की कोशिश करते हुए भगदड़ में फँस गए और घायल हो गए या उनकी मौत हो गई। इस हिंसा और भगदड़ ने फुटबॉल मैच को एक दुखद घटना में बदल दिया और गिनी में शोक की लहर दौड़ गई।
इस घटना ने गिनी में सुरक्षा और आयोजनों की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जाँच आयोग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।