वाशिंगटन,27 जनवरी (युआईटीवी)- व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं,हालाँकि इस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी कोई सीधी फोन बातचीत तय नहीं है। सोमवार को व्हाइट हाउस की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति इस संघर्ष से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में काम जारी है।
कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस पूरे मामले में गंभीर रूप से शामिल हैं और उन्हें अपने सलाहकारों तथा वरिष्ठ अधिकारियों से युद्ध से जुड़े हर नए घटनाक्रम की नियमित जानकारी दी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन के बीच किसी फोन कॉल का कोई कार्यक्रम तय नहीं है। लेविट के अनुसार,इस सप्ताह ऐसी किसी बातचीत की जानकारी उनके पास नहीं है,लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशें धीमी पड़ी हैं।
प्रेस सचिव ने कहा कि हाल के दिनों में अमेरिकी अधिकारियों ने सहयोगी देशों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर कई स्तरों पर बातचीत की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और विशेष दूतों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे रूस और यूक्रेन,दोनों पक्षों से लगातार संपर्क बनाए रखें और उन्हें बातचीत की मेज तक लाने के प्रयास करते रहें। व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका का लक्ष्य इस युद्ध को कूटनीतिक रास्ते से खत्म करना है,ताकि और ज्यादा जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
लेविट ने यह भी बताया कि अमेरिका के विशेष दूतों की हालिया बैठकें अपने आप में ऐतिहासिक रही हैं। इन बैठकों में युद्ध से जुड़े दोनों पक्षों की भागीदारी रही और संघर्ष को समाप्त करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इन बैठकों का मकसद विश्वास बहाली के कदमों पर विचार करना और युद्ध विराम या राजनीतिक समाधान की संभावनाओं को तलाशना था। प्रेस सचिव के मुताबिक,राष्ट्रपति ट्रंप की टीम शांति की दिशा में ठोस कदम आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
व्हाइट हाउस ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति प्रक्रिया को छोड़ा नहीं है। कैरोलिन लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति शांति की कोशिशों से पीछे नहीं हट रहे हैं। कूटनीति उनकी विदेश नीति के एजेंडे की प्राथमिकता बनी हुई है।” उनके अनुसार, राष्ट्रपति का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाले किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान केवल बातचीत और राजनीतिक समझौते से ही निकल सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है और इसने वैश्विक राजनीति,सुरक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाला है। युद्ध के चलते यूरोप में सुरक्षा संतुलन बदला है,ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है और वैश्विक खाद्य तथा ईंधन बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली है। ऐसे में अमेरिका की भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है,क्योंकि वह न सिर्फ यूक्रेन का प्रमुख समर्थक रहा है,बल्कि रूस के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने वाले देशों में भी शामिल है।
राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका ने इस संघर्ष को लेकर एक अलग कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाने का संकेत दिया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप प्रशासन सैन्य टकराव के बजाय राजनीतिक समाधान पर जोर दे रहा है। इसके तहत अमेरिका न केवल अपने यूरोपीय सहयोगियों से लगातार बातचीत कर रहा है,बल्कि उन देशों से भी संपर्क में है जो इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत के रास्ते अभी भी बेहद जटिल हैं। दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास,क्षेत्रीय विवाद और सुरक्षा चिंताओं ने समाधान को कठिन बना दिया है। इसके बावजूद,व्हाइट हाउस का दावा है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को प्राथमिकता दे रहे हैं और हर संभव कूटनीतिक चैनल को खुला रखने के पक्ष में हैं।
भारत सहित दुनिया के कई देशों के लिए रूस-यूक्रेन संघर्ष में अमेरिका की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है। इस युद्ध का असर न केवल यूरोप तक सीमित है,बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार,आपूर्ति श्रृंखला और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ रहा है। भारत जैसे देश,जो दोनों पक्षों के साथ अपने-अपने स्तर पर संबंध रखते हैं,इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी मानते हैं।
व्हाइट हाउस का यह बयान ऐसे समय आया है,जब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय युद्ध को खत्म करने के लिए नए सिरे से प्रयासों की जरूरत महसूस कर रहा है। भले ही इस वक्त ट्रंप और पुतिन के बीच सीधी बातचीत तय न हो,लेकिन अमेरिका का कहना है कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक गतिविधियाँ जारी हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या ये प्रयास किसी ठोस नतीजे तक पहुँच पाते हैं या नहीं।
व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए लगातार सक्रिय हैं और शांति प्रक्रिया को अपनी विदेश नीति का अहम हिस्सा बनाए हुए हैं। हालाँकि,रास्ता कठिन है,लेकिन अमेरिका का दावा है कि कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें जारी रहेंगी।
