वाशिंगटन,26 नवंबर (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब शांति बहाली की कोशिशें पहले से कहीं ज्यादा तेज होती दिख रही हैं। अमेरिका की नई पहल,यूक्रेन की सहमति और रूस की ओर से बातचीत को लेकर बढ़ते संकेतों के साथ अब एक ऐसे ऐतिहासिक समझौते की उम्मीद की जा रही है,जो करीब तीन साल से जारी इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 सूत्रीय पीस प्लान पर चर्चा को अंतिम रूप देने के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को मॉस्को भेजा है,जहाँ वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सीधे विचार-विमर्श करेंगे। इसी के समानांतर,यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी संकेत दिया है कि वह शांति-योजना पर बातचीत के लिए तैयार हैं और इसके कई बिंदुओं पर प्रगति भी हो चुकी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वे इस पीस प्लान को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने लिखा, “इस पीस प्लान पर फैसला करने की उम्मीद में,मैंने अपने स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ को मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिलने का आदेश दिया है। इसके अलावा,उसी समय अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल यूक्रेन के लोगों से मुलाकात करेंगे और उनसे फीडबैक लेंगे।” ट्रंप ने यह भी बताया कि इस 28 सूत्रीय प्लान को अमेरिका की टीम ने दोनों पक्षों के इनपुट के साथ तैयार किया है और अब केवल कुछ ही बिंदुओं पर मतभेद बाकी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी टीम की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह इस ड्राफ्ट को लगभग तैयार कर लिया था और इसमें मुख्य राजनीतिक,सैन्य और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को शामिल किया गया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार,ट्रंप का यह भी कहना है कि वे जल्द ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात कर सकते हैं। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात तभी संभव होगी,जब पीस प्लान बेहद अंतिम चरण में पहुँचे या दोनों नेता इस पर सहमति जता दें।
दूसरी ओर यूक्रेन में भी इस शांति प्रस्ताव पर तेजी से विचार किया जा रहा है। जेलेंस्की ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका और यूक्रेन द्वारा मिलकर तैयार किए गए जिनेवा ड्राफ्ट को आगे बढ़ाते हुए इसे एक व्यापक एग्रीमेंट में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी नेगोसिएशन टीम के साथ इस ड्राफ्ट के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की है और इन सिद्धांतों के आधार पर एक मजबूत समझौता होना दोनों देशों के साझा हित में है। जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि “हमारी प्राथमिकता वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करना है,ताकि यूक्रेन का भविष्य स्थिर हो सके।”
इंटरफैक्स-यूक्रेन न्यूज एजेंसी के अनुसार,यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक का कहना है कि जेलेंस्की जल्द ही राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात कर एक संयुक्त शांति-संधि को अंतिम रूप देना चाहते हैं। यरमक ने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति समझौते के अधिकतर बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा पहले दिए गए 28 सूत्रीय प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं,ताकि यह ड्राफ्ट व्यावहारिक और दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखने वाला बन सके। जेलेंस्की को उम्मीद है कि वे सीधे ट्रंप के साथ सीमा,सुरक्षा प्रावधानों,कब्जे वाले क्षेत्रों और युद्धोत्तर पुनर्निर्माण जैसे मुख्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका ने 28 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश करने के बाद रविवार को जिनेवा में अमेरिका,यूक्रेन और कई यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में युद्ध समाप्ति के लिए आवश्यक राजनीतिक और सैन्य ढाँचे पर चर्चा की गई। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर कई देशों के बीच समन्वित रूप से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अमेरिकी सेना के एक ताजा बयान के अनुसार,सोमवार और मंगलवार को अमेरिकी सेना के सचिव डेनियल ड्रिस्कॉल ने अबू धाबी में रूसी अधिकारियों के साथ इस ड्राफ्ट पर बातचीत की। यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है,क्योंकि यह अमेरिका और रूस के बीच उस स्तर पर संवाद को दर्शाती है,जो पिछले कई महीनों से तनावपूर्ण संबंधों के चलते लगभग ठप पड़ा हुआ था।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,युद्ध अब एक ऐसे चरण में पहुँच चुका है,जहाँ सभी पक्ष इससे बाहर निकलने के लिए तैयार दिखाई दे रहे हैं। रूस को आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के कारण गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है,वहीं यूक्रेन युद्ध से थक चुका है और अपने लोगों के लिए स्थिरता चाहता है। अमेरिका के लिए भी यह संघर्ष एक लंबी और महँगी जिम्मेदारी बन चुका है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन का यह कदम कूटनीतिक दृष्टि से एक बड़ा और प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।
अगर यह 28 सूत्रीय शांति योजना अंतिम रूप ले लेती है,तो यह न केवल युद्ध समाप्ति की राह खोलेगी,बल्कि यूरोप और दुनिया के लिए एक नए सुरक्षा ढाँचे की भी बुनियाद रखेगी। ट्रंप,पुतिन और जेलेंस्की के बीच संभावित मुलाकात को इस दिशा में सबसे बड़ा मोड़ माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्या यह ड्राफ्ट वास्तव में युद्ध को खत्म करने का आधार बन सकेगा या फिर यह भी पिछली कोशिशों की तरह अधूरा रह जाएगा,लेकिन इस बार दोनों पक्षों के बीच माहौल पहले की तुलना में कहीं अधिक सकारात्मक दिखाई दे रहा है,जिससे उम्मीद की किरण और मजबूत हो गई है।
