पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन (तस्वीर क्रेडिट @kaankit)

रूसी राष्ट्रपति पुतिन को पीएम मोदी की तरफ से भारत यात्रा का निमंत्रण मिला: क्रेमलिन

मॉस्को,3 दिसंबर (युआईटीवी)- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत यात्रा का निमंत्रण दिया है। यह जानकारी क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी। उशाकोव ने बताया कि दोनों देशों के नेताओं के बीच समझौता है कि वे हर साल एक-दूसरे से मिलते हैं और अब 2025 में यह भारत का मौका होगा,जब राष्ट्रपति पुतिन नई दिल्ली या भारत के अन्य स्थानों पर यात्रा करेंगे।

यूरी उशाकोव ने इस निमंत्रण को लेकर कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का निमंत्रण पुतिन को मिल चुका है और इस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। संभवतः, वर्ष की शुरुआत में यात्रा की तारीखें तय की जाएँगी।” इससे पहले 19 नवंबर को क्रेमलिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने भी कहा था कि राष्ट्रपति पुतिन जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं। पेसकोव ने रूसी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती से बात करते हुए कहा,”हम उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द हम पुतिन की यात्रा की सटीक तारीखें तय कर लेंगे। हमारे नेता हमेशा एक-दूसरे के देशों का दौरा करते रहते हैं और पीएम मोदी की रूस की दो यात्राओं के बाद अब यह पुतिन की बारी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि रूस भारत यात्रा के लिए बहुत गंभीरता से तैयारी कर रहा है और इस यात्रा को अत्यधिक महत्व दिया जाएगा। हालाँकि अभी तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। पेसकोव ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच निरंतर संवाद जारी रहता है,जिससे दोनों देशों के संबंध मजबूत बने रहते हैं।

भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक और घनिष्ठ संबंधों का लंबा इतिहास है। दोनों देशों के नेताओं के बीच नियमित मुलाकातें होती रहती हैं,जो द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करती हैं। उदाहरण के लिए,जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मास्को में आयोजित 22वें रूस-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इसके बाद अक्टूबर में पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन के लिए रूस के कज़ान शहर का दौरा किया था। इन मुलाकातों से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच सहयोग और रणनीतिक साझेदारी में निरंतर वृद्धि हो रही है।

पेसकोव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बारे में सीधे तौर पर जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी को पुतिन से सीधे जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है, जिससे वे स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन कर सकेंगे,बजाय इसके कि वह बाहरी प्रचार और सूचना के दबाव में आएं। पेसकोव ने बताया कि यह चर्चा न केवल द्विपक्षीय मुद्दों के लिए,बल्कि वैश्विक स्थिति के लिए भी अहम होगी।

रूस और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों की जड़ें कई दशकों पुरानी हैं,जो रक्षा, ऊर्जा, और व्यापार के क्षेत्रों में प्रगाढ़ सहयोग पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध भी मजबूत हैं और रूस भारतीय सेना को उच्च गुणवत्ता वाले हथियार और सैन्य उपकरण प्रदान करता रहा है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग भी बढ़ा है, जिसमें रूसी तेल और गैस की आपूर्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारत के लिए रूस का सहयोग एक महत्वपूर्ण रणनीतिक आवश्यकता है,खासकर जब पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण होते हैं। रूस की वैश्विक राजनीति में स्थिर और प्रभावशाली भूमिका भारत के लिए बहुत लाभकारी रही है। पुतिन की भारत यात्रा, जो अगले कुछ सालों में होने की संभावना है, दोनों देशों के लिए एक नई साझेदारी और सहयोग के द्वार खोल सकती है।

भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी भविष्य में और भी मजबूत होने की संभावना है,खासकर जब दोनों देश वैश्विक मुद्दों पर एकजुट होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सहयोग से दोनों देशों के संबंधों में नए आयाम जुड़ सकते हैं,जिससे न केवल आर्थिक और सैन्य सहयोग को बल मिलेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर दोनों देशों की स्थिति भी मजबूत होगी।