प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट,आदमपुर’ का नामकरण और हलवारा टर्मिनल का उद्घाटन (तस्वीर क्रेडिट@OpIndia_in)

संत गुरु रविदास जयंती पर पंजाब को बड़ी सौगात,प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट,आदमपुर’ का नामकरण और हलवारा टर्मिनल का उद्घाटन

नई दिल्ली,31 जनवरी (युआईटीवी)- संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य को धार्मिक सम्मान और आधुनिक बुनियादी ढाँचे से जुड़ी दो अहम सौगातें देंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 3:45 बजे आदमपुर एयरपोर्ट पहुँचेंगे,जहाँ वे एयरपोर्ट के नए नाम ‘श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट,आदमपुर’ का औपचारिक अनावरण करेंगे। इसके साथ ही वे लुधियाना जिले में स्थित हलवारा एयरपोर्ट पर नवनिर्मित टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन भी करेंगे,जिसे पंजाब के एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संत गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर आदमपुर एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखा जाना उस महान संत और समाज सुधारक के प्रति सम्मान का प्रतीक है,जिनकी शिक्षाएँ समानता,करुणा और मानवीय गरिमा पर आधारित थीं। गुरु रविदास जी ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और एक ऐसे समाज का सपना देखा, जहाँ हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले। पीएमओ के मुताबिक,उनकी शिक्षाएँ आज भी भारत के सामाजिक और नैतिक मूल्यों को दिशा देती हैं और उनके नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट’ किया जाना सिर्फ एक प्रतीकात्मक फैसला नहीं माना जा रहा,बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। पंजाब और आसपास के राज्यों में गुरु रविदास जी के अनुयायियों की बड़ी संख्या है और यह कदम उनके सम्मान और आस्था को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है। इससे क्षेत्रीय पहचान को मजबूती मिलने के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश भी जाएगा।

प्रधानमंत्री के इस दौरे का दूसरा बड़ा पड़ाव लुधियाना के पास स्थित हलवारा एयरपोर्ट होगा, जहाँ वे नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे। पीएमओ ने अपने बयान में कहा है कि यह टर्मिनल पंजाब के लिए एक नए गेटवे के रूप में विकसित होगा और इससे लुधियाना तथा आसपास के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों की लंबे समय से चली आ रही कनेक्टिविटी संबंधी जरूरतें पूरी होंगी। लुधियाना पंजाब का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है,जहाँ टेक्सटाइल,साइकिल,मशीन टूल्स और कृषि आधारित उद्योग बड़े पैमाने पर सक्रिय हैं। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार,निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

हलवारा का महत्व केवल नागरिक उड्डयन तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम है,क्योंकि यहाँ भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण एयर स्टेशन स्थित है। अब तक लुधियाना के पुराने एयरपोर्ट पर रनवे छोटा था,जिसके कारण केवल छोटे विमानों की आवाजाही संभव थी। इससे हवाई संपर्क सीमित था और बड़े विमानों का संचालन नहीं हो पाता था। इस समस्या को दूर करने के लिए हलवारा में एक नया सिविल एन्क्लेव विकसित किया गया है,जिसमें लंबा और आधुनिक रनवे बनाया गया है। यह रनवे ए320 जैसे बड़े विमानों को सँभालने में सक्षम है,जिससे देश के प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों का रास्ता साफ होगा।

नए टर्मिनल की खास बात यह है कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास के विजन के अनुरूप डिजाइन किया गया है। टर्मिनल बिल्डिंग में कई हरित और ऊर्जा-कुशल सुविधाएँ शामिल की गई हैं। इनमें एलईडी लाइटिंग,इंसुलेटेड छत,रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम,सीवेज और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा लैंडस्केपिंग के लिए रिसाइकल किए गए पानी का उपयोग प्रमुख हैं। इन उपायों का उद्देश्य न केवल ऊर्जा की बचत करना है,बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी न्यूनतम रखना है।

आर्किटेक्चरल डिजाइन के स्तर पर भी हलवारा टर्मिनल को खास बनाने की कोशिश की गई है। इसकी संरचना और आंतरिक सज्जा में पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। पारंपरिक रंगों,स्थानीय कला और क्षेत्रीय तत्वों को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ा गया है,ताकि यात्रियों को एक विशिष्ट और पंजाब की पहचान से जुड़ा हुआ यात्रा अनुभव मिल सके।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब केंद्र सरकार देशभर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दे रही है। पंजाब में एविएशन सुविधाओं का विस्तार न केवल यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा,बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। संत गुरु रविदास जी की जयंती पर आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण और हलवारा टर्मिनल का उद्घाटन—ये दोनों कदम सामाजिक सम्मान और विकास के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाने के रूप में देखे जा रहे हैं।