नई दिल्ली,12 फरवरी (युआईटीवी)- दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की अरबों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में एक नया कानूनी मोड़ तब आया जब संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने उनकी बहन मंधीरा कपूर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 20 करोड़ रुपये का सिविल मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। प्रिया कपूर ने अदालत से माँग की है कि मंधीरा कपूर को उनके खिलाफ किसी भी तरह के बयान देने,आरोप लगाने या उन्हें सार्वजनिक मंचों पर दोहराने से रोका जाए।
इससे पहले भी यह विवाद अदालत की चौखट तक पहुँच चुका है। प्रिया कपूर ने मंधीरा कपूर और पॉडकास्टर पूजा चौधरी के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। उस मामले में अदालत ने दोनों को नोटिस जारी किया था। अब सिविल मानहानि के दावे के साथ मामला हाईकोर्ट में पहुँच गया है,जिससे यह संकेत मिलते हैं कि परिवार के भीतर का विवाद सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है।
प्रिया कपूर का आरोप है कि मंधीरा कपूर और पूजा चौधरी ने सोशल मीडिया, पॉडकास्ट,मीडिया इंटरव्यू और अन्य सार्वजनिक मंचों के जरिए उनके खिलाफ झूठे, भ्रामक और व्यक्तिगत हमलों से भरे बयान दिए हैं। उनका कहना है कि इन बयानों का उद्देश्य उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना है। प्रिया का दावा है कि इन आरोपों के कारण उन्हें मानसिक आघात और सार्वजनिक अपमान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अदालत से न केवल हर्जाने की माँग की है,बल्कि यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में उनके खिलाफ इस तरह के कथित अपमानजनक बयान प्रसारित न किए जाएं।
पूरा विवाद संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति और वसीयत को लेकर शुरू हुआ। संजय कपूर,जो अपने व्यावसायिक साम्राज्य के लिए जाने जाते थे,अपने पीछे विशाल संपत्ति छोड़ गए। बताया जाता है कि उनकी संपत्ति का मूल्य अरबों रुपये में है। संजय कपूर ने अपने जीवन में तीन शादियाँ की थीं। पहली पत्नी से उनके दो बच्चे हैं,जबकि दूसरी पत्नी प्रिया कपूर से उनका एक बेटा है। परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच संपत्ति के बँटवारे,वसीयत की वैधता और ट्रस्ट से जुड़े अधिकारों को लेकर मतभेद उभर आए हैं।
मंधीरा कपूर ने पहले सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि प्रिया कपूर पूरी संपत्ति पर नियंत्रण चाहती हैं और अन्य परिवारजनों के अधिकारों की अनदेखी कर रही हैं। हालाँकि, प्रिया कपूर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वह केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही हैं और अपने बेटे के हितों की रक्षा कर रही हैं। उन्होंने मंधीरा के आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और असत्य बताया है।
इस विवाद ने केवल परिवार तक ही सीमित न रहकर सार्वजनिक चर्चा का रूप ले लिया है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस मामले को लेकर विभिन्न दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जब संपत्ति का मूल्य अत्यधिक होता है और परिवार में कई दावेदार होते हैं,तब इस तरह के विवाद सामान्य हो जाते हैं,लेकिन जब आरोप-प्रत्यारोप सार्वजनिक मंचों पर पहुँच जाते हैं,तो मामला और जटिल हो जाता है।
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर सिविल मानहानि याचिका में प्रिया कपूर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके खिलाफ दिए गए बयान उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश हैं। उन्होंने अदालत से स्थायी निषेधाज्ञा जारी करने की माँग की है,ताकि मंधीरा कपूर भविष्य में इस तरह के आरोप न दोहरा सकें। अदालत अब इस मामले की सुनवाई करेगी और यह तय करेगी कि क्या प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला बनता है या नहीं।
दूसरी ओर,मंधीरा कपूर ने पहले दिए गए अपने बयानों में कहा था कि उन्होंने कोई झूठ नहीं बोला है और उनका उद्देश्य केवल सच्चाई को सामने लाना है। उनका कहना है कि यह विवाद सिर्फ पैसों का नहीं,बल्कि पारदर्शिता और न्याय का है।
अब यह पारिवारिक विवाद पूरी तरह कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है,जिसमें सिविल और आपराधिक दोनों तरह के मामले शामिल हैं। आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही यह तय करेगी कि आरोपों में कितना दम है और संपत्ति के बँटवारे का अंतिम स्वरूप क्या होगा। फिलहाल,संजय कपूर की विरासत को लेकर परिवार के भीतर का यह संघर्ष सार्वजनिक और न्यायिक दोनों मंचों पर जारी है।
