रिंकू सिंह (तस्वीर क्रेडिट@JaikyYadav16)

पिता के निधन के बाद शनिवार को टीम इंडिया से जुड़ेंगे रिंकू सिंह,सुपर-8 में वेस्टइंडीज से ‘करो या मरो’ मुकाबला

नई दिल्ली,28 फरवरी (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शुक्रवार सुबह उनके पिता खान चंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस निजी क्षति के बावजूद रिंकू सिंह शनिवार को टीम इंडिया से जुड़ेंगे,क्योंकि भारतीय टीम को सुपर-8 राउंड में एक अहम मुकाबला खेलना है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की कि रिंकू सिंह कोलकाता में शनिवार को टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चेन्नई से सुबह करीब 5 बजे रवाना हुए थे। रिंकू के पिता की हालत 21 फरवरी को अचानक बिगड़ गई थी,जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालात गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया,लेकिन शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।

रिंकू सिंह के लिए यह समय बेहद भावनात्मक और कठिन है। हाल ही में उनके परिवार में खुशियों का माहौल था,क्योंकि उनकी शादी तय हुई थी। ऐसे समय में पिता का साथ छूट जाना न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि मानसिक रूप से भी बड़ा आघात है। क्रिकेट जगत से लेकर खेल प्रशंसकों तक,सभी ने इस दुखद खबर पर संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के चीफ प्रेम मनोहर गुप्ता ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि रिंकू सिंह के पिता के निधन की खबर सुनकर बेहद पीड़ा हुई है। परिवार में हाल ही में खुशियाँ आई थीं और इस तरह का नुकसान बहुत बड़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरा यूपीसीए इस मुश्किल समय में रिंकू और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।

बीसीसीआई के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि रिंकू सिंह के पिता के गुजर जाने की खबर सुनकर अत्यंत दुख हुआ है और इस कठिन समय में उनकी गहरी संवेदनाएँ खिलाड़ी और उनके परिवार के साथ हैं। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि रिंकू को इस दुख को सहने की शक्ति मिले।

इस बीच भारतीय टीम की नजरें सुपर-8 राउंड के निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं। रविवार को टीम इंडिया का सामना वेस्टइंडीज से होना है। यह मुकाबला ‘करो या मरो’ की स्थिति वाला माना जा रहा है। सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए भारतीय टीम को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। सुपर-8 के पहले मैच में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था,जिससे समीकरण जटिल हो गए हैं। हालाँकि,जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम ने दमदार वापसी करते हुए 72 रनों से जीत हासिल की और उम्मीदों को जिंदा रखा।

टीम की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में है और बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह की भूमिका अहम मानी जा रही है। पिछले कुछ समय में रिंकू ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टीम को कई अहम मौकों पर जीत दिलाई है। दबाव के क्षणों में शांत रहकर बड़े शॉट खेलने की उनकी क्षमता ने उन्हें टीम का भरोसेमंद फिनिशर बना दिया है। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले मुकाबले में उनका मौजूद रहना टीम संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

हालाँकि,यह भी सच है कि किसी खिलाड़ी के लिए निजी शोक की स्थिति में मैदान पर उतरना आसान नहीं होता। रिंकू सिंह को अब व्यक्तिगत दुख और पेशेवर जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना होगा। टीम प्रबंधन और साथी खिलाड़ियों की कोशिश रहेगी कि वे उन्हें मानसिक रूप से सहयोग दें और इस कठिन समय में उनका मनोबल बनाए रखें।

क्रिकेट इतिहास में कई बार ऐसा देखा गया है,जब खिलाड़ियों ने निजी दुख के बावजूद देश के लिए खेलते हुए अदम्य साहस दिखाया है। रिंकू सिंह के सामने भी कुछ ऐसी ही चुनौती है। उनके पिता हमेशा उनके करियर के सबसे बड़े समर्थक रहे थे। संघर्ष के दिनों में परिवार ने जो त्याग किए,रिंकू अक्सर उसका जिक्र करते रहे हैं। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए सिर्फ खेल नहीं,बल्कि अपने पिता को श्रद्धांजलि देने का भी अवसर बन सकता है।

भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला रणनीतिक रूप से भी अहम है। वेस्टइंडीज की टीम अपने घरेलू हालात और ताकतवर बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को अनुशासित प्रदर्शन करना होगा,जबकि बल्लेबाजों को जिम्मेदारी से खेलना होगा। रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी की मौजूदगी अंतिम ओवरों में टीम को बढ़त दिला सकती है।

फिलहाल पूरे देश की संवेदनाएँ रिंकू सिंह और उनके परिवार के साथ हैं। क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि वह इस कठिन समय में खुद को सँभालेंगे और मैदान पर वही जुझारूपन दिखाएँगे,जिसके लिए वह जाने जाते हैं। रविवार का मुकाबला न सिर्फ टीम इंडिया के लिए,बल्कि रिंकू सिंह के लिए भी भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।