जम्मू,5 अगस्त (युआईटीवी)- जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने की आज पाँचवीं वर्षगांठ है,जिसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिए हैं। सुरक्षा बल के जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त किए जाने की पाँचवीं वर्षगांठ के मद्देनजर सख्त सुरक्षा व्यवस्था किए गए हैं और इस दौरान हर एक शख्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्र में कोई अनहोनी घटित न हो इसके लिए तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।
इस बीच एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा को सुरक्षा कारणों के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पाँच साल पूरे होने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए लिया गया है। 29 जून 2024 को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है। 4.90 लाख से अधिक तीर्थयात्री पिछले 36 दिनों में अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं। रविवार को जम्मू से 1,112 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। अमरनाथ की यात्रा 52 दिनों के बाद 19 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहार के साथ समाप्त होगी।
अधिकारियों के मुताबिक,अखनूर नियंत्रण रेखा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर चेकपोस्ट स्थापित किया गया है और क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है। वाहनों और दस्तावेजों की गहनता से जाँच की जा रही है। सुरक्षा बलों को पुलिस की एक एडवाइजरी में ‘ड्राई डे’ मनाने और काफिले को आगे बढ़ाने से परहेज करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, अमरनाथ यात्रा को एहतियात के तौर पर एक दिन के लिए रोक दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि एक दिन के लिए इस यात्रा को एहतियात के तौर पर रोक दिया गया है।
इस बीच, अनुच्छेद 370 की पाँचवीं वर्षगांठ मनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने ‘एकात्म महोत्सव’ रैली का आयोजन करेगी। वहीं,5 अगस्त को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) काला दिवस के रूप में मनाएगी और पार्टी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी।
केंद्र ने 5 अगस्त, 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया, जिसने भारतीय संघ के भीतर जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम भी केंद्र ने पारित किया, जिसने पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों: लद्दाख और जम्मू और कश्मीर में विभाजित कर दिया।