नई दिल्ली,25 फरवरी (युआईटीवी)- बेंगलुरु के एक हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ आया है। कथित सामूहिक बलात्कार के एक आरोपी ने दावा किया है कि शिकायतकर्ता ने उससे पैसे ऐंठने की कोशिश की थी और वह किसी से ‘शुगर डैडी’ (पैसे के लिए किसी को अपने साथ रखना) चाहती थी। पुलिस पूछताछ और कानूनी कार्यवाही के दौरान दिए गए इस बयान ने पहले से ही संवेदनशील जाँच को और भी पेचीदा बना दिया है।
यह मामला तब सामने आया,जब एक महिला ने कई व्यक्तियों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मामला दर्ज कर आपराधिक कानून की संबंधित धाराओं के तहत जाँच शुरू की। बताया जा रहा है कि जाँच के तहत मेडिकल जाँच,डिजिटल सबूत और गवाहों के बयानों की समीक्षा की जा रही है।
पूछताछ के दौरान,एक आरोपी ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया और आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने पैसे की माँग की थी और दावा किया कि यह सब आपसी सहमति से हुआ था। उसने आगे आरोप लगाया कि जब उसकी वित्तीय माँगें पूरी नहीं हुईं,तो उसने शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि सभी दावों और प्रतिदावों की गहन जाँच की जा रही है। अधिकारी घटनाक्रम का पता लगाने के लिए कॉल रिकॉर्ड,चैट हिस्ट्री, वित्तीय लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की छानबीन कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में इस तरह के प्रतिदावे असामान्य नहीं हैं,लेकिन वे इस बात पर बल देते हैं कि निष्कर्ष केवल व्यापक और निष्पक्ष जाँच के बाद ही निकाले जा सकते हैं।
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए,मामले की सक्रिय रूप से जाँच जारी है। अधिकारियों ने जनता और मीडिया से अटकलों से बचने और उचित कानूनी प्रक्रिया को अपना काम करने देने का आग्रह किया है।
यह मामला गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों में सावधानीपूर्वक कानूनी जाँच,शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशीलता और साक्ष्य-आधारित निष्कर्षों की आवश्यकता को उजागर करता है।
