शुभमन गिल

शुभमन गिल की नई भूमिका: रोहित-विराट जैसे दिग्गजों के साथ कप्तानी का पहला बड़ा इम्तिहान

नई दिल्ली,18 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 19 अक्टूबर से शुरू हो रही वनडे सीरीज कई मायनों में खास होने जा रही है। यह सीरीज न केवल दो दिग्गज टीमों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई होगी,बल्कि भारतीय टीम के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी दे रही है। इस बार भारतीय टीम की कमान युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के हाथों में सौंपी गई है। महज 26 साल की उम्र में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने वाले गिल को अब उसी टीम का नेतृत्व करना है,जिसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे पूर्व कप्तान शामिल हैं।

गिल के लिए यह जिम्मेदारी जितनी गर्व की बात है,उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है। वह ऐसी टीम की अगुवाई कर रहे हैं,जिसने पिछले दशक में रोहित और विराट की कप्तानी में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। हालाँकि,गिल ने साफ कहा है कि टीम में उनके और दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच किसी भी तरह की दूरी या असहजता नहीं है। उन्होंने पर्थ में पहले वनडे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे लगता है कि बाहर की कहानी अलग है,लेकिन हमारे बीच कुछ भी नहीं बदला है। सब कुछ पहले जैसा ही है। वे अब भी वैसे ही मदद करते हैं,जैसे पहले करते थे। यह मेरे लिए बहुत मददगार है।”

गिल ने बताया कि वह हमेशा से रोहित शर्मा और विराट कोहली को अपना आदर्श मानते आए हैं। बचपन में जब उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की थी,तब इन दोनों खिलाड़ियों की शैली,उनकी समर्पण भावना और जीत की भूख ने उन्हें बेहद प्रेरित किया था। उन्होंने कहा, “ये वही खिलाड़ी हैं,जिन्हें मैं बचपन में अपना रोल मॉडल मानता था। उनकी जिस तरह की भूख ने मुझे प्रेरित किया,उससे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। आज उन्हीं दिग्गजों के साथ मैदान पर उतरना और उनकी कप्तानी के बाद टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है।”

गिल का यह बयान उस परिपक्वता का परिचायक है,जो किसी सच्चे कप्तान में होनी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अब भी विराट और रोहित से सलाह लेते हैं और किसी भी स्थिति में उनके अनुभव का लाभ उठाने में हिचकिचाते नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जब भी मुझे किसी चीज को लेकर कोई संदेह होता है,मैं उनके पास जाता हूँ। उनके सुझाव लेता हूँ,उनकी सलाह लेता हूँ। वे मुझे कुछ भी बताने में कभी नहीं हिचकिचाते। मुझे लगता है कि यही अनुभव का असली खजाना है।”

गिल ने आगे बताया कि क्रिकेट मैदान पर हर स्थिति अलग होती है और ऐसे में दो ऐसे दिग्गज खिलाड़ियों का साथ होना किसी वरदान से कम नहीं है। “जो कुछ भी वे महसूस करते हैं,उनका अनुभव,जो कुछ भी उन्होंने सीखा है — चाहे वह पिच को पढ़ना हो या किसी भी परिस्थिति में खेलना — मैं उनके पास जाकर पूछता हूँ कि अगर वे मेरी जगह होते,तो इसे कैसे संभालते। फिर अपने खेल की समझ के आधार पर फैसला लेता हूँ। मुझे लोगों के विचार जानना पसंद है।”

यह बयान यह भी दर्शाता है कि शुभमन गिल कप्तानी के बोझ को अहंकार के रूप में नहीं,बल्कि सीखने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में तैयार करने का फैसला किया है। यह सीरीज भी इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है,क्योंकि 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का नया ढाँचा बनना शुरू हो चुका है।

गिल ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने टीम को आगे बढ़ाने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली से कई बार लंबी बातचीत की है। “टीम को कैसे आगे बढ़ाया जाए,इस पर रोहित और विराट दोनों के साथ मेरी कई बार बातचीत हुई है। मुझे लगता है कि ये सीख और अनुभव हमारी टीम को आगे बढ़ने में मदद करेंगे।”

गिल के इस दृष्टिकोण से यह साफ झलकता है कि वह न केवल एक तकनीकी रूप से दक्ष बल्लेबाज हैं,बल्कि टीम की भावनाओं और संतुलन को समझने वाले कप्तान भी बन रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत का ध्यान केवल मैच जीतने पर नहीं,बल्कि एक मजबूत और एकजुट टीम तैयार करने पर रहेगा।

पिछले कुछ महीनों में शुभमन गिल ने अपने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कई अहम पारियाँ खेलकर यह साबित किया है कि वह किसी भी परिस्थिति में टिककर खेल सकते हैं। उनके पास धैर्य,तकनीक और नेतृत्व तीनों के गुण हैं। यही वजह है कि बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपने में संकोच नहीं किया।

गिल का कहना है कि कप्तानी का दबाव उन्हें प्रेरित करता है। उन्होंने कहा, “मैं इसे दबाव के रूप में नहीं,बल्कि अवसर के रूप में देखता हूँ। जब आपके पास ऐसे खिलाड़ी हों,जिनसे आप हर पल कुछ सीख सकते हैं,तो यह अनुभव और भी खास बन जाता है। मुझे यकीन है कि इस सीरीज में ऐसे कई पल आएँगे,जब मैं उनसे सीख पाउँगा। अगर मैं किसी मुश्किल स्थिति में आ जाऊँ,तो उनसे सलाह लेने से नहीं हिचकिचाऊंगा।”

भारत-ऑस्ट्रेलिया की यह सीरीज इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि दोनों टीमों के बीच हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। पर्थ की तेज और उछालभरी पिच पर भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा होगी,वहीं कप्तान गिल के सामने यह साबित करने का मौका होगा कि वे न केवल भविष्य के कप्तान हैं,बल्कि वर्तमान में भी जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

शुभमन गिल की यह नई भूमिका भारतीय क्रिकेट के लिए एक रोमांचक अध्याय की शुरुआत है। अगर वह इस सीरीज में अपने नेतृत्व से टीम को सफलता की राह पर ले जाने में कामयाब होते हैं,तो यह न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई देगा,बल्कि भारतीय क्रिकेट को भी एक भरोसेमंद उत्तराधिकारी मिल जाएगा,जो रोहित-विराट की विरासत को आगे बढ़ा सके।