परिवहन सचिव सीन डफी (तस्वीर क्रेडिट@maurice_lippy)

अमेरिका में शटडाउन का बढ़ता असर: अब हवाई सेवाओं पर संकट,40 हवाई अड्डों पर उड़ानों में 10 प्रतिशत कटौती

वाशिंगटन,6 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका में चल रहे सरकारी शटडाउन का असर अब देश की हवाई सेवाओं पर भी गहराई से पड़ने लगा है। शुक्रवार सुबह से संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार 40 प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन में 10 प्रतिशत की कटौती करने जा रही है। परिवहन सचिव सीन डफी ने बुधवार को यह घोषणा की,जिसके बाद अमेरिकी एविएशन सेक्टर में चिंता की लहर दौड़ गई है। अमेरिका में यह शटडाउन अब अपने 36वें दिन में पहुँच चुका है और यह देश के इतिहास का सबसे लंबा सरकारी ठपकाल बन गया है।

सीन डफी ने कहा कि यह कदम एक “सक्रिय और एहतियाती कदम” है,जिसका उद्देश्य हवाई यातायात नियंत्रण संचालन पर बढ़ते दबाव को संभालना है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की भारी कमी और परिचालन तनाव के चलते उड़ानों को सामान्य रूप से संचालित करना कठिन हो गया है। इसलिए,एफएए (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) ने सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए उड़ान संचालन में कटौती का यह कठिन निर्णय लिया है।

डफी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह कदम अस्थायी है,लेकिन इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई जा सकती। जब तक हमें यह विश्वास नहीं हो जाता कि सिस्टम स्थिर हो चुका है और स्टाफिंग स्तर बेहतर हो गए हैं,तब तक यह निर्णय लागू रहेगा। हमें लगा कि वर्तमान दबाव को देखते हुए 10 प्रतिशत कटौती का आँकड़ा उचित है।”

इस कटौती के परिणामस्वरूप देशभर में प्रतिदिन लगभग 3,500 से 4,000 उड़ानें प्रभावित होंगी,जिनमें वाणिज्यिक और मालवाहक दोनों श्रेणियों की उड़ानें शामिल हैं। हालाँकि,सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन-किन हवाई अड्डों पर यह कटौती लागू की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि गुरुवार तक इस संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने भी पुष्टि की है कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से आवश्यक था। शटडाउन के चलते कई हवाई यातायात नियंत्रक (एयर ट्रैफिक कंट्रोलर) और ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) के निरीक्षक बिना वेतन के काम कर रहे हैं। एफएए प्रशासक ब्रायन बेडफोर्ड ने बताया कि एजेंसी के आँकड़ों से यह स्पष्ट हो रहा है कि कर्मचारियों में परिचालन तनाव,थकान और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस स्थिति को जल्द नहीं सुधारा गया,तो अमेरिका की एयरलाइन प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

बेडफोर्ड ने कहा, “हमारे एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स दुनिया के सबसे कुशल पेशेवरों में से हैं,लेकिन वे भी इंसान हैं। लगातार बिना वेतन और बढ़ते काम के बोझ के बीच काम करना जोखिमपूर्ण है। यदि हम इस मुद्दे को अनदेखा करते हैं,तो हम अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल देंगे।”

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को “आवश्यक कर्मचारी” के रूप में वर्गीकृत किया गया है,जिसका अर्थ है कि शटडाउन के दौरान भी उन्हें काम जारी रखना होता है। हालाँकि,उनकी वेतन भुगतान प्रक्रिया रुक जाने से असंतोष और मानसिक थकावट का स्तर लगातार बढ़ रहा है। एफएए का यह कदम—निर्धारित उड़ान क्षमता में 10 प्रतिशत की कमी—सरकारी शटडाउन के दौरान अब तक की सबसे अभूतपूर्व कार्रवाई मानी जा रही है।

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि इस निर्णय के चलते देशभर में उड़ानों में देरी और रद्द होने के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर आने वाले हफ्तों में जब देश थैंक्सगिविंग यात्रा सीजन में प्रवेश करेगा,जो अमेरिका में साल के सबसे व्यस्त यात्रा समयों में से एक है—तब यह संकट और गहराने की आशंका है।

अमेरिका की प्रमुख एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन ‘एयरलाइंस फॉर अमेरिका’ ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वह “सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है,ताकि नए कटौती आदेश के सभी पहलुओं को समझा जा सके और यात्रियों व मालवाहक उड़ानों पर इसके प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।” संगठन ने कहा कि वे इस निर्णय के बावजूद सेवा को स्थिर बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

एफएए ने दोहराया कि अमेरिकी हवाई क्षेत्र अभी भी सुरक्षित और पूरी तरह से परिचालित है,लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शटडाउन लंबा खिंचता है,तो कर्मचारियों की कमी और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के चलते भविष्य में और प्रतिबंध लागू करने की नौबत आ सकती है।

देशभर के हवाई अड्डों पर पिछले कुछ दिनों से उड़ानों में देरी का सिलसिला पहले से ही देखने को मिल रहा है। एफएए के आँकड़ों के अनुसार,पिछले सप्ताहांत में कुछ सबसे गंभीर व्यवधान दर्ज किए गए। रविवार को ही अमेरिका के हवाई अड्डों से आने-जाने वाली 5,000 से अधिक उड़ानें विलंबित हुईं,जबकि सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

परिवहन सचिव डफी ने कहा कि “हम जानते हैं कि यह निर्णय यात्रियों और एयरलाइनों दोनों के लिए असुविधाजनक है,लेकिन सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम अपने हवाई क्षेत्र की अखंडता और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर सकते।”

वहीं,विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह शटडाउन और लंबा खिंचता है,तो इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी गहरा पड़ेगा। हवाई यात्रा में देरी और उड़ानों की रद्दीकरण से पर्यटन,व्यापारिक यात्राओं और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा,मालवाहक उड़ानों में रुकावट से आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी दबाव बढ़ेगा,जिससे उपभोक्ताओं तक वस्तुओं की डिलीवरी में देरी हो सकती है।

अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन अब एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या के रूप में सामने आ रहा है,जिसका असर न केवल सरकारी विभागों तक सीमित है,बल्कि अब आम जनता के जीवन और देश की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। हवाई सेवाओं पर 10 प्रतिशत की कटौती इस बात का संकेत है कि स्थिति कितनी बिगड़ चुकी है। यदि प्रशासन और कांग्रेस के बीच गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ,तो अमेरिका की विश्वस्तरीय एविएशन प्रणाली को भी गहरे संकट का सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों,एयरलाइनों और कर्मचारियों के बीच अब यही उम्मीद है कि जल्द कोई समाधान निकले और आसमान में उड़ानें फिर से सामान्य रफ्तार पकड़ें।