नई दिल्ली,16 फरवरी (युआईटीवी)- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स,जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था,सोमवार शाम करीब सात बजे अचानक डाउन हो गया। इस तकनीकी खराबी के कारण भारत समेत दुनिया भर के हजारों यूजर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यूजर्स ने शिकायत की कि उनकी फीड लोड नहीं हो रही थी और स्क्रीन पर खाली पेज दिखाई दे रहा था। कई लोगों के लिए अकाउंट में लॉग इन करना भी संभव नहीं हो पा रहा था।
आउटेज की निगरानी करने वाले पोर्टल डाउन डिटेक्टर के अनुसार,कुछ ही समय में शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़कर 25,000 से अधिक हो गई। वेबसाइट पर दर्ज आँकड़ों से पता चला कि लगभग 53 प्रतिशत यूजर्स अपने अकाउंट में लॉग इन नहीं कर पा रहे थे,जबकि 16 प्रतिशत यूजर्स ने वेबसाइट एक्सेस करने में समस्या की सूचना दी। इसके अलावा कई लोगों ने ऐप के जरिए पोस्ट लोड न होने और टाइमलाइन रिफ्रेश न होने की शिकायत की।
अचानक हुए इस आउटेज का कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। कंपनी की ओर से देर रात तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या सर्वर से जुड़ी हो सकती है,हालाँकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने स्क्रीनशॉट साझा कर अपनी परेशानी जाहिर की और पूछा कि आखिर एक्स पर क्या हो रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब एक्स को इस तरह की तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा हो। पिछले साल नवंबर में भी भारत और विश्व के कई हिस्सों में हजारों यूजर्स को सेवा में व्यवधान का सामना करना पड़ा था। उस समय न केवल एक्स,बल्कि वे अन्य वेबसाइटें भी प्रभावित हुई थीं,जो क्लाउडफ्लेयर के इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर थीं। क्लाउडफ्लेयर ने उस समय पुष्टि की थी कि वह समस्या से अवगत है और मामले की जाँच की जा रही है। बाद में तकनीकी खामी को दूर कर सेवाएँ बहाल कर दी गई थीं।
नवंबर के आउटेज के दौरान डाउन डिटेक्टर स्वयं भी प्रभावित हुआ था,क्योंकि वह भी क्लाउडफ्लेयर की सेवाओं पर निर्भर है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की किसी बड़ी गड़बड़ी का असर एक साथ कई प्लेटफॉर्म्स पर पड़ सकता है। हालाँकि,मौजूदा घटना में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि समस्या का संबंध क्लाउडफ्लेयर या किसी अन्य थर्ड-पार्टी सेवा से है या नहीं।
इस साल मई में भी एक्स को वैश्विक स्तर पर आउटेज का सामना करना पड़ा था। उस समय भारत सहित कई देशों के यूजर्स नए पोस्ट लोड करने और लॉग इन करने में असमर्थ रहे थे। डाउन डिटेक्टर के आँकड़ों के अनुसार,उस घटना में 41 प्रतिशत यूजर्स लॉग इन नहीं कर पा रहे थे, 41 प्रतिशत ने ऐप में दिक्कत बताई थी और 18 प्रतिशत ने वेबसाइट में समस्या की सूचना दी थी। कंपनी ने उस व्यवधान के कारणों पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया था।
सोमवार शाम की घटना के दौरान भारत में भी बड़ी संख्या में यूजर्स ने वेबसाइट तक पहुँचने की कोशिश की,लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। कई यूजर्स को ‘समथिंग वेंट रॉन्ग’ जैसे संदेश दिखाई दिए, जबकि कुछ के लिए ऐप पूरी तरह से काम करना बंद कर गया। वैश्विक स्तर पर 5,000 से अधिक यूजर्स ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई। विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है,क्योंकि हर यूजर शिकायत दर्ज नहीं कराता।
डिजिटल संचार के इस दौर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का ठप हो जाना न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं बल्कि मीडिया संगठनों,व्यवसायों और सरकारी एजेंसियों के लिए भी परेशानी का कारण बनता है। एक्स का उपयोग दुनिया भर में समाचार साझा करने,आधिकारिक घोषणाएँ करने और जनसंपर्क गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में कुछ घंटों की भी तकनीकी रुकावट व्यापक असर डाल सकती है।
फिलहाल कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यूजर्स उम्मीद कर रहे हैं कि तकनीकी टीम जल्द-से-जल्द समस्या की जड़ तक पहुँचेगी और सेवाएँ पूरी तरह बहाल होंगी। बार-बार होने वाले आउटेज ने प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं,खासकर तब जब प्रतिस्पर्धी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स लगातार अपनी सेवाओं को मजबूत कर रहे हैं।
जब तक कंपनी की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती,तब तक यह कहना मुश्किल है कि आउटेज की असली वजह क्या रही। हालाँकि,एक बात साफ है कि डिजिटल दुनिया में किसी भी बड़े प्लेटफॉर्म की तकनीकी विफलता लाखों यूजर्स के दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।
