सोहा अली खान और कुणाल खेमू

सोहा अली खान का दमदार फिटनेस वीडियो वायरल, फंक्शनल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से दी नया फिटनेस लक्ष्य

मुंबई,4 दिसंबर (युआईटीवी)- अभिनेत्री सोहा अली खान अपनी अभिनय यात्रा से अधिक इन दिनों अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए सुर्खियों में रहती हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली सोहा अक्सर अपनी वर्कआउट से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करती हैं,जिनसे उनके प्रशंसक प्रेरणा लेते हैं। बुधवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया वीडियो पोस्ट किया,जिसने फिटनेस प्रेमियों का ध्यान खींच लिया। इस वीडियो में सोहा जिस तरह की चुनौतीपूर्ण एक्सरसाइज करती दिख रही हैं,वह न केवल उनकी मेहनत को दर्शाती है,बल्कि यह भी साबित करती है कि निरंतर अभ्यास किसी भी उम्र में शरीर को मजबूत और संतुलित बना सकता है।

वीडियो में सोहा फर्श पर रोल करते हुए हाथों में वजन पकड़े नजर आती हैं। यह एक कठिन एक्सरसाइज मानी जाती है,जो शरीर की स्टेबिलिटी,कोर स्ट्रेंथ और मूवमेंट कंट्रोल को सुधारती है। इसके साथ ही वह बार पकड़कर पैरों को ऊपर उठाने वाली एक्सरसाइज भी करती दिखती हैं,जिसे हैंगिंग लेग रेज कहा जाता है। इस तरह की एक्सरसाइज मुख्य रूप से कोर मसल्स को लक्ष्य बनाती है और पेट,कमर तथा कूल्हों के हिस्सों को मजबूत करती है। वीडियो में सोहा का संतुलन और नियंत्रण इस बात का प्रमाण है कि वह लंबे समय से लगातार अभ्यास कर रही हैं और अपनी फिटनेस को लेकर बेहद गंभीर हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार,सोहा जिस प्रकार की एक्सरसाइज कर रही हैं,उसे फंक्शनल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कहा जाता है। यह ट्रेनिंग उन मूवमेंट्स पर आधारित होती है,जो रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग होते हैं। जैसे वजन उठाना,तेजी से दिशा बदलना,जमीन से उठकर खड़े होना या अचानक किसी स्थिति में शरीर को स्थिर रखना। फंक्शनल ट्रेनिंग से पूरे शरीर की मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं,जिससे शरीर संतुलित रूप से मजबूत बनता है और चोट लगने की संभावना भी कम होती है। इस तरह के वर्कआउट से न केवल शारीरिक ताकत बढ़ती है,बल्कि मानसिक ऊर्जा और सहनशक्ति भी विकसित होती है। हर बार एक कठिन एक्सरसाइज को पूरा करना स्वयं में एक उपलब्धि जैसा महसूस होता है,जो आत्मविश्वास को बढ़ाता है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Soha (@sakpataudi)


सोहा अली खान ने अपने वीडियो के कैप्शन में मजाकिया अंदाज में लिखा, “मुझे लगता है कि मेरे ट्रेनर ताकत बढ़ाने और सर्वाइवल ट्रेनिंग में फर्क भूल गए हैं।” उनके इस मजेदार कैप्शन को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया गया। यह कैप्शन न केवल उनकी सहजता को दर्शाता है,बल्कि यह भी बताता है कि कठिन वर्कआउट के बीच वह अपने ह्यूमर को जीवित रखती हैं। वीडियो पोस्ट होते ही उनके प्रशंसकों और बॉलीवुड से जुड़े साथियों ने उनकी मेहनत की सराहना शुरू कर दी। अभिनेत्री दिया मिर्जा ने भी कमेंट कर उनकी मेहनत की तारीफ की और लिखा कि सोहा वाकई शानदार काम कर रही हैं।

फिटनेस इंडस्ट्री में यह माना जाता है कि 40 के बाद शरीर को मजबूत रखने के लिए खास ध्यान देने की जरूरत होती है। सोहा अली खान इस धारणा को अपने उदाहरण से बदलती नजर आ रही हैं। 45 वर्ष की उम्र में भी उनकी ऊर्जा,नियंत्रण और संतुलन कई युवाओं को प्रेरित कर रहा है। उनके वीडियो से यह साफ झलकता है कि फिटनेस केवल शरीर को शेप में रखने का तरीका नहीं,बल्कि एक मानसिक दृष्टिकोण भी है। निरंतर अभ्यास,सही तकनीक और अनुशासन से व्यक्ति उम्र के किसी भी पड़ाव पर अपने शरीर को स्वस्थ रख सकता है।

सोहा की वर्कआउट रूटीन यह भी संकेत देती है कि अब सेलिब्रिटीज़ केवल जिम मशीनों पर आधारित वर्कआउट तक सीमित नहीं हैं,बल्कि फंक्शनल मूवमेंट्स,बैलेंस ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज के साथ अपने शरीर को संपूर्ण रूप से प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस तरह के वर्कआउट न केवल शरीर को मजबूत बनाते हैं,बल्कि वास्तविक जीवन में उपयोग होने वाली क्षमताओं को भी बढ़ाते हैं।

सोशल मीडिया पर सोहा के इस वीडियो ने लोगों को यह संदेश देने में सफलता प्राप्त की है कि फिटनेस कोई कठिन विज्ञान नहीं,बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। चाहे रोलिंग एक्सरसाइज हो,वजन उठाना हो या बार पर लटककर किए जाने वाले मूवमेंट्स—हर कदम हमें स्वस्थ और बेहतर बनने की दिशा में आगे बढ़ाता है। सोहा अली खान ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प हो,तो चुनौतीपूर्ण से चुनौतीपूर्ण वर्कआउट भी संभव है।

फिर चाहे वह मजाकिया अंदाज में अपने ट्रेनर को ”सर्वाइवल ट्रेनिंग” का जिम्मेदार ठहराएँ या वीडियो के माध्यम से फिटनेस प्रेरणा दें—सोहा अली खान की एनर्जी, समर्पण और अनुशासन युवा पीढ़ी और खासकर महिलाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा बन चुका है। उनकी यह फिटनेस जर्नी सोशल मीडिया पर लोगों को न सिर्फ प्रेरित कर रही है,बल्कि यह भी सिखा रही है कि एक स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाना हमेशा हमारी अपनी चाहत और प्रयास पर निर्भर करता है।