बैंकॉक,12 फरवरी (युआईटीवी)- दक्षिणी थाईलैंड के सोंगखला प्रांत में बुधवार को एक स्कूल में हुई गोलीबारी और बंधक संकट की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। हाट याई क्षेत्र के एक स्कूल में घुसे एक हथियारबंद व्यक्ति ने शिक्षकों और छात्रों को बंधक बना लिया,जिससे कई घंटों तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस और विशेष बलों ने व्यापक अभियान चलाकर आखिरकार बंदूकधारी को हिरासत में ले लिया और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रांतीय प्रशासन ने सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए इस हमले की जानकारी साझा की। बताया गया कि सोंगखला के हाट याई इलाके में स्थित एक स्कूल में एक सशस्त्र हमलावर ने प्रवेश कर गोलियाँ चलाईं और कुछ छात्रों तथा एक शिक्षक को बंधक बना लिया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बंदूकधारी ने कई शिक्षकों और छात्रों को अपनी गिरफ्त में ले लिया था,जिससे स्कूल परिसर में भय और दहशत फैल गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,माए ताप्तिम याला फाउंडेशन ने अपने फेसबुक पेज पर शाम 4 बजकर 59 मिनट पर पोस्ट कर घटना की जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया कि टैम्बोन पातोंग स्थित पातोंग प्रथान खिरिवात स्कूल पर एक हथियारबंद व्यक्ति ने हमला किया और गोलियाँ चलाईं। फाउंडेशन ने बताया कि गोलीबारी में एक शिक्षक घायल हो गया,जिसे तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर रवाना कर दी गईं।
पुलिस के अनुसार,बंदूकधारी उस समय स्कूल परिसर में घुसा जब दिन की कक्षाएँ समाप्त होने वाली थीं। उस वक्त स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक मौजूद थे। हमलावर ने अचानक गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं और कुछ लोगों को बंधक बना लिया। कई छात्र भय के कारण स्कूल की इमारत के अंदर ही फंसे रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,गोलियों की आवाज सुनते ही स्कूल में भगदड़ मच गई और बच्चे सुरक्षित स्थानों पर छिपने की कोशिश करने लगे।
हाट याई पुलिस ने हालात को सँभालने के लिए तत्काल एक विशेष अभियान शुरू किया। स्कूल को चारों ओर से घेर लिया गया और स्पेशल ऑपरेशन फोर्स की एक टीम को तैनात किया गया। बचाव दलों को भी मौके पर भेजा गया ताकि अधिक से अधिक छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की रणनीति अपनाई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने बंदूकधारी से बातचीत की भी कोशिश की। इसके लिए जिले और गाँव के मुखियाओं को भी साथ लाया गया,ताकि स्थानीय स्तर पर संवाद स्थापित कर तनाव को कम किया जा सके। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से अपील की कि वे स्कूल के सामने और आस-पास के क्षेत्रों से दूर रहें और केवल आधिकारिक एजेंसियों या विश्वसनीय स्रोतों से मिलने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
घंटों चली घेराबंदी और बातचीत के बाद आखिरकार पुलिस ने बंदूकधारी को काबू में कर लिया। हालाँकि,अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि गिरफ्तारी किस तरह की कार्रवाई के बाद संभव हो पाई,लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घायल शिक्षक का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल परिसर की तलाशी ली जा रही है और जाँच एजेंसियाँ हमले के पीछे की मंशा और हमलावर की पृष्ठभूमि का पता लगाने में जुटी हैं। फिलहाल हमलावर की पहचान और उसके उद्देश्य को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या हमलावर अकेला था या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
दक्षिणी थाईलैंड के कुछ हिस्सों में पहले भी हिंसक घटनाएँ होती रही हैं,हालाँकि स्कूलों को निशाना बनाने की घटनाएँ अपेक्षाकृत कम हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएँगे।
घटना के बाद अभिभावकों में भारी चिंता देखी गई। कई माता-पिता स्कूल के बाहर जमा हो गए और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्याकुल नजर आए। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
इस घटना ने पूरे थाईलैंड में स्कूल सुरक्षा और हथियार नियंत्रण को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल प्रशासन मामले की विस्तृत जांच में जुटा है और आने वाले दिनों में इस घटना से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
