अखिलेश यादव

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं

लखनऊ,12 नवंबर (युआईटीवी)- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्रों द्वारा लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर राज्य सरकार को जमकर घेरा है। अखिलेश यादव ने इस आंदोलन को लेकर अपनी पार्टी की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया दी और भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं और छात्रों की बेरोज़गारी और उनके भविष्य के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्राथमिक एजेंडा छात्रों को नौकरी देना नहीं है,बल्कि वह केवल अपनी सत्ता बनाए रखने में व्यस्त है।

अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस आंदोलन को लेकर ट्वीट करते हुए कहा, “माहौल अब ‘योगी बनाम प्रतियोगी’ हो चुका है। आज उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के हर अभ्यर्थी,छात्र तथा युवा की जुबान पर यही सवाल है कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने अपनी सरकार के दौरान केवल ‘लाठी-डंडा’ चलवाया,मगर नौकरी देने का उनका कोई इरादा नहीं था। अखिलेश ने कहा, “अनुपयोगी सरकार नहीं चाहिए,जो अयोग्य लोगों द्वारा चलाई जाए।” साथ ही उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा, “भाजपा सरकार जनता को रोज़ी-रोटी के संघर्ष में उलझाए रखती है, ताकि वे साम्प्रदायिक राजनीति के जरिए भ्रष्टाचार करती रहें।”

अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सालों-साल नई वैकेंसी जारी नहीं करती और अगर करती भी है तो परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। इसके चलते छात्रों का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने कहा, “भाजपा ने छात्रों को पढ़ाई की मेज से उठाकर सड़कों पर ला कर खड़ा कर दिया है।” यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोग अब छात्रों की नकारात्मक भावनाओं को भड़काकर उनका आक्रोश बढ़ा रहे हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि अब छात्र और उनके परिवार भाजपा के झांसे में नहीं आएँगे। उन्होंने कहा कि,”अब तो व्हाट्सएप ग्रुप के झूठे प्रचार के शिकार अभिभावकों को भी समझ आ गया है कि भाजपा ने उनके भावनाओं का किस तरह से शोषण किया,” ।

अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा के शासन में कुछ भी सकारात्मक नहीं होने वाला है। उनका मानना है कि भाजपा का पतन छात्रों के उत्थान का रास्ता खोलेगा। उन्होंने कहा, “भाजपा और नौकरी के बीच विरोधाभास है,जब भाजपा जाएगी,तभी नौकरी आएगी।” उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या भाजपा सरकार छात्रों के हॉस्टल या लॉज पर बुलडोज़र चलाएगी,जैसा कि पहले अन्य विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुआ था।

अखिलेश ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर भाजपा सरकार इतनी सख्त होती तो आज भाजपाई नेताओं को छात्रों के आक्रोश से डरकर अपने घरों में छुपकर नहीं बैठना पड़ता।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अब आंदोलनकारियों के गुस्से से घबराए हुए हैं और भाजपा के झंडे अब उनके घरों, दुकानों,प्रतिष्ठानों और गाड़ियों से उतर चुके हैं। “अब ये छात्र और उनके परिवार यही पूछ रहे हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा के नेता कहाँ हैं।”

अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के नेता छात्रों के आंदोलन के समय चुप्पी साधे हुए हैं और सत्ता की मलाई काटने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि, “जब छात्रों की आवाज़ उठ रही थी,तब भाजपा के नेता कहीं दबे-छुपे थे। ”

अखिलेश ने अंत में भाजपा की नकारात्मक राजनीति और झूठी प्रचार रणनीतियों का विरोध करते हुए कहा, “अब समय आ गया है,जब लोग भाजपा की नकारात्मक राजनीति को नकार कर जोड़ने वाली सकारात्मक राजनीति को अपनाएँगे।” उन्होंने इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे छात्रों और उनके परिवारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह समय भाजपा के पतन का है और इसके बाद ही उत्तर प्रदेश में नौकरियों के अवसर खुलेंगे।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) ‘प्री’ और समीक्षा अधिकारी (आरओ) सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की परीक्षा दो दिन कराने के निर्णय के विरोध में छात्रों ने प्रयागराज में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। छात्रों ने अपनी एकता का परिचय देते हुए, रात के समय मोबाइल टॉर्च जलाकर विरोध जताया। यह विरोध प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा और विपक्षी दलों ने भी छात्रों के समर्थन में सरकार को घेरा।