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श्रीलंका ने कोलंबो टर्मिनल परियोजना के लिए अदाणी समूह पर जताया भरोसा

नई दिल्ली,29 नवंबर (युआईटीवी)- श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी ने अदाणी समूह के साथ अपनी परियोजना को लेकर पूरा भरोसा जताया है। यह प्रतिक्रिया तब आई है,जब अमेरिका में चल रही एक जाँच में अदाणी समूह की कंपनी का नाम सामने आने की खबरें आई थीं। इसके बावजूद,श्रीलंका,अबू धाबी के ग्लोबल सॉवरेन फंड इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और तंजानिया सरकार ने अदाणी समूह के साथ अपने कारोबारी रिश्तों पर किसी प्रकार का असर न होने की बात कही है।

श्रीलंका में कोलंबो टर्मिनल के विस्तार के तहत अदाणी समूह एक अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है। यह श्रीलंका के बंदरगाह क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी के चेयरमैन एडमिरल सिरिमेवन रानसिंघे (सेवानिवृत्त) ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को रद्द करने पर कोई चर्चा नहीं हुई है और यह अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएगी।

हालाँकि,श्रीलंका सरकार के प्रवक्ता नलिंदा जयतिस्सा ने 26 नवंबर को कहा था कि अमेरिका में चल रही रिश्वत लेन-देन की जाँच को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका ने अदाणी समूह के स्थानीय निवेशों की भी समीक्षा शुरू कर दी है।

अबू धाबी के ग्लोबल सॉवरेन फंड आईएचसी ने अदाणी समूह के साथ अपनी साझेदारी को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। आईएचसी ने कहा कि,”अदाणी समूह के साथ हमारी साझेदारी ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी सेक्टर्स में उनके योगदान में हमारे विश्वास को दर्शाती है।”

आईएचसी ने अप्रैल 2022 में अदाणी ग्रुप की कंपनियों में करीब 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया था। इस निवेश में अदाणी ग्रीन एनर्जी,अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल हैं।

इसी तरह तंजानिया सरकार ने भी अदाणी ग्रुप के साथ अपनी परियोजनाओं को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि सभी अनुबंध देश के कानूनों के अनुसार किए गए हैं और परियोजनाओं को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं है।

अदाणी समूह के शेयरों में भी प्रमुख निवेशकों ने भरोसा दिखाया है। जीक्यूजी पार्टनर्स ने कहा कि अमेरिका की जाँच से अदाणी समूह के कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढाँचे से जुड़े कार्य भारत सरकार द्वारा नियंत्रित होते हैं और इनमें लंबी अवधि के अनुबंध शामिल हैं।

अमेरिका में चल रही जाँच के बावजूद अदाणी समूह के साथ देशों और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। श्रीलंका और तंजानिया जैसे देशों ने अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए यह स्पष्ट किया है कि उनके समझौतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आईएचसी जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन अदाणी समूह की स्थिरता और दीर्घकालिक क्षमता को दर्शाता है।