नई दिल्ली,16 फरवरी (युआईटीवी)- ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा इलाके में 27 जनवरी को हुए रहस्यमयी धमाके ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोर ली हैं। अब इस मामले में एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है,जिसने जाँच को नया मोड़ दे दिया है। धमाके की तीव्रता और उसके तुरंत बाद की स्थिति को दिखाने वाला यह वीडियो जाँच एजेंसियों के लिए अहम सुराग साबित हो सकता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने भी मामले में दिलचस्पी दिखाई है और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जाँच शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक,नए सीसीटीवी फुटेज में विस्फोट की भयावहता साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में धमाके के बाद चारों ओर फैला धुआँ,लोगों की अफरातफरी और आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे टूटते नजर आते हैं। जाँचकर्ता इस फुटेज का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण कर रहे हैं,ताकि यह समझा जा सके कि विस्फोट किस प्रकार का था और इसकी तीव्रता कितनी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो न केवल धमाके के स्वरूप को स्पष्ट करेगा,बल्कि यह भी संकेत दे सकता है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं।
27 जनवरी की शाम जब यह धमाका हुआ,तब सुंदरपाड़ा का इलाका दहल उठा था। जिस मकान में विस्फोट हुआ,वहाँ एक कुख्यात अपराधी रह रहा था,जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में आरोपी बताया जा रहा है। धमाके में वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गया,जबकि तीन अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर जख्मी हुए। सभी घायलों का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालाँकि,उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है,लेकिन जाँच एजेंसियाँ उनके स्वस्थ होने का इंतजार कर रही हैं,ताकि पूछताछ के जरिए कई अहम सवालों के जवाब मिल सकें।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक हिस्ट्रीशीटर के ठिकाने पर इतना शक्तिशाली विस्फोटक कैसे पहुँचा। क्या यह केवल अवैध बम बनाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था? यही वजह है कि एनआईए ने मामले में समानांतर जाँच शुरू की है। हालाँकि,प्राथमिक जाँच अभी भी ओडिशा पुलिस के हाथों में है,लेकिन ‘टेरर एंगल’ की आशंका को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी भी सतर्क हो गई है।
एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मौके का दौरा किया और वहाँ से मिट्टी तथा मलबे के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है,ताकि विस्फोट में इस्तेमाल किए गए पदार्थ की प्रकृति का पता लगाया जा सके। विशेषज्ञ यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह क्रूड बम था या किसी अन्य प्रकार का विस्फोटक। जाँच एजेंसियों का मानना है कि यदि इसमें उच्च क्षमता का विस्फोटक इस्तेमाल हुआ है,तो यह मामला केवल स्थानीय अपराध तक सीमित नहीं रहेगा।
एयरफील्ड पुलिस स्टेशन ने भी अपनी जाँच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार,यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर क्रूड बम क्यों बनाया जा रहा था और उसका संभावित लक्ष्य क्या था। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि आरोपी मलिक के खिलाफ नयापल्ली,मैत्री विहार और खंडगिरी थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में मारपीट,धमकी और अवैध गतिविधियों से जुड़े आरोप शामिल हैं। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि क्या उसके पुराने आपराधिक नेटवर्क का इस धमाके से कोई संबंध है।
घटना के बाद से सुंदरपाड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों में अब भी दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें भूकंप जैसा महसूस हुआ। आसपास के घरों की दीवारों में दरारें आ गईं और खिड़कियों के शीशे टूट गए। लोगों का कहना है कि अगर विस्फोट कुछ और शक्तिशाली होता,तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
पुलिस ने एक वैज्ञानिक टीम को भी मौके पर भेजा है,जो तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बम बनाने की प्रक्रिया कितनी उन्नत थी और क्या इसमें किसी प्रशिक्षित व्यक्ति की भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि घायलों के ठीक होने के बाद उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह जानना होगा कि क्या अवैध बम निर्माण में अन्य लोग भी शामिल थे।
एनआईए और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जाँच इस बात का संकेत है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि जाँच में आतंक से जुड़ा कोई पहलू सामने आता है,तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल एजेंसियाँ हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही हैं और सीसीटीवी फुटेज को सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
सुंदरपाड़ा धमाका अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है। नए वीडियो फुटेज और केंद्रीय एजेंसी की सक्रियता ने इसे व्यापक सुरक्षा जाँच का विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर कई और खुलासे हो सकते हैं,जो इस रहस्य से पर्दा उठाएँगे कि आखिर उस काली शाम को हुआ धमाका महज एक हादसा था या किसी बड़ी साजिश की शुरुआत।
