बर्गेनस्टॉक (स्विट्जरलैंड),15 जून (युआईटीवी)- स्विट्जरलैंड में शनिवार से अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो रहा है,जिसमें यूक्रेन युद्ध पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। तकरीबन 100 देशों के प्रधानमंत्री तथा अन्य उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन में 90 मुल्कों के प्रतिनिधि मुलाक़ात करने वाले हैं और यूक्रेन के लिए शांति की राह पर चर्चा होनी है।
वे विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगे,जिसमें रूस के कब्जे वाले ज़ापोरिज्ज्या परमाणु ऊर्जा संयंत्र की सुरक्षा,यूक्रेन से अनाज निर्यात,कैदियों के आदान-प्रदान इत्यादि शामिल है।
यूक्रेन की पहल पर इस बैठक का आयोजन किया गया है। दक्षिणी इटली के अपुलिया में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और कई नेता इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए सीधे यहाँ पहुँच रहे हैं।
यूक्रेन के लगभग पाँचवें हिस्से पर मौजूदा समय में रूस ने अपना कब्जा जमाए हुए है,जिसमें 2014 में कब्जे में किया गया क्रीमिया प्रायद्वीप भी शामिल है।
यूक्रेन के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए इस स्विस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन की खास बात यह है कि इसमें रूस से दोस्ती रखने वाले देश भी शामिल हो रहे हैं।
यूक्रेन युद्ध में शांति प्रक्रिया का आधार तैयार करने के लिए स्विट्जरलैंड में लेक ल्यूसर्न के बर्गेनस्टॉक रिज़ॉर्ट में आज से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो रहा है। रूस को इस सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया है। इस सम्मेलन में भारत भी शामिल हो रहा है। भारत एकमात्र दक्षिण एशियाई देश इस सम्मेलन में हिस्सा लेगा। लगभग आधे देश यूरोप से हैं, जबकि आधे बाकी दुनिया से।
स्विट्जरलैंड को उम्मीद है कि इस तरह का एक और सम्मेलन इस साल आयोजित किया जाएगा,जिसमें मॉस्को भी शामिल होगा। यूक्रेन पर फरवरी 2022 में रूस ने आक्रमण कर युद्ध शुरू किया था,जिसमें सैकड़ों सैनिक मारे गए तथा घायल हुए। इस युद्ध में आम नागरिक भी हताहत हुए हैं। रूस की गोलीबारी में यूक्रेन का बुनियादी ढाँचा भी तहस नहस हो गया है।
