ग्लेन फिलिप्स (तस्वीर क्रेडिट@KOTHGaming_)

टी20 विश्व कप 2026 फाइनल से पहले ग्लेन फिलिप्स का बयान—‘बुमराह भी इंसान हैं,उनका भी दिन खराब हो सकता है’

अहमदाबाद,7 मार्च (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 का बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला रविवार को क्रिकेट जगत की दो मजबूत टीमों के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा। इस बड़े मुकाबले से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी मानसिक और रणनीतिक रूप से खुद को तैयार कर रहे हैं। भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। वहीं न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने फाइनल से पहले बुमराह को लेकर दिलचस्प प्रतिक्रिया दी है।

फाइनल से पहले मीडिया से बातचीत में फिलिप्स ने साफ कहा कि बुमराह निश्चित रूप से एक विश्वस्तरीय गेंदबाज हैं,लेकिन उन्हें लेकर जरूरत से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि क्रिकेट में हर खिलाड़ी इंसान होता है और हर किसी का कभी न कभी खराब दिन भी आता है। फिलिप्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि फाइनल मुकाबले में बुमराह के खिलाफ न्यूजीलैंड का दिन अच्छा रहेगा।

फिलिप्स ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद क्लास गेंदबाज हैं और उनके पास गेंदबाजी के कई विकल्प हैं। खासतौर पर डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को मुश्किल में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीक लाइन-लेंथ और विविधता है,जिसकी वजह से बल्लेबाजों के लिए उन्हें पढ़ना आसान नहीं होता। यही कारण है कि दुनिया की कई टीमें उनके खिलाफ रक्षात्मक रणनीति अपनाती हैं।

हालाँकि,फिलिप्स ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड की टीम बुमराह के खिलाफ केवल बचाव की रणनीति नहीं अपनाएगी। उनका मानना है कि अगर किसी गेंदबाज के खिलाफ जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक खेला जाए,तो इसका नुकसान टीम को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह बुमराह के दो ओवरों ने मैच की दिशा बदल दी।

दरअसल,सेमीफाइनल में इंग्लैंड को आखिरी पाँच ओवरों में जीत के लिए 69 रन चाहिए थे। उस समय मैच पूरी तरह खुला हुआ था और इंग्लैंड के बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान बुमराह ने 16वां और 18वां ओवर फेंका। इन दोनों ओवरों में उन्होंने सिर्फ 14 रन दिए। यह स्पेल मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

फिलिप्स ने कहा कि इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने शायद बुमराह के सम्मान या डर की वजह से उन पर ज्यादा आक्रमण करने की कोशिश नहीं की। खासतौर पर बल्लेबाज जैकब बेथेल और सैम करन ने उनके ओवरों में जोखिम लेने से परहेज किया। इसके कारण इंग्लैंड की रन गति धीमी पड़ गई और अंत में उन्हें आखिरी ओवर में जीत के लिए 30 रन चाहिए थे,जो लगभग असंभव लक्ष्य था। अंततः भारत ने यह मुकाबला सात रन से जीतकर फाइनल में जगह बना ली।

न्यूजीलैंड के इस आक्रामक बल्लेबाज का मानना है कि अगर इंग्लैंड ने उन दो ओवरों में कुछ बाउंड्री लगाने की कोशिश की होती,तो मैच का नतीजा अलग भी हो सकता था। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि बुमराह ने खराब गेंदबाजी की,बल्कि इंग्लैंड के बल्लेबाज उनके खिलाफ जरूरत से ज्यादा सतर्क नजर आए।

फिलिप्स ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में द्विपक्षीय सीरीज में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बुमराह के खिलाफ अपेक्षाकृत बेहतर बल्लेबाजी की थी। उनके मुताबिक उस अनुभव से टीम को आत्मविश्वास मिला है और फाइनल में भी बल्लेबाज सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरेंगे।

फाइनल मुकाबले को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारतीय टीम को खिताब जीतना है,तो बुमराह की भूमिका बेहद अहम होगी। खासकर डेथ ओवरों में उनकी सटीक यॉर्कर और धीमी गेंदें विपक्षी टीम के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। वहीं न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि वे बुमराह की लय को शुरुआत में ही बिगाड़ दें।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। दोनों टीमें दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 का यह फाइनल मुकाबला भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बुमराह एक बार फिर अपनी घातक गेंदबाजी से मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ पाएँगे या न्यूजीलैंड के बल्लेबाज उनके खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाकर इतिहास रच देंगे।