टी20 विश्व कप 2026 में भारत मुकाबले से पहले नामीबिया ने जताई नाराजगी (तस्वीर क्रेडिट@Vipintiwari952)

टी20 विश्व कप 2026: भारत मुकाबले से पहले नामीबिया की नाराजगी,कप्तान इरासमस बोले- हमें फ्लडलाइट्स में प्रैक्टिस का मौका नहीं मिला

नई दिल्ली,12 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार को भारत और नामीबिया के बीच खेले जाने वाले मुकाबले से पहले विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले इस डे-नाइट मैच से ठीक पहले नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने अपनी टीम को फ्लडलाइट्स में अभ्यास का मौका न मिलने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब मुकाबला शाम के समय होना है,तो तैयारी भी उसी माहौल में होनी चाहिए थी,लेकिन उनकी टीम को ऐसा अवसर नहीं दिया गया।

नामीबिया की टीम मंगलवार को सुबह खेले गए मुकाबले में नीदरलैंड्स के खिलाफ सात विकेट से हार गई थी। इस हार के बाद टीम मैनेजमेंट ने साफ संकेत दिए थे कि वे भारत के खिलाफ होने वाले डे-नाइट मैच को ध्यान में रखते हुए शाम के समय अभ्यास करना चाहते हैं,ताकि खिलाड़ी फ्लडलाइट्स में खेलने की परिस्थितियों के अभ्यस्त हो सकें। टीम के कोच क्रेग विलियम्स ने भी इशारा किया था कि शाम का अभ्यास सत्र उनकी तैयारी का अहम हिस्सा होगा। हालाँकि,नामीबिया को बुधवार को केवल दोपहर का अभ्यास स्लॉट दिया गया,जिससे टीम प्रबंधन असंतुष्ट दिखा।

कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने भारत के खिलाफ मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी निराशा खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि नामीबिया में न तो नियमित नाइट मैच होते हैं और न ही डे-नाइट मुकाबलों का ढाँचा विकसित है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फ्लडलाइट्स में खेलने का अनुभव खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम हो जाता है। इरासमस ने कहा कि उनकी टीम के कुछ खिलाड़ी नेपाल प्रीमियर लीग,आईएलटी20 या पिछले विश्व कप जैसे टूर्नामेंटों में खेल चुके हैं,लेकिन अधिकांश खिलाड़ी रोशनी में खेलने के आदी नहीं हैं। ऐसे में अभ्यास का मौका न मिलना निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को मैच से पहले दोनों दिन शाम के समय अभ्यास का अवसर मिला,जबकि कनाडा,जिसका मुकाबला शुक्रवार को दोपहर में यूएई से है,उसे भी फ्लडलाइट्स में ट्रेनिंग का मौका दिया गया। इरासमस ने हल्के व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “आप इससे जो चाहें समझ लें… हम बस नामीबियाई तरीके से खेलेंगे,यानी लड़ना।” उनके इस बयान से साफ है कि टीम खुद को परिस्थितियों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार कर रही है,भले ही उसे समान सुविधाएँ न मिली हों।

हालाँकि,आयोजन समिति की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है,लेकिन यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में आमतौर पर सभी टीमों को बराबरी के आधार पर सुविधाएँ देने की अपेक्षा की जाती है,खासकर तब जब मैच की परिस्थितियाँ विशिष्ट हों। फ्लडलाइट्स में खेलने का अनुभव सिर्फ तकनीकी नहीं,बल्कि मानसिक रूप से भी खिलाड़ियों को तैयार करता है। गेंद की मूवमेंट,ओस का प्रभाव,रोशनी में कैच पकड़ने की चुनौती और भीड़ का दबाव—ये सभी कारक शाम के मैचों में अलग भूमिका निभाते हैं।

इरासमस ने यह भी स्वीकार किया कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना उनकी टीम के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को उनकी टीम अच्छी तरह जानती है क्योंकि वे आईपीएल और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार नजर आते हैं,लेकिन 40,000 से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में फ्लडलाइट्स के नीचे खेलना युवा खिलाड़ियों के लिए बिल्कुल अलग अनुभव होगा। उन्होंने इसे सीखने और खुद को साबित करने का बड़ा मंच बताया।

भारत मौजूदा चैंपियन है और घरेलू परिस्थितियों में खेल रही है,जिससे उसे स्वाभाविक बढ़त मिलती है। वहीं नामीबिया जैसी उभरती टीम के लिए यह मुकाबला चुनौती और अवसर दोनों है। टीम पहले ही नीदरलैंड्स के खिलाफ हार झेल चुकी है,ऐसे में भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन उसके आत्मविश्वास के लिए बेहद जरूरी होगा। हालाँकि,तैयारी को लेकर उठे सवालों ने मैच से पहले माहौल को थोड़ा गर्म जरूर कर दिया है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में निष्पक्षता और समान अवसर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। छोटी टीमों के लिए बड़े मंच पर बराबरी की सुविधाएँ मिलना खेल की भावना के अनुरूप है। हालाँकि,यह भी सच है कि बड़े टूर्नामेंटों में अभ्यास स्लॉट का निर्धारण कई व्यावहारिक कारणों से किया जाता है,जिनमें सुरक्षा, प्रसारण और अन्य लॉजिस्टिक पहलू शामिल होते हैं।

अब सबकी निगाहें गुरुवार को होने वाले इस मुकाबले पर टिकी हैं। देखना होगा कि नामीबिया की टीम इन परिस्थितियों को किस तरह सँभालती है और क्या वह मैदान पर अपने कप्तान के ‘लड़ने’ वाले जज्बे को साबित कर पाती है। भारत के खिलाफ यह मुकाबला न सिर्फ अंक तालिका के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा,बल्कि नामीबिया के लिए यह आत्मविश्वास और अनुभव अर्जित करने का भी बड़ा मौका साबित हो सकता है।