नई दिल्ली,21 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत से ही बयानबाजी का दौर तेज हो गया है और इस बार चर्चा के केंद्र में हैं पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर। टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को लेकर की गई उनकी टिप्पणियाँ लगातार सुर्खियों में रही हैं। पहले युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को ‘स्लॉगर’ कहने पर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था और अब उन्होंने एक और बड़ा बयान देकर बहस छेड़ दी है। आमिर का कहना है कि भारतीय टीम इस बार सेमीफाइनल तक नहीं पहुँच पाएगी।
एक पाकिस्तानी टीवी शो पर बातचीत के दौरान आमिर ने साफ तौर पर कहा कि वह भारतीय टीम को अंतिम चार में नहीं देख रहे हैं। हालाँकि,उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह टीम इंडिया को कमजोर नहीं बता रहे,बल्कि यह उनका व्यक्तिगत आकलन है। आमिर के अनुसार अब तक भारतीय टीम की बल्लेबाजी वैसी प्रभावशाली नहीं रही है,जैसी उससे उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज इस समय बेहतर क्रिकेट खेल रहे हैं और उनकी नजर में वही टीमें सेमीफाइनल में पहुँचने की प्रबल दावेदार हैं।
आमिर ने अपने बयान में कहा कि दर्शक उनकी राय से सहमत हों या असहमत,यह उनका अधिकार है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या लोग उनसे यह उम्मीद करते हैं कि वह सिर्फ लोकप्रियता के लिए कहें कि भारत फाइनल खेलेगा। उनके मुताबिक उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारतीय टीम आगे बढ़ती है या नहीं,लेकिन मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए वह वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका को ज्यादा संतुलित और खतरनाक मानते हैं। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारतीय टीम उन्हें गलत साबित करती है,तो उन्हें खुशी ही होगी।
दूसरी ओर,भारतीय टीम का अब तक का प्रदर्शन इन दावों के विपरीत रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम ने ग्रुप स्टेज में शानदार खेल दिखाते हुए अपने सभी चार मुकाबले जीते और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम ने संतुलित बल्लेबाजी,अनुशासित गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग के दम पर सुपर-8 में जगह बनाई। मौजूदा टूर्नामेंट में भारत का आत्मविश्वास इस बात से भी झलकता है कि वह पिछला संस्करण जीतकर आई है।
भारतीय टीम टी20 विश्व कप 2024 की चैंपियन रही है और इस बार अपने घरेलू मैदानों पर खिताब बचाने की चुनौती के साथ उतरी है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा,दर्शकों का समर्थन और खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म—इन सभी कारकों ने टीम को मजबूत दावेदार बना दिया है। ऐसे में आमिर का बयान स्वाभाविक रूप से भारतीय प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
सुपर-8 चरण में भारत ग्रुप-1 का हिस्सा है,जहाँ उसके साथ दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम,वेस्टइंडीज राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों टीमें भी अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहीं। ऐसे में मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। आमिर का तर्क है कि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी लाइनअप अधिक आक्रामक और संतुलित दिख रही है,जबकि भारत की बल्लेबाजी में उन्हें निरंतरता की कमी नजर आ रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि आमिर का बयान सिर्फ आँकड़ों पर आधारित नहीं,बल्कि एक रणनीतिक दृष्टिकोण भी हो सकता है। भारत के खिलाफ बयान देना हमेशा सुर्खियाँ बटोरता है और क्रिकेट जैसे भावनात्मक खेल में ऐसे बयानों से मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश भी की जाती है। हालाँकि,भारतीय टीम प्रबंधन ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है,लेकिन खिलाड़ी मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब देने की रणनीति पर ही ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
ग्रुप स्टेज में भारत की सफलता का आधार उसकी सामूहिकता रही है। शीर्ष क्रम ने तेजी से रन बनाए हैं,मध्यक्रम ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला है और गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकाले हैं। खासकर डेथ ओवरों में टीम की गेंदबाजी प्रभावी रही है,जिसने विरोधी टीमों को बड़े स्कोर से रोका। फील्डिंग में चुस्ती और रणनीतिक बदलावों ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई है।
आमिर की आलोचना का केंद्र भारतीय बल्लेबाजी है,लेकिन आँकड़ें बताते हैं कि टीम ने औसत से ऊपर का स्कोर खड़ा किया है और लक्ष्य का पीछा करते हुए भी संयम दिखाया है। टी20 प्रारूप में हर मैच की परिस्थितियाँ अलग होती हैं और सुपर-8 में असली परीक्षा शुरू होगी। भारत को दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अपने खेल को और निखारना होगा।
क्रिकेट इतिहास गवाह है कि बड़े टूर्नामेंट में भविष्यवाणियाँ अक्सर उलट जाती हैं। कई बार अंडरडॉग टीम चौंका देती है और कई बार मजबूत मानी जा रही टीम दबाव में बिखर जाती है। ऐसे में आमिर का बयान बहस जरूर छेड़ता है,लेकिन अंतिम फैसला मैदान पर ही होगा। भारतीय टीम के पास अनुभव,संतुलन और घरेलू समर्थन का फायदा है,जबकि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के पास आक्रामकता और आत्मविश्वास।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि सुपर-8 के मुकाबलों में कौन सी टीम दबाव झेलते हुए आगे बढ़ती है। क्या आमिर की भविष्यवाणी सही साबित होगी या भारतीय टीम एक बार फिर आलोचकों को जवाब देगी? आने वाले मैच इस सवाल का जवाब देंगे। इतना तय है कि बयानबाजी ने टूर्नामेंट की रोमांचकता को और बढ़ा दिया है और प्रशंसक अब हर मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
