चेन्नई,20 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 में अफगानिस्तान ने अपने अभियान का अंत शानदार अंदाज में किया। गुरुवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए 39वें मुकाबले में अफगानिस्तान ने कनाडा को 82 रन से पराजित कर टूर्नामेंट से विदाई ली। इस जीत के नायक रहे अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी,जिन्होंने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से कनाडाई बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। नबी ने अपने चार ओवरों में मात्र सात रन खर्च कर चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 200 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने पहले विकेट के लिए 5.3 ओवरों में 47 रन जोड़कर तेज शुरुआत दी। गुरबाज ने 20 गेंदों में पाँच चौकों की मदद से 30 रन बनाए और टीम को आक्रामक लय दी। हालाँकि,उनके आउट होते ही गुलबदीन नायब भी एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए,जिससे अफगानिस्तान का स्कोर 49 रन पर दो विकेट हो गया।
इस स्थिति में पारी को सँभालने की जिम्मेदारी जादरान और सेदिकुल्लाह अटल ने उठाई। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 59 गेंदों में 95 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान उन्होंने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा। सेदिकुल्लाह ने 32 गेंदों में दो छक्कों और दो चौकों की मदद से 44 रन बनाए। उनका योगदान टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाने में अहम साबित हुआ। उनके आउट होने के बाद भी जादरान ने अपनी लय बरकरार रखी।
जादरान ने पारी के अंतिम ओवरों में तेजी दिखाई और कनाडाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई के साथ 31 रन जोड़े,जबकि अंत में दरवेश रसूली के साथ 25 रन की साझेदारी की। जादरान 56 गेंदों में पाँच छक्कों और सात चौकों की मदद से 95 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी यह पारी मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई और अफगानिस्तान को 200 रन के बड़े स्कोर तक पहुँचाया।
कनाडा की ओर से जसकरण सिंह ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए,जबकि डिलन हेलिगर को एक सफलता मिली। हालाँकि,अफगान बल्लेबाजों ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया और अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरे।
200 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडा की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती ओवरों में ही अफगान गेंदबाजों ने दबाव बना दिया। कनाडा की टीम 48 रन तक पहुँचते-पहुँचते अपने पाँच विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे में मैच लगभग अफगानिस्तान की झोली में जा चुका था। हालाँकि,इसके बाद साद बिन जफर और हर्ष ठाकर ने छठे विकेट के लिए 37 गेंदों में 53 रन की साझेदारी कर कुछ देर के लिए उम्मीद जगाई। हर्ष ने 24 गेंदों में 30 रन बनाए,जबकि साद ने 28 रन का योगदान दिया,लेकिन यह प्रयास जीत के लिए पर्याप्त नहीं था।
अफगानिस्तान की गेंदबाजी इकाई ने अनुशासित प्रदर्शन किया। मोहम्मद नबी ने अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को बाँधे रखा और लगातार झटके दिए। उनके अलावा राशिद खान ने भी दो विकेट लेकर कनाडा की पारी को सँभालने नहीं दिया। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के तालमेल ने कनाडा को कभी लय में आने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने भले ही टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का मौका गंवा दिया हो,लेकिन अपने अंतिम मुकाबले में दमदार प्रदर्शन कर सकारात्मक संदेश दिया। बल्लेबाजी में जादरान की परिपक्वता और नबी की अनुभवी गेंदबाजी ने यह दिखाया कि टीम में प्रतिभा और संतुलन दोनों मौजूद हैं। दूसरी ओर,कनाडा को इस हार से सबक लेने की जरूरत होगी,खासकर शीर्ष क्रम की असफलता पर विचार करना होगा।
टी20 विश्व कप 2026 के इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित किया कि अफगानिस्तान की टीम बड़े मंच पर चुनौती पेश करने में सक्षम है। 82 रन की यह जीत न केवल सांत्वना के रूप में आई,बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी बढ़ाने वाली रही। आने वाले अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में यह प्रदर्शन अफगान क्रिकेट के लिए नई उम्मीदें जगाएगा।
