अहमदाबाद,18 फरवरी (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने शुरुआती तीनों मुकाबले जीतकर सुपर-8 में जगह पक्की कर ली है। टीम ने संतुलित गेंदबाजी,अनुशासित बल्लेबाजी और बेहतरीन रणनीति के दम पर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बनाई है। अब ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में भारत का सामना बुधवार को अहमदाबाद के भव्य नरेंद्र मोदी स्टेडियम में नीदरलैंड से होगा। हालाँकि,यह मैच भारत के लिए क्वालीफिकेशन के लिहाज से ज्यादा दबाव वाला नहीं है,लेकिन टीम प्रबंधन इसे सुपर-8 की तैयारी के तौर पर देख रहा है।
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें भारतीय टीम के तीन विस्फोटक बल्लेबाजों—अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह पर रहेंगी। तीनों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं,लेकिन अब तक टूर्नामेंट में वे अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। सुपर-8 से पहले यह मैच उनके लिए लय और आत्मविश्वास हासिल करने का सुनहरा मौका हो सकता है।
सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा मौजूदा समय में टी20 फॉर्मेट के नंबर वन बल्लेबाज माने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और पावरप्ले में तेजी से रन बटोरने की क्षमता उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल करती है,लेकिन इस विश्व कप में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे अभिषेक अब तक खेले गए दो मैचों में लगातार शून्य पर आउट हुए हैं। यूएसए के खिलाफ वे पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए थे। नामीबिया के खिलाफ वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे,जबकि पाकिस्तान के खिलाफ भी चार गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए। ऐसे में टीम प्रबंधन और खुद अभिषेक के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे नीदरलैंड के खिलाफ बड़ी और प्रभावशाली पारी खेलकर अपनी लय हासिल करें।
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले तिलक वर्मा ने तीनों ग्रुप मैच खेले हैं और हर बार अच्छी शुरुआत भी की है,लेकिन वे उसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। यूएसए के खिलाफ उन्होंने 16 गेंदों पर 25 रन बनाए,नामीबिया के खिलाफ 21 गेंदों पर 25 रन और पाकिस्तान के खिलाफ 24 गेंदों पर 25 रन की पारी खेली। इन पारियों में आक्रामकता तो दिखी,लेकिन स्थिरता और लंबी पारी की कमी साफ नजर आई। टी20 क्रिकेट में नंबर तीन का बल्लेबाज पारी को सँभालने और गति देने दोनों की जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में सुपर-8 जैसे अहम चरण से पहले तिलक का फॉर्म में आना बेहद जरूरी है। नीदरलैंड के खिलाफ उन्हें खुलकर खेलने और अपनी पारी को 50 या उससे अधिक तक ले जाने का प्रयास करना होगा।
निचले क्रम में बल्लेबाजी करने वाले रिंकू सिंह की भूमिका अलग है। वे अक्सर ऐसे समय पर क्रीज पर आते हैं,जब पारी के आखिरी ओवर चल रहे होते हैं और तेजी से रन बनाना जरूरी होता है। उनकी पहचान एक फिनिशर के तौर पर बनी है,लेकिन इस टूर्नामेंट में अब तक वे अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं। यूएसए के खिलाफ उन्होंने 14 गेंदों पर केवल 6 रन बनाए,नामीबिया के खिलाफ 6 गेंदों पर 1 रन ही बना सके। हालाँकि,पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 4 गेंदों पर 11 रन बनाकर कुछ हद तक अपनी झलक दिखाई। फिर भी टीम चाहेगी कि वे ज्यादा समय क्रीज पर बिताएँ और बड़े शॉट्स के साथ निचले क्रम की चिंता को दूर करें।
नीदरलैंड के खिलाफ मैच भारतीय टीम के लिए प्रयोग और संतुलन का अवसर भी हो सकता है। चूँकि,टीम पहले ही सुपर-8 में पहुँच चुकी है,ऐसे में बल्लेबाजी क्रम को मजबूत करने और खिलाड़ियों को फॉर्म में लाने पर जोर दिया जा सकता है। कप्तान और कोचिंग स्टाफ यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि सुपर-8 में प्रवेश करते समय टीम का हर बल्लेबाज आत्मविश्वास से भरा हो।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहाँ बड़े स्कोर बनते रहे हैं और आउटफील्ड तेज होने के कारण शॉट्स आसानी से बाउंड्री तक पहुँचते हैं। ऐसे में यह मुकाबला अभिषेक,तिलक और रिंकू के लिए आदर्श मंच साबित हो सकता है। अगर ये तीनों बल्लेबाज लय में लौटते हैं तो भारत की बल्लेबाजी और भी खतरनाक हो जाएगी।
टीम इंडिया अब तक ग्रुप चरण में संतुलित प्रदर्शन करती आई है। गेंदबाजों ने विपक्षी टीमों को दबाव में रखा है और शीर्ष क्रम ने महत्वपूर्ण मौकों पर रन बनाए हैं,लेकिन टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ प्रतिस्पर्धा और कठिन होती जाएगी। सुपर-8 में मजबूत टीमों का सामना होगा,जहाँ छोटी गलतियाँ भी भारी पड़ सकती हैं। इसलिए टीम प्रबंधन किसी भी तरह की कमजोरी को पहले ही दूर करना चाहेगा।
नीदरलैंड के खिलाफ यह मुकाबला भारत के लिए सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है,बल्कि तैयारी का अहम चरण है। खासकर अभिषेक शर्मा,तिलक वर्मा और रिंकू सिंह के लिए यह मैच खुद को साबित करने और टीम के लिए भरोसेमंद प्रदर्शन देने का अवसर है। अगर ये तीनों बल्लेबाज अपने विस्फोटक अंदाज में लौटते हैं,तो भारतीय टीम सुपर-8 में और भी मजबूती के साथ कदम रखेगी।
