अहमदाबाद,23 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 में रविवार को खेले गए सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रनों की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की यह हार कई मायनों में ऐतिहासिक रही,क्योंकि साल 2023 वनडे विश्व कप के बाद आईसीसी इवेंट में टीम इंडिया पहली बार पराजित हुई है। इसके साथ ही तीनों फॉर्मेट को मिलाकर आईसीसी टूर्नामेंट में भारत का 17 मैचों का अजेय क्रम भी टूट गया।
यह मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया,जहाँ भारतीय टीम बड़े लक्ष्य के दबाव में पूरी तरह बिखरती नजर आई। 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 111 रन पर सिमट गई। रनों के अंतर के लिहाज से यह टी20 विश्व कप इतिहास में भारत की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले भारतीय टीम को इतने बड़े अंतर से हार का सामना नहीं करना पड़ा था।
188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद अभिषेक शर्मा ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए,लेकिन वह 15 रन से आगे नहीं बढ़ सके। मध्यक्रम में तिलक वर्मा से उम्मीदें थीं,पर वह महज एक रन बनाकर आउट हो गए। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 18 रन बनाए,लेकिन वह भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और कॉर्बिन बॉश की गेंद पर आउट हो गए।
भारतीय टीम का मध्य और निचला क्रम भी संघर्ष करता नजर आया। वॉशिंगटन सुंदर और हार्दिक पांड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से तेजी से रन बनाने की उम्मीद थी,लेकिन दोनों ही बल्लेबाज प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। इस हार के साथ ही भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरियाँ भी उजागर हो गईं,खासकर बड़े लक्ष्य के दबाव में।
इससे पहले साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 187 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की ओर से डेविड मिलर ने शानदार पारी खेली। उन्होंने 35 गेंदों में 63 रन बनाए,जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल थे। मिलर ने मध्य ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनके साथ डेवाल्ड ब्रेविस ने भी तेजतर्रार अंदाज में 29 गेंदों पर 45 रन की अहम पारी खेली। इन दोनों की पारियों ने साउथ अफ्रीका को मजबूत स्कोर तक पहुँचाया।
भारतीय गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने अपने चार ओवर में महज 15 रन देकर 3 विकेट चटकाए। बुमराह की सटीक यॉर्कर और कसी हुई लाइन लेंथ ने साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हालाँकि,अन्य गेंदबाज उतने असरदार साबित नहीं हो सके,जिसके चलते विपक्षी टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्वीकार किया कि टीम बड़े लक्ष्य के दबाव को संभाल नहीं सकी। उन्होंने कहा कि शुरुआती विकेट गिरने से टीम बैकफुट पर चली गई और साझेदारी नहीं बन पाई। वहीं साउथ अफ्रीका के कप्तान ने अपनी टीम की संतुलित बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी की सराहना की।
भारत की यह हार इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 2023 वनडे विश्व कप के बाद से टीम आईसीसी इवेंट में लगातार जीत दर्ज कर रही थी। टी20,वनडे और टेस्ट प्रारूप में मिलाकर भारत ने 17 मैचों में जीत हासिल की थी। इस अजेय रथ पर साउथ अफ्रीका ने ब्रेक लगाकर टूर्नामेंट में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।
अब सुपर-8 चरण में आगे बढ़ने के लिए भारतीय टीम को अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता और मध्यक्रम की जिम्मेदारी को लेकर टीम प्रबंधन को रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। वहीं गेंदबाजी में बुमराह के अलावा अन्य खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। हालाँकि,टूर्नामेंट अभी बाकी है और टीम इंडिया के पास वापसी का मौका भी है। क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में एक मैच हारने से तस्वीर पूरी तरह नहीं बदलती,लेकिन यह हार निश्चित रूप से टीम को अपनी कमियों पर काम करने का संदेश दे गई है।
