मुंबई,24 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को खेले गए एकतरफा मुकाबले में वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रनों के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट में अपनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में 255 रनों के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की पूरी टीम 147 रन पर सिमट गई और मैच पूरी तरह से वेस्टइंडीज के नाम रहा।
वेस्टइंडीज की जीत की नींव उसकी आक्रामक बल्लेबाजी ने रखी। मध्यक्रम के बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हेटमायर ने महज 34 गेंदों में 85 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास,टाइमिंग और पावर का बेहतरीन संगम देखने को मिला। वानखेड़े की छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
हेटमायर को कप्तान रोवमैन पॉवेल का भी शानदार साथ मिला। पॉवेल ने 35 गेंदों में 59 रन बनाए और पारी को स्थिरता दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई तेज साझेदारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। आखिरी ओवरों में शेरफेन रदरफोर्ड ने भी तेजी से रन बटोरे। उन्होंने सिर्फ 13 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए,जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनकी इस छोटी लेकिन प्रभावी पारी ने टीम को 250 के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
जिम्बाब्वे की ओर से गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा ने दो-दो विकेट जरूर लिए,लेकिन वे रन गति पर लगाम नहीं लगा सके। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर्स तक लगातार बड़े शॉट्स लगाए। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के पास इस आक्रमण का कोई ठोस जवाब नजर नहीं आया।
255 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही अपने अहम विकेट गंवा दिए। ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करने वाले ब्रायन बेनेट इस अहम मुकाबले में सिर्फ 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। विकेटकीपर-बल्लेबाज तदिवानाशे मारुमानी भी 14 रन से आगे नहीं बढ़ सके। रयान बर्ल तो खाता भी नहीं खोल पाए और अकील हुसैन की गेंद पर आउट हो गए।
मध्यक्रम में डायोन मायर्स ने जरूर कुछ आकर्षक शॉट लगाए और 15 गेंदों में 28 रन बनाए,लेकिन उनकी पारी भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। गुडाकेश मोती ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर जिम्बाब्वे की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। कप्तान सिकंदर रजा ने 20 गेंदों में 27 रन बनाए,लेकिन बढ़ते रन रेट के दबाव में वे भी बड़ा स्कोर नहीं बना सके। टोनी मुनयोंगा ने 14 रन का योगदान दिया।
जिम्बाब्वे की ओर से ब्रेड इवांस ने सबसे ज्यादा संघर्ष किया। उन्होंने 21 गेंदों में 43 रन की तेज पारी खेली और कुछ समय के लिए मुकाबले में रोमांच बनाए रखने की कोशिश की। हालाँकि,उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। लगातार गिरते विकेटों ने टीम को संभलने का मौका ही नहीं दिया और पूरी टीम 147 रन पर सिमट गई।
वेस्टइंडीज की गेंदबाजी भी उतनी ही प्रभावशाली रही जितनी उसकी बल्लेबाजी। स्पिनर गुडाकेश मोती ने 4 ओवर में 28 रन देकर 4 विकेट चटकाए और जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने मध्य ओवरों में विकेट लेकर रन गति पर ब्रेक लगाया। वहीं अकील हुसैन ने भी 4 ओवर में 28 रन देकर 3 अहम विकेट हासिल किए। दोनों स्पिनरों की जोड़ी ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न सिर्फ दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए,बल्कि अपने नेट रन रेट में भी जबरदस्त सुधार किया। टीम की बल्लेबाजी फॉर्म में दिख रही है और गेंदबाज भी लय में नजर आ रहे हैं,जो आगे के मुकाबलों के लिए सकारात्मक संकेत हैं। दूसरी ओर,जिम्बाब्वे के लिए यह हार आत्ममंथन का अवसर है। ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद इस बड़े मुकाबले में टीम दबाव में बिखरती हुई दिखाई दी।
वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने हर विभाग में जिम्बाब्वे को पीछे छोड़ा। हेटमायर की तूफानी पारी,पॉवेल का दमदार साथ और मोती-हुसैन की घातक गेंदबाजी ने इस मैच को एकतरफा बना दिया। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कैरेबियाई टीम ने इस जीत के जरिए यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह खिताब की मजबूत दावेदारों में शामिल है।
