नई दिल्ली,31 जनवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 की उलटी गिनती के बीच ऑस्ट्रेलिया की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान पैट कमिंस पीठ की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण टी20 विश्व कप से बाहर हो गए हैं। उनके साथ ही शीर्ष क्रम के अहम बल्लेबाज मैथ्यू शॉर्ट भी टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे। इन दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने से ऑस्ट्रेलियाई टीम के संतुलन और रणनीति पर असर पड़ना तय माना जा रहा है,खासकर तब जब विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव और निरंतरता की भूमिका बेहद अहम होती है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक,पैट कमिंस को अपनी पीठ की चोट से उबरने के लिए अभी और समय चाहिए। मेडिकल टीम की सलाह के बाद चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया कि उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने का जोखिम नहीं लिया जाएगा। वहीं,मैथ्यू शॉर्ट को भी विश्व कप स्क्वॉड से बाहर कर दिया गया है,जिससे ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर में एक खाली जगह बन गई है। चयन समिति ने इन दोनों खिलाड़ियों की जगह तेज गेंदबाज बेन ड्वारशुइस और अनुभवी बल्लेबाज मैथ्यू रेनशॉ को टीम में शामिल किया है।
चयनकर्ता टोनी डोडेमेड ने इन बदलावों को लेकर भरोसा जताया है कि नए शामिल किए गए खिलाड़ी टीम की जरूरतों पर खरे उतरेंगे। उन्होंने कहा कि पैट कमिंस जैसे सीनियर खिलाड़ी का बाहर होना निश्चित रूप से आसान फैसला नहीं था,लेकिन उनकी फिटनेस और लंबे करियर को देखते हुए यह कदम जरूरी था। डोडेमेड के मुताबिक,बेन ड्वारशुइस एक पूरी तरह तैयार रिप्लेसमेंट हैं,जो बाएँ हाथ के तेज गेंदबाजी विकल्प के साथ-साथ शानदार फील्डिंग और निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं।
डोडेमेड ने कहा कि ड्वारशुइस की गेंद को स्विंग कराने की काबिलियत,अच्छी पेस और स्मार्ट वैरिएशन टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। टी20 फॉर्मेट में जहाँ गेंदबाजों को लगातार बदलाव करने पड़ते हैं,वहाँ उनका अनुभव और स्किल सेट ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देगा। खासतौर पर श्रीलंका जैसी परिस्थितियों में,जहाँ पिचें अलग तरह का व्यवहार कर सकती हैं,वहाँ ऐसे गेंदबाज की अहमियत और बढ़ जाती है।
मैथ्यू शॉर्ट की जगह टीम में शामिल किए गए मैथ्यू रेनशॉ को लेकर भी चयनकर्ताओं को काफी उम्मीदें हैं। डोडेमेड ने बताया कि रेनशॉ ने हाल के दिनों में सभी फॉर्मेट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के अलावा क्वींसलैंड बुल्स और ब्रिस्बेन हीट के लिए व्हाइट बॉल क्रिकेट में अलग-अलग भूमिकाएँ निभाई हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह जरूरत के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी की भूमिका बदल सकते हैं,जो टी20 क्रिकेट में बेहद जरूरी माना जाता है।
चयनकर्ता के अनुसार,श्रीलंका में होने वाले पूल स्टेज मुकाबलों में टॉप ऑर्डर पहले से काफी हद तक सेट नजर आ रहा है और स्पिन गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियाँ मिलने की संभावना है। ऐसे में रेनशॉ का मिडिल ऑर्डर में अतिरिक्त सपोर्ट देना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है। वह स्पिन के खिलाफ खेलने में सहज माने जाते हैं और जरूरत पड़ने पर पारी को सँभालने या तेज रन बनाने दोनों में सक्षम हैं। डोडेमेड ने यह भी बताया कि विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में अपना रिटर्न-टू-प्ले प्रोग्राम पूरा कर रहे हैं,जिससे टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी संयोजन को लेकर अतिरिक्त विकल्प मिल सकते हैं।
पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अब जोश हेजलवुड के कंधों पर होगी। हेजलवुड अपनी सटीक लाइन-लेंथ और बड़े मैचों के अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उनके साथ जेवियर बार्टलेट,नाथन एलिस और बेन ड्वारशुइस तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देंगे। इन गेंदबाजों का मिश्रण ऑस्ट्रेलिया को पावरप्ले और डेथ ओवर्स दोनों में विकल्प प्रदान करता है।
इसके अलावा ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन और मार्कस स्टोइनिस की भूमिका भी इस विश्व कप में काफी अहम होने वाली है। दोनों खिलाड़ी अपनी मीडियम पेस गेंदबाजी से अतिरिक्त ओवर निकाल सकते हैं और बल्लेबाजी में भी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं। कमिंस जैसे फ्रंटलाइन तेज गेंदबाज के बाहर होने से टीम को इन ऑलराउंडरों से गेंदबाजी में ज्यादा योगदान की उम्मीद रहेगी।
टी20 विश्व कप 2026 ऑस्ट्रेलिया के लिए कई मायनों में अहम माना जा रहा है। टीम हाल के वर्षों में सीमित ओवरों के क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन करती आई है,लेकिन चोटों और खिलाड़ियों की फिटनेस ने कई बार उसकी योजनाओं को प्रभावित किया है। पैट कमिंस का बाहर होना न सिर्फ गेंदबाजी आक्रमण के लिहाज से,बल्कि नेतृत्व के स्तर पर भी एक बड़ा नुकसान है। हालाँकि,टी20 फॉर्मेट में वह कप्तानी नहीं कर रहे थे,लेकिन उनकी मौजूदगी टीम को आत्मविश्वास देती थी।
अब ऑस्ट्रेलिया को नए संयोजन के साथ आगे बढ़ना होगा और चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि टीम इस चुनौती को अवसर में बदलने में सफल रहेगी। बेन ड्वारशुइस और मैथ्यू रेनशॉ के शामिल होने से टीम को नई ऊर्जा और लचीलापन मिलेगा। आने वाले अभ्यास मुकाबले और शुरुआती विश्व कप मैच यह तय करेंगे कि ऑस्ट्रेलिया इन बदलावों के साथ कितनी जल्दी खुद को ढाल पाता है। विश्व कप से पहले यह झटका जरूर बड़ा है,लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास अनुभव और गहराई है,जिससे वह इस मुश्किल से उबरने की कोशिश करेगी।
टी20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया की अपडेटेड टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), कूपर कोनोली,जेवियर बार्टलेट,बेन ड्वारशुइस,टिम डेविड,नाथन एलिस,कैमरन ग्रीन,जोश हेजलवुड,जोश इंग्लिस,ट्रेविस हेड,मैथ्यू कुहनेमैन,मैट रेनशॉ,ग्लेन मैक्सवेल,मार्कस स्टोइनिस,एडम जम्पा।
