पीएम नरेंद्र मोदी

तमिलनाडु और पुडुचेरी दौरे पर पीएम मोदी, 7,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

नई दिल्ली,28 फरवरी (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 मार्च को तमिलनाडु और पुडुचेरी के दौरे पर रहेंगे,जहाँ वे जनसभाओं को संबोधित करने के साथ-साथ 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार,यह दौरा दक्षिण भारत में बुनियादी ढाँचे,कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री शनिवार शाम चेन्नई पहुँचेंगे। इसके बाद रविवार को वे पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क,औद्योगिक और रेल बुनियादी ढाँचे से जुड़ी पहलें शामिल हैं,जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना और निवेश को आकर्षित करना है।

पुडुचेरी में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-332ए के मरक्कनम-पुडुचेरी खंड को चार लेन में विकसित करने की परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना से पुडुचेरी के शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार,इस सड़क के चौड़ीकरण से यात्रा समय लगभग 50 प्रतिशत घटकर 30 मिनट तक रह जाएगा,जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-87 के परमकुडी-रामनाथपुरम खंड को भी चार लेन में परिवर्तित करने की नींव रखेंगे,जिससे क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

रेल अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित आठ रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। ये स्टेशन तमिलनाडु के मोरप्पुर, बोम्मिडी,श्रीविल्लिपुत्तूर,शोलावंदन,मनापराई,पोलाची जंक्शन,कराईकुडी जंक्शन और तिरुवरूर जंक्शन हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं,बेहतर यात्री सेवाओं और उन्नत डिज़ाइन के साथ तैयार किया गया है,जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित अनुभव मिल सके। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी,बल्कि रेल आधारित कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।

पुडुचेरी में प्रधानमंत्री 750 एकड़ में विकसित करासुर-सेदारापेट औद्योगिक एस्टेट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस औद्योगिक परिसर में फार्मा पार्क,टेक्सटाइल पार्क,आईटी पार्क के साथ-साथ आईआईटी मद्रास का अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र और जेआईपीएमईआर की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ स्थापित की जाएँगी। अधिकारियों के अनुसार,इस एस्टेट से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

रविवार दोपहर बाद प्रधानमंत्री मदुरै जाएँगे,जहाँ वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे और 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ अन्य बुनियादी ढाँचा विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन पहलों से दक्षिण तमिलनाडु के विकास को नई दिशा मिलेगी और क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मदुरै प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री तिरुप्परनकुंद्रम स्थित प्रसिद्ध अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। यह मंदिर तमिलनाडु के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव का भी संदेश देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा तमिलनाडु और पुडुचेरी में बुनियादी ढाँचे के विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता है। सड़क परियोजनाओं से जहाँ यातायात सुगम होगा और लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी,वहीं रेल स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। औद्योगिक एस्टेट की स्थापना से निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री का यह दक्षिण भारत दौरा बुनियादी ढाँचे के विस्तार,औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास न केवल विकास की रफ्तार को तेज करेगा,बल्कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।