चेन्नई,25 मार्च (युआईटीवी)- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और इसी बीच ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम ( एआईएडीएमके) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने इस सूची का ऐलान करते हुए 23 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। इस सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को दोबारा मौका दिया गया है,जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अनुभव और संगठनात्मक मजबूती पर भरोसा जता रही है।
एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी स्वयं सलेम जिले के एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। यह सीट उनके लिए पारंपरिक रूप से मजबूत मानी जाती है और वे पहले भी यहाँ से जीत हासिल कर चुके हैं। पार्टी ने इस बार भी उनके नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया है,जो इस बात को दर्शाता है कि संगठन उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा कर रहा है।
उम्मीदवारों की इस पहली सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं,जो पहले मंत्री रह चुके हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखते हैं। चेन्नई के रॉयपुरम सीट से डी. जयकुमार को उम्मीदवार बनाया गया है,जो राज्य के पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्र से ही एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरेंगे।
इसी तरह वेप्पनहल्ली सीट से केपी मुनुसामी को टिकट दिया गया है,जो पार्टी के उप महासचिव और पूर्व मंत्री हैं। डिंडीगुल से डिंडीगुल सी. श्रीनिवासन को मैदान में उतारा गया है,जबकि नाथम सीट से नाथम आर. विश्वनाथन को उम्मीदवार बनाया गया है। ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत संगठनात्मक आधार रखते हैं और पार्टी को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
कोयंबटूर के थोंडामुथुर सीट से एस.पी. वेलुमणि को उम्मीदवार बनाया गया है,जो पूर्व मंत्री रह चुके हैं और स्थानीय स्तर पर काफी प्रभावशाली माने जाते हैं। कुमारपालयम से पी. थंगमणि को टिकट मिला है,जबकि मायलम सीट से सी.वी. शण्मुगम को मैदान में उतारा गया है।
मदुरै पश्चिम सीट से सेलूर के. राजू को उम्मीदवार बनाया गया है,वहीं पालाकोडु से के.पी. अन्बझगन को मौका दिया गया है। नन्निलम सीट से आर. कामराज को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इन सभी नामों से यह साफ झलकता है कि पार्टी ने अपने अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं पर ही दांव लगाया है।
इसके अलावा वेदारण्यम सीट से ओएस मणियन,विरालीमलाई से डॉ. सी. विजयभास्कर और कोविलपट्टी से कडंबूर सी. राजू को उम्मीदवार बनाया गया है। तिरुमंगलम सीट से आर.बी. उदयकुमार,शिवकाशी से के.टी. राजेंद्र बालाजी और मदुरावायल से पा. बेंजामिन को टिकट दिया गया है।
कलसपाक्कम सीट से एस.एस. कृष्णमूर्ति को उम्मीदवार बनाया गया है,जबकि तिरुप्परनकुंद्रम से वी.वी. राजन चेलप्पा को मैदान में उतारा गया है। भवानी सीट से के.सी. करुप्पन्नन, जोलारपेट से के.सी. वीरमणि और करूर से एम.आर. विजयभास्कर को टिकट मिला है। अरियालूर सीट से श्री थमरई एस. राजेंद्रन को उम्मीदवार बनाया गया है।
इस सूची में अधिकतर उम्मीदवार वे हैं, जो पहले भी अपने-अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि पार्टी इस बार नए चेहरों के बजाय अनुभवी नेताओं पर भरोसा कर रही है,जो चुनावी मैदान में मजबूत पकड़ रखते हैं और संगठन के लिए वोट जुटाने की क्षमता रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएडीएमके की यह रणनीति चुनाव में स्थिरता और भरोसे का संदेश देने की कोशिश है। पार्टी यह दिखाना चाहती है कि उसके पास अनुभवी नेतृत्व है,जो राज्य के मुद्दों को समझता है और उन्हें प्रभावी तरीके से हल कर सकता है।
तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला इस बार काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है,क्योंकि सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं। एआईएडीएमके की इस पहली सूची से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और आने वाले दिनों में और उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।
कुल मिलाकर,एआईएडीएमके की इस सूची ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब देखना यह होगा कि अन्य राजनीतिक दल अपनी रणनीति के तहत किस तरह के उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं और यह चुनावी मुकाबला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
