अदाणी पावर लिमिटेड (तस्वीर क्रेडिट@InvGurInd)

तमिलनाडु को 558 मेगावाट अतिरिक्त बिजली देगी अदाणी पावर,मोक्सी पावर को पाँच साल का लेटर ऑफ अवॉर्ड

अहमदाबाद,24 फरवरी (युआईटीवी)- देश की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक कंपनी अदाणी पावर ने मंगलवार को घोषणा की कि उसकी सहायक कंपनी मोक्सी पावर जनरेशन लिमिटेड (एमपीजीएल) को तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से 558 मेगावाट (नेट) बिजली आपूर्ति के लिए पाँच वर्ष की अवधि का लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्राप्त हुआ है। यह समझौता तमिलनाडु के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कंपनी के अनुसार,इस नई आपूर्ति व्यवस्था से राज्य के ग्रिड की स्थिरता में सुधार होगा और घरेलू उपभोक्ताओं,व्यवसायों तथा औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि दक्षिण भारत के औद्योगिक रूप से विकसित राज्यों में बिजली की स्थिर उपलब्धता आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में 558 मेगावाट अतिरिक्त आपूर्ति राज्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायक होगी।

मोक्सी पावर जनरेशन लिमिटेड तमिलनाडु के तूतीकोरिन में 1,200 मेगावाट (2×600 मेगावाट) क्षमता वाला थर्मल पावर प्लांट संचालित करती है। यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और क्षेत्र में बिजली उत्पादन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। कंपनी ने कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली बोली प्रक्रिया में 5.910 रुपए प्रति यूनिट की दर से सबसे कम बोली लगाकर यह ठेका हासिल किया। यह दर बाजार परिस्थितियों को देखते हुए प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है, जिससे राज्य के उपभोक्ताओं को आने वाले समय में सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा का लाभ मिल सकता है। बिजली आपूर्ति 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने की योजना है।

अदाणी पावर की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 18.15 गीगावाट है,जो इसे भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक कंपनी बनाती है। कंपनी के पास 18,110 मेगावाट की स्थापित थर्मल पावर क्षमता है,जो गुजरात,महाराष्ट्र,कर्नाटक,राजस्थान,छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों में स्थित 12 बिजली संयंत्रों में फैली हुई है। इसके अतिरिक्त,गुजरात में 40 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता भी कंपनी के पोर्टफोलियो का हिस्सा है। विविध भौगोलिक उपस्थिति और ऊर्जा स्रोतों का मिश्रण कंपनी को परिचालन स्थिरता प्रदान करता है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि मोक्सी पावर संयंत्र की दोनों इकाइयों के पास अब बिजली आपूर्ति समझौते (पीपीए) उपलब्ध हैं। इसके साथ ही अदाणी पावर की कुल परिचालन क्षमता का 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मध्यम और दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत सुरक्षित हो चुका है। इससे कंपनी को दीर्घकालिक राजस्व की स्पष्टता मिलती है और अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव के जोखिम से भी राहत मिलती है। ऊर्जा बाजार में कीमतों में अस्थिरता एक सामान्य चुनौती रही है,ऐसे में दीर्घकालिक अनुबंध कंपनी की वित्तीय सेहत को स्थिर बनाए रखने में मदद करते हैं।

कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में वह अपने सभी चालू और निर्माणाधीन संयंत्रों के लिए लगभग 100 प्रतिशत पीपीए सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है। यह रणनीति निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है,क्योंकि इससे नकदी प्रवाह की पूर्वानुमेयता बढ़ती है और परियोजनाओं के वित्तपोषण में सुविधा होती है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में निरंतर कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इस तिमाही में कंपनी का पीबीटी 2,800 करोड़ रुपए रहा,जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2,659 करोड़ रुपए था। कंपनी ने इस वृद्धि का श्रेय मुख्य रूप से कम वित्तीय लागत और स्थिर परिचालन प्रदर्शन को दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर लागत प्रबंधन और दीर्घकालिक अनुबंधों के संयोजन से कंपनी अपनी लाभप्रदता को बनाए रखने में सफल रही है।

तमिलनाडु के संदर्भ में यह नया समझौता राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। औद्योगिक उत्पादन,आईटी पार्क,बंदरगाह गतिविधियां और शहरी विस्तार के चलते राज्य में बिजली की माँग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रतिस्पर्धी दर पर दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होना उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों के लिए राहतकारी है। साथ ही,ग्रिड की स्थिरता बढ़ने से बिजली कटौती की संभावनाएँ कम होंगी और उत्पादन गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अदाणी पावर की यह उपलब्धि उसके बाजार नेतृत्व को और सुदृढ़ करती है। कंपनी का फोकस परिचालन दक्षता,दीर्घकालिक अनुबंध और वित्तीय अनुशासन पर बना हुआ है। आने वाले समय में यदि कंपनी अपने 100 प्रतिशत पीपीए लक्ष्य को हासिल कर लेती है,तो यह भारतीय बिजली क्षेत्र में निजी भागीदारी के मॉडल को और मजबूत कर सकता है।

तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन से मिला यह पाँच वर्षीय लेटर ऑफ अवॉर्ड अदाणी पावर के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल कंपनी की आय में स्थिरता आएगी,बल्कि तमिलनाडु के उपभोक्ताओं को भी भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी दर पर बिजली उपलब्ध हो सकेगी,जो राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देने में सहायक होगी।