नई दिल्ली,10 दिसंबर (युआईटीवी)- टाटा मोटर्स ने सोमवार को घोषणा की कि वह नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2024 से अपने यात्री वाहनों (पीवी) पोर्टफोलियो,जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) भी शामिल हैं,की कीमतों में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी करेगी। कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि विभिन्न मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग होगी।
टाटा मोटर्स के मुताबिक,यह कीमत वृद्धि मुख्य रूप से इनपुट लागत और मुद्रास्फीति में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। वाहन निर्माता कंपनियाँ लगातार बढ़ती लागतों को नियंत्रित करने के लिए कीमतों में वृद्धि करती हैं,ताकि उनका मुनाफा सुनिश्चित किया जा सके। टाटा मोटर्स ने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि ग्राहकों को न केवल उच्च गुणवत्ता वाले वाहन देने के लिए जरूरी है,बल्कि इस कदम से कंपनी की वित्तीय स्थिति को भी स्थिर बनाए रखा जा सकेगा।
यह कदम तब उठाया गया है,जब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में वैश्विक और घरेलू स्तर पर विभिन्न कारकों की वजह से लागत में लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है,जैसे कि कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि,ऊर्जा लागत और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही समस्याएँ।
1 जनवरी 2024 से किआ इंडिया ने भी अपने पूरे वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 2 प्रतिशत तक की वृद्धि करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि यह निर्णय मुख्य रूप से कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी बढ़ी हुई लागतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। किआ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष,बिक्री और विपणन,हरदीप सिंह बरार ने इस संबंध में बताया कि “हम अपने ग्राहकों को उच्चतम गुणवत्ता और तकनीकी रूप से उन्नत वाहनों की पेशकश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालाँकि,लगातार बढ़ रही कमोडिटी कीमतों,प्रतिकूल विनिमय दरों और बढ़ी हुई इनपुट लागतों के कारण यह जरूरी हो गया था कि हम मूल्य में समायोजन करें।”
बरार ने यह भी कहा कि किआ ने इस लागत वृद्धि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपने ऊपर लिया है ताकि ग्राहकों पर वित्तीय दबाव कम-से-कम हो और वे अपनी पसंदीदा किआ कारों का आनंद ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि किआ अपनी गुणवत्ता और ग्राहक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध बनी रहेगी और ग्राहकों को सर्वोत्तम अनुभव देने की दिशा में काम करती रहेगी।
किआ इंडिया की बिक्री के आँकड़े भी काफी सकारात्मक रहे हैं। अब तक,किआ ने भारत और विदेशों में मिलाकर 1.6 मिलियन यूनिट्स की बिक्री की है। कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी, सेल्टोस ने 6,70,000 यूनिट्स की बिक्री की है। इसके बाद सोनेट ने 4,80,000 यूनिट्स,कैरेंस ने 2,14,400 यूनिट्स और कार्निवल ने 15,000 यूनिट्स से अधिक की बिक्री की है। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि किआ भारत में अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है और ग्राहकों के बीच अपनी कारों के लिए एक स्थिर माँग बनाई है।
टाटा मोटर्स और किआ इंडिया के अलावा,अन्य प्रमुख ऑटो कंपनियों ने भी आगामी वर्ष से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है।
मारुति सुजुकी इंडिया ने पहले ही यह घोषणा की है कि वह 1 जनवरी 2024 से अपनी कारों की कीमतों में 4 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी करेगी। यह वृद्धि विभिन्न मॉडलों के आधार पर होगी और ग्राहकों को नई कीमतों के साथ वाहन उपलब्ध होंगे।
हुंडई मोटर इंडिया ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। कंपनी ने कहा कि इनपुट लागत और अन्य विभिन्न कारकों में वृद्धि के कारण वाहनों की कीमतों में वृद्धि की जा रही है। हुंडई का यह फैसला सभी मॉडलों पर लागू होगा और इसकी अनुमानित वृद्धि 25,000 रुपये तक हो सकती है।
इसके अलावा,महिंद्रा एंड महिंद्रा और अन्य वाहन निर्माता कंपनियाँ भी अपनी कीमतों में बढ़ोत्तरी की योजना बना रही हैं। ये बढ़ोतरी आगामी जनवरी महीने से प्रभावी होगी और इसका मुख्य कारण कच्चे माल की लागत में बढ़ोत्तरी और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही समस्याएँ हैं।
ऑटो उद्योग में इनपुट लागतों और मुद्रास्फीति के कारण लगातार बढ़ रही कीमतों को लेकर सभी प्रमुख कंपनियाँ मूल्य वृद्धि की ओर बढ़ रही हैं। टाटा मोटर्स,किआ इंडिया,मारुति सुजुकी,हुंडई मोटर और अन्य कंपनियों द्वारा की गई कीमतों में वृद्धि ग्राहकों पर वित्तीय दबाव डाल सकती है,लेकिन यह कदम कंपनियों के लिए अपने मुनाफे को बनाए रखने के लिए जरूरी है। इन कंपनियों का यह भी कहना है कि वे ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कीमतों में बढ़ोत्तरी को एक आवश्यक कदम मानते हैं। इस बदलाव के बावजूद,उम्मीद की जा रही है कि बाजार में इन कंपनियों की मॉंग बनी रहेगी,क्योंकि इनकी कारों का प्रदर्शन और गुणवत्ता ग्राहकों को आकर्षित करता है।
