मुंबई,10 अप्रैल (युआईटीवी)- देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजों का ऐलान करते हुए एक बार फिर अपने मजबूत प्रदर्शन से बाजार को प्रभावित किया है। कंपनी ने इस तिमाही में न केवल अपने मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है,बल्कि रेवेन्यू ग्रोथ के मोर्चे पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने निवेशकों को डिविडेंड के रूप में बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है,जिससे शेयरधारकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
टीसीएस द्वारा जारी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार,कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये पर पहुँच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 12,224 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है,जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएँ बनी हुई हैं,जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी की रणनीति और संचालन क्षमता मजबूत बनी हुई है।
रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में टीसीएस का ऑपरेशन्स से कुल राजस्व 9.6 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये हो गया,जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 64,479 करोड़ रुपये था। यह आँकड़ें इस बात की पुष्टि करते हैं कि कंपनी की सेवाओं की माँग वैश्विक बाजार में लगातार बनी हुई है और ग्राहक भरोसा कायम है।
अगर तिमाही दर तिमाही प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन और भी दमदार नजर आता है। इस दौरान कंपनी का मुनाफा 28.7 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि रेवेन्यू में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण रणनीतियाँ प्रभावी साबित हो रही हैं।
कंपनी के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के कृतिवासन ने नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कंपनी ने लगातार तीसरी तिमाही में ग्रोथ दर्ज की है,जो इसकी स्थिरता और दीर्घकालिक रणनीति की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि टीसीएस की ग्रोथ प्रमुख बाजारों और विभिन्न इंडस्ट्री सेगमेंट्स में संतुलित रूप से बनी हुई है। यह विविधता कंपनी को किसी एक क्षेत्र में आने वाली मंदी से बचाने में मदद करती है।
उन्होंने आगे कहा कि भले ही वैश्विक स्तर पर मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं,लेकिन ग्राहकों का टेक्नोलॉजी में निवेश पर भरोसा कायम है। कंपनियां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन,क्लाउड,साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश जारी रखे हुए हैं,जिससे टीसीएस के लिए भविष्य में विकास के कई अवसर खुल रहे हैं।
इस बीच,कंपनी ने अपने निवेशकों को भी निराश नहीं किया है। टीसीएस ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 31 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है। हालाँकि,इस डिविडेंड को अंतिम रूप से कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही वितरित किया जाएगा। इसके अलावा,कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के दौरान कुल 39,571 करोड़ रुपये का डिविडेंड भुगतान किया है,जो निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत और आकर्षण का कारण है।
खर्च के मोर्चे पर भी कंपनी का नियंत्रण संतुलित रहा है। चौथी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 53,093 करोड़ रुपये रहा,जो पिछले साल की समान अवधि में 49,105 करोड़ रुपये था। हालाँकि,तिमाही आधार पर खर्च 50,736 करोड़ रुपये रहा,जो दर्शाता है कि कंपनी ने अपने ऑपरेशनल खर्चों को प्रभावी ढंग से मैनेज किया है।
टीसीएस की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर,प्रेसिडेंट और सीओओ आरती सुब्रमण्यम ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 एंटरप्राइज एआई अपनाने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण साल रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनियाँ तेजी से एआई-आधारित सॉल्यूशंस को अपना रही हैं,जिससे टीसीएस को इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ने का मौका मिला है।
आरती सुब्रमण्यम के अनुसार,चौथी तिमाही में कंपनी की एआई से होने वाली सालाना आय 2.3 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की माँग तेजी से बढ़ रही है और टीसीएस इस अवसर का लाभ उठाने में सफल रही है। एआई के अलावा क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं में भी कंपनी को लगातार नए कॉन्ट्रैक्ट मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि टीसीएस का यह प्रदर्शन आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद अगर इस तरह की ग्रोथ जारी रहती है,तो यह भारतीय आईटी कंपनियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। साथ ही,डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई की बढ़ती माँग आने वाले समय में इस सेक्टर को और मजबूती प्रदान कर सकती है।
टीसीएस के चौथी तिमाही के नतीजे यह दर्शाते हैं कि कंपनी न केवल वर्तमान चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही है,बल्कि भविष्य के लिए भी खुद को तैयार कर रही है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन,संतुलित ग्रोथ और निवेशकों के लिए आकर्षक डिविडेंड के साथ टीसीएस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह भारत की आईटी इंडस्ट्री की अग्रणी कंपनी क्यों है।
