अमेरिका पर मंडराया भीषण शीत तूफान का खतरा (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

अमेरिका पर मंडराया भीषण शीत तूफान का खतरा,मिडवेस्ट से ईस्ट कोस्ट तक अलर्ट,लाखों लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने की आशंका

वाशिंगटन,24 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिका के कई हिस्सों में एक शक्तिशाली शीत तूफान तेजी से आगे बढ़ रहा है,जिसने प्रशासन,मौसम वैज्ञानिकों और आम नागरिकों की चिंताएँ बढ़ा दी हैं। यह तूफान मिडवेस्ट,ईस्ट कोस्ट और दक्षिणी राज्यों के बड़े इलाकों को अपनी चपेट में लेने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भारी बर्फबारी,मूसलाधार बारिश और जमाने वाली ठंडी हवाएँ लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। इस तूफान का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहने वाला,बल्कि इसका सीधा प्रभाव हवाई यातायात,सड़क परिवहन, बिजली आपूर्ति और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने की आशंका है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक,यह शीत तूफान कई परतों में आगे बढ़ रहा है,जिससे अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तरह की समस्याएँ देखने को मिल सकती हैं। मिडवेस्ट और उत्तरी राज्यों में जहाँ भारी बर्फबारी की आशंका है,वहीं दक्षिण और पूर्वी इलाकों में जमाने वाली बारिश और तेज हवाएँ हालात को और खतरनाक बना सकती हैं। कई जगहों पर तापमान अचानक गिरने की संभावना है,जिससे सड़कें फिसलन भरी हो जाएँगी और खुले में रहना जोखिम भरा हो सकता है।

इस तूफान का असर हवाई सेवाओं पर भी साफ नजर आने लगा है। कई हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी और रद्द होने की खबरें सामने आ रही हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों को पहले से चेतावनी दी है कि वे अपनी फ्लाइट की स्थिति की जाँच करते रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण विमानों का टेकऑफ और लैंडिंग बेहद जोखिम भरा हो सकता है। वहीं, सड़कों की हालत भी तेजी से बिगड़ने की आशंका है। बर्फ से ढकी हाईवे,कम दृश्यता और जमाव के कारण ड्राइविंग कई इलाकों में लगभग असंभव हो सकती है।

व्हाइट हाउस ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बताया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पूरे घटनाक्रम की लगातार जानकारी दी जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति दिनभर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संबंधित सभी विभागों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संघीय सरकार राज्यों के साथ मिलकर इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने भी इस शीत तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह तूफान भारी बर्फबारी,खतरनाक बारिश और जानलेवा ठंडी हवाएँ लेकर आ सकता है। नोएम के अनुसार,मिडवेस्ट,ईस्ट कोस्ट और यहाँ तक कि दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर बिजली गुल होने,सड़कें बंद होने और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हालात को हल्के में न लें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सरकार ने संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए फेडरल एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी यानी फेमा राज्यों के साथ मिलकर तूफान की लगातार निगरानी कर रही है और राहत व बचाव कार्यों की तैयारी में जुटी है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने जानकारी दी है कि इंसिडेंट मैनेजमेंट टीमें पहले ही लुइसियाना,टेक्सास और वर्जीनिया भेजी जा चुकी हैं। इन टीमों का मकसद स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हालात का आकलन करना और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करना है। इसके अलावा और टीमें भी पूरी तरह तैयार हैं,जिन्हें राज्यपालों के अनुरोध पर तुरंत प्रभावित इलाकों में तैनात किया जा सकता है।

आपातकालीन हालात को देखते हुए 28 फेमा अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू टीमें भी अलर्ट पर रखी गई हैं। ये टीमें विशेष रूप से उन परिस्थितियों में काम आती हैं,जहाँ बर्फबारी,बाढ़ या इमारतों के गिरने जैसी घटनाओं में लोगों को बचाने की जरूरत पड़ती है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधनों को तैयार रखा गया है।

लंबे समय तक बिजली गुल रहने और सड़कों के बंद होने की आशंका को देखते हुए फेमा ने पहले से ही दक्षिण और पूर्वी इलाकों में आपातकालीन राहत सामग्री पहुँचा दी है। इनमें 70 लाख से ज्यादा भोजन पैकेट, 20 लाख लीटर से अधिक पानी, 6 लाख से ज्यादा कंबल और 300 से अधिक जनरेटर शामिल हैं। इन संसाधनों को रणनीतिक रूप से ऐसे स्थानों पर रखा गया है,जहाँ से जरूरत पड़ने पर इन्हें तेजी से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाया जा सके।

इसके अलावा,केंटकी,लुइसियाना और टेक्सास में विशेष स्टेजिंग साइट्स बनाई गई हैं। इन साइट्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर किसी इलाके में हालात अचानक बिगड़ते हैं,तो राहत सामग्री और बचाव दल बिना देरी के वहाँ पहुँच सकें। अधिकारियों का कहना है कि पिछली आपदाओं से मिले अनुभवों के आधार पर इस बार तैयारी को और मजबूत किया गया है।

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने आम लोगों से अपील की है कि वे संभावित लंबे समय तक होने वाली परेशानियों के लिए खुद को तैयार रखें। अधिकारियों ने चेताया है कि बिजली गुल होने की स्थिति में हीटिंग सिस्टम,संचार सेवाएँ और परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे राज्य और स्थानीय आपातकालीन अलर्ट के लिए साइन अप करें और फेमा ऐप डाउनलोड करें,ताकि उन्हें रियल टाइम अपडेट मिलते रहें और सही समय पर सही फैसले ले सकें।

सुरक्षा को लेकर भी खास चेतावनियाँ जारी की गई हैं। डीएचएस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हालत में जनरेटर को घर के अंदर न चलाएँ और गैस स्टोव,केरोसीन या प्रोपेन हीटर या ओवन से घर गर्म करने की कोशिश न करें। अधिकारियों के मुताबिक,इस तरह की लापरवाही से कार्बन मोनोऑक्साइड का गंभीर खतरा हो सकता है,जो जानलेवा साबित हो सकता है। हर साल सर्दियों में इस तरह की घटनाओं में कई लोगों की जान चली जाती है,इसलिए इस बार प्रशासन ने पहले से ही सख्त चेतावनी जारी की है।

यात्रा को लेकर भी प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है। अधिकारियों ने कहा है कि बेवजह यात्रा से बचें और अगर स्थानीय प्रशासन सड़क पर न निकलने की सलाह देता है,तो उसका पूरी तरह पालन करें। बर्फीली सड़कों,ढकी हुई हाईवे और कम दृश्यता के कारण ड्राइविंग बेहद खतरनाक हो सकती है। क्रिस्टी नोएम ने कहा कि अगर लोगों को सड़क पर न निकलने को कहा जाए,तो उन्हें उस सलाह को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मजबूरी में यात्रा करनी ही पड़े,तो अपने रास्ते और अनुमानित पहुंचने के समय की जानकारी किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जरूर दें।

परिवारों को भी सलाह दी गई है कि वे कई दिनों के लिए जरूरी सामान अपने पास रखें। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी,सूखा भोजन,गर्म कपड़े,कंबल और जरूरी दवाएँ शामिल हैं। अधिकारियों ने चेताया है कि कुछ सड़कें भारी बर्फ और जमाव के कारण कई दिनों तक बंद रह सकती हैं,जिससे राहत पहुंचाने में भी समय लग सकता है।

अमेरिका इस वक्त एक गंभीर शीत तूफान की चुनौती का सामना कर रहा है। सरकार और प्रशासन ने जहाँ व्यापक स्तर पर तैयारी की है,वहीं आम लोगों से भी सतर्कता और जिम्मेदारी दिखाने की अपील की जा रही है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह तूफान कितनी बड़ी तबाही लाता है,लेकिन फिलहाल पूरा देश सतर्कता और इंतजार की स्थिति में है।