टेरर हेवन्स देशों पर नकेल कसने की जरूरत: अमित शाह

नई दिल्ली, 19 नवंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)- दिल्ली में आयोजित नो मनी फॉर टेरर मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का समापन हो गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिना नाम लिए पाकिस्तान और चीन पर जमकर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि कुछ देशों, उनकी सरकारों व एजेंसियों ने आतंकवाद को स्टेट पालिसी बनाया है। टेरर हेवन्स पर आर्थिक प्रतिबंध के साथ सभी प्रकार की नकेल कसना आवश्यक है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने चीन का नाम लिए बिना कहा कि कुछ देश आतंकवादियों और आतंकवाद को पनाह देने वालों का बार-बार समर्थन करते हैं। मेरा मानना है कि आतंकवाद की कोई अंतर्राष्ट्रीय सीमा नहीं होती, इसलिए सभी देशों को राजनीति को भुलाकर एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर दुनिया के सभी देशों को अपने जियो-पॉलिटिकल इंटरेस्ट से ऊपर उठ एक मन बनाना होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि कोई भी एक देश या कोई भी एक संगठन, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, आतंकवाद को अकेला हरा नहीं सकता! अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगातार इस जटिल और बॉर्डर-लेस खतरे के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद लोकतंत्र, मानवाधिकार, आर्थिक प्रगति तथा विश्वशांति के खिलाफ सबसे बड़ा नासूर है, जिसे हमें जीतने नहीं देना है।

अमित शाह ने कहा कि हाल ही में भारत सरकार ने सामाजिक गतिविधियों की आड़ में युवाओं को रेडिकलाइज कर उन्हें आतंक की ओर धकेलने की साजिश करने वाली संस्था को बैन किया है। मेरा मानना है कि हर देश को ऐसी संस्थाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि हम आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एक प्रभावी, दीर्घकालिक और ठोस लड़ाई के बिना भय-मुक्त समाज, भय-मुक्त दुनिया नहीं सोच सकते हैं।

गौरतलब है कि भारत ने नो मनी फॉर टेरर सम्मेलन के तीसरे संस्करण की मेजबानी की थी। इसमें 78 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे जहां आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक रणनीति पर चर्चा की गई है।

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