एयर इंडिया

पायलट की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी,बोइंग 787-8 में ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच’ में गड़बड़ी के बाद एयर इंडिया ने उड़ान से हटाया

नई दिल्ली,3 फरवरी (युआईटीवी)- टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्णय लेते हुए अपने एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान को उड़ान भरने से रोक दिया। यह फैसला उस समय लिया गया,जब पायलट ने विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की जानकारी दी। एयरलाइन ने इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि पायलट से सूचना मिलते ही एहतियाती कदम के तौर पर विमान को तत्काल सेवा से हटा दिया गया,ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो।

जानकारी के मुताबिक,यह विमान एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 132 थी,जो लंदन से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाली थी। उड़ान से पहले किए जाने वाले नियमित प्री-फ्लाइट चेक के दौरान पायलट को फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी असामान्यता महसूस हुई। पायलट ने बिना किसी देरी के इस तकनीकी मुद्दे की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को दी,जिसके बाद एयरलाइन ने विमान को ग्राउंड करने का फैसला लिया। विमानन क्षेत्र में पायलट की इस सतर्कता को बेहद अहम माना जाता है,क्योंकि फ्यूल कंट्रोल सिस्टम किसी भी विमान की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि पायलट की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए विमान को तुरंत ऑपरेशनल सर्विस से हटा दिया गया। साथ ही विमान निर्माता कंपनी बोइंग को इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जाँच करने और पायलट द्वारा जताई गई चिंताओं को दूर करने के लिए सूचित किया गया है। एयरलाइन का कहना है कि जब तक पूरी तरह से तकनीकी जाँच पूरी नहीं हो जाती और सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि नहीं हो जाती,तब तक इस विमान को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।

एयर इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटनाक्रम की जानकारी भारत के विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को दे दी गई है। डीजीसीए को सूचित करना नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा है,ताकि किसी भी संभावित तकनीकी जोखिम का व्यापक स्तर पर मूल्यांकन किया जा सके। एयरलाइन ने कहा कि वह मामले की समीक्षा के दौरान डीजीसीए द्वारा तय सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन कर रही है।

अपने बयान में एयर इंडिया ने यह भी बताया कि इससे पहले उसके बेड़े में शामिल सभी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जाँच की जा चुकी है। ये जाँच डीजीसीए के निर्देशानुसार की गई थीं और उस समय किसी भी विमान में कोई तकनीकी समस्या सामने नहीं आई थी। ऐसे में इस ताजा घटना को एक अलग और विशेष मामला मानते हुए उसकी गहराई से जाँच की जा रही है। एयरलाइन का कहना है कि हर विमान की स्थिति और तकनीकी स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाती है,ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे।

एयर इंडिया ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल का हित उसके लिए सबसे अहम है और वह उच्चतम सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगी। इस फैसले के कारण भले ही उड़ान में देरी या बदलाव हुआ हो,लेकिन एयरलाइन का जोर इस बात पर है कि किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बेहतर है कि समय रहते एहतियाती कदम उठा लिए जाएँ।

गौरतलब है कि हाल के महीनों में एयर इंडिया ने तकनीकी सुरक्षा को लेकर कई मौकों पर एहतियात बरतने के उदाहरण पेश किए हैं। दिसंबर में एयरलाइन ने बताया था कि मुंबई जाने वाली उसकी एक फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दिल्ली लौट आई थी। 22 दिसंबर को जारी बयान में एयर इंडिया ने कहा था कि विमान को एहतियातन वापस लाया गया और दिल्ली में उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। उस घटना में सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित थे और उन्हें विमान से उतार लिया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटना एयर इंडिया की सुरक्षा संस्कृति को दर्शाती है,जहाँ संभावित जोखिम को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते कार्रवाई की जाती है। टाटा ग्रुप के अधिग्रहण के बाद से एयर इंडिया अपनी परिचालन प्रक्रियाओं,रखरखाव और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। बोइंग 787-8 जैसे आधुनिक और लंबी दूरी के विमानों में तकनीकी निगरानी और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है,क्योंकि ये विमान हजारों किलोमीटर की उड़ान भरते हैं और बड़ी संख्या में यात्रियों को ले जाते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ा कोई भी छोटा संकेत भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पायलट की सतर्कता,एयरलाइन की त्वरित प्रतिक्रिया और नियामक को समय पर सूचना देना—ये सभी कदम मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और भरोसेमंद बनी रहे। एयर इंडिया ने साफ कर दिया है कि तकनीकी जाँच पूरी होने और सभी आशंकाओं के दूर होने के बाद ही विमान को दोबारा सेवा में शामिल किया जाएगा।