अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप का दावा — 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन रचेंगे इतिहास,पार्टी से एकजुट रहने का आह्वान

वाशिंगटन,7 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के मध्यावधि चुनावों को लेकर अपनी पार्टी के भीतर नया जोश भरने की कोशिश तेज कर दी है। हाउस रिपब्लिकन सदस्यों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी “अभूतपूर्व जीत” हासिल करेगी और अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जाएगा। इस बैठक में ट्रंप का मुख्य संदेश स्पष्ट था—दलगत अनुशासन,एकता और उनके एजेंडे के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ही चुनावी सफलता का आधार बनेगी।

ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत इस विश्वास के साथ की कि रिपब्लिकन अभी ऐसी स्थिति में हैं,जहाँ वे रिकॉर्ड तोड़ परिणाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर मध्यावधि चुनाव व्हाइट हाउस में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं,लेकिन इस बार समीकरण अलग हैं। उनके अनुसार,उनकी नीतियों,नेतृत्व और पिछले वर्षों में हासिल परिणामों ने इस पारंपरिक राजनीतिक धारणा को उलट दिया है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि “अब हम इतिहास रचने जा रहे हैं” और पार्टी को इस मौके को खोने नहीं देना चाहिए।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर सफल राष्ट्रपति भी मध्यावधि चुनावों में नुकसान झेलते हैं,लेकिन उनका मानना है कि उनके कार्यकाल के दौरान किए गए फैसलों ने मतदाताओं के बीच भरोसे का एक नया आधार तैयार किया है। ट्रंप ने अपनी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2025 का साल “अभूतपूर्व सफलताओं” से भरा था और इसका राजनीतिक लाभ रिपब्लिकन को अवश्य मिलेगा।

बैठक के दौरान ट्रंप ने मौजूदा हाउस बहुमत पर भी टिप्पणी की। उन्होंने स्वीकार किया कि रिपब्लिकन बहुमत बहुत बड़ा नहीं है,लेकिन इसे उन्होंने “एकजुट बहुमत” करार दिया। उनके अनुसार,यही एकजुटता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जब बहुमत सीमित हो,तो राजनीतिक रणनीति और भी अहम हो जाती है,क्योंकि थोड़ी-सी अंदरूनी खींचतान भी विधायी प्रयासों को कमजोर कर सकती है। इस संदर्भ में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि आंतरिक विभाजन पार्टी के एजेंडे को “पटरी से उतार” सकते हैं।

इसी क्रम में ट्रंप ने हाउस नेतृत्व,विशेषकर स्पीकर माइक जॉनसन की खुलकर तारीफ की और उन्हें अपना “पूर्ण समर्थन” देने की घोषणा की। उन्होंने जॉनसन को एक शांत,दृढ़ और संतुलित नेतृत्व का उदाहरण बताते हुए कहा कि पार्टी को इस समय मजबूत और स्पष्ट दिशा की जरूरत है। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि केवल तीन-चार सीटों का बहुमत किसी भी पार्टी को आक्रामक रणनीति अपनाने से रोकता है,लेकिन समझदारी और समन्वय से इस चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने भावुक होते हुए प्रतिनिधि डग लामाल्फा को श्रद्धांजलि भी दी,जिनका हाल ही में निधन हो गया। उन्होंने लामाल्फा को “असाधारण रूप से समर्पित सदस्य” बताया और कहा कि वे 100 प्रतिशत समय उनके साथ खड़े रहे। कैलिफोर्निया में पानी से जुड़ी नीतियों पर लामाल्फा के प्रयासों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका जाना पार्टी और संसद—दोनों के लिए बड़ी क्षति है। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधि जिम बेयर्ड और उनकी पत्नी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे हाल ही में एक गंभीर कार दुर्घटना से उबर रहे हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।

ट्रंप ने अपने एक घंटे से अधिक चले भाषण में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि चुनावी सफलता का असली मंत्र संगठनात्मक अनुशासन है। उनके शब्दों में, “बस साथ रहें।” उन्होंने यह दावा किया कि रिपब्लिकन के पास “सभी नीतियाँ” हैं और उनका एजेंडा अमेरिका के लिए बेहतर भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत करता है। हालाँकि,उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों की आलोचना की,लेकिन इस बात को स्वीकार किया कि डेमोक्रेट्स की एकजुटता अक्सर उन्हें राजनीतिक बढ़त देती है। इसी संदर्भ में उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं को आगाह किया कि यदि वे आपस में बंटे रहे,तो अच्छी नीतियाँ भी जनता तक सही तरीके से नहीं पहुँच पाएँगी।

ट्रंप ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर पार्टी का संदेश स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रखें। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को यह महसूस होना चाहिए कि रिपब्लिकन न केवल आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर मजबूत हैं,बल्कि रोजमर्रा की समस्याओं के लिए भी उनके पास ठोस समाधान हैं। ट्रंप के मुताबिक,कर सुधार,सीमा सुरक्षा,ऊर्जा स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे रिपब्लिकन एजेंडे के केंद्र में हैं और इन्हीं विषयों पर एक स्पष्ट,एकजुट और सकारात्मक कैंपेन पार्टी को बढ़त दिला सकता है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी नेतृत्व शैली पारंपरिक राजनीति से अलग है और यही कारण है कि 2026 के मध्यावधि चुनावों में भी माहौल सामान्य से अलग दिख रहा है। ट्रंप ने कहा कि लोग परिणाम देखना चाहते हैं और रिपब्लिकन शासन के दौरान जो काम हुए हैं,वे मतदाताओं की याद में ताजे हैं। उन्होंने पार्टी के सांसदों को समझाने की कोशिश की कि यदि वे इस भरोसे को बनाए रखें और आपसी मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उभरने न दें,तो जीत की राह और आसान हो सकती है।

बैठक का माहौल,उपस्थित नेताओं के अनुसार,ऊर्जा और उत्साह से भरा रहा। कई सदस्यों ने ट्रंप के संदेश का समर्थन करते हुए इस बात पर सहमति जताई कि सीमित बहुमत के बावजूद एकजुटता से बड़े विधायी लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। कुछ नेताओं ने यह भी माना कि आगामी महीनों में पार्टी को अपने संचार तंत्र को और अधिक धारदार बनाना होगा,ताकि डेमोक्रेट्स के आलोचनात्मक नैरेटिव का प्रभावी जवाब दिया जा सके।

समग्र रूप से,ट्रंप का यह संबोधन न केवल चुनावी रणनीति का खाका पेश करता दिखा,बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि वे मध्यावधि चुनावों को अपने नेतृत्व और नीतिगत दृष्टि पर जनमत-संग्रह के रूप में देख रहे हैं। उनके लिए यह अवसर केवल सीटें बढ़ाने का नहीं,बल्कि एक दीर्घकालिक राजनीतिक कथा को मजबूत करने का भी है,जिसमें रिपब्लिकन पार्टी को एकजुट,ठोस और जनता के भरोसेमंद विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

अब सभी की नजरें आने वाले महीनों की राजनीतिक हलचलों पर टिकी हैं,जब रिपब्लिकन नेतृत्व ट्रंप के इस संदेश को जमीनी स्तर पर लागू करने की कोशिश करेगा। क्या पार्टी वास्तव में आंतरिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक साझा एजेंडे के साथ आगे बढ़ पाएगी और क्या 2026 के चुनाव वाकई “रिकॉर्डतोड़” साबित होंगे—इसका जवाब अमेरिकी मतदाता ही देंगे। फिलहाल इतना तय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी मुकाबले की शुरुआत से पहले ही पार्टी के भीतर एकता और संकल्प का नया नारा दे दिया है।