डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन (तस्वीर क्रेडिट@AkshayPratap94)

ट्रंप-पुतिन फोन वार्ता में यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट पर चर्चा,रूस से शांति में भूमिका निभाने की अपील की

वाशिंगटन,10 मार्च (युआईटीवी)- दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और रूस के शीर्ष नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर लंबी बातचीत की,जिसमें यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष जैसे बड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है,जब पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और दुनिया की बड़ी शक्तियाँ कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रही हैं।

फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने इस फोन कॉल की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत काफी सकारात्मक और रचनात्मक रही। ट्रंप ने कहा कि बातचीत में कई अधिकारी भी शामिल थे और दोनों देशों की तरफ से कई लोग कॉल पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा करने से पहले दोनों नेताओं ने यूक्रेन में जारी युद्ध के बारे में विस्तार से बात की।

ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन का युद्ध एक ऐसा संघर्ष बन गया है,जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने इसे “कभी न खत्म होने वाली लड़ाई” बताते हुए कहा कि इस युद्ध के पीछे कई जटिल कारण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक इस संघर्ष के लंबे समय तक जारी रहने की एक बड़ी वजह रूस और यूक्रेन के नेताओं के बीच गहरी व्यक्तिगत दुश्मनी भी है।

ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भारी तनाव है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच इतना अधिक अविश्वास और नाराजगी है कि किसी समझौते तक पहुँचना बेहद मुश्किल हो गया है। ट्रंप ने कहा कि “राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच जबरदस्त नफरत है और यही वजह है कि वे किसी साझा समाधान तक पहुँचने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं।”

हालाँकि,इन मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद ट्रंप ने कहा कि पुतिन के साथ उनकी बातचीत काफी सकारात्मक रही और दोनों पक्षों ने समाधान की दिशा में सोचने की आवश्यकता पर सहमति जताई। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति से साफ तौर पर कहा कि यदि रूस वास्तव में वैश्विक संकट को कम करने में मदद करना चाहता है,तो उसे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक उन्होंने पुतिन से कहा कि “आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके दुनिया की ज्यादा मदद कर सकते हैं।” ट्रंप ने यह भी कहा कि पुतिन ने बातचीत के दौरान संकेत दिया कि वह बढ़ते वैश्विक संकट के बीच रचनात्मक भूमिका निभाने के इच्छुक हैं और स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सहयोग करना चाहते हैं।

हालाँकि,ट्रंप ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि इस बातचीत के दौरान कोई ठोस प्रस्ताव या शांति योजना सामने आई या नहीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल बातचीत को सकारात्मक दिशा में एक शुरुआत के तौर पर देखा जाना चाहिए और आगे की कूटनीतिक कोशिशों पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।

इस फोन कॉल में मिडिल ईस्ट के हालात भी प्रमुख मुद्दा रहे। पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ा है और अमेरिका तथा ईरान के बीच सैन्य टकराव की स्थिति बन गई है। इसी संदर्भ में ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का भी जिक्र किया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ चलाए गए अभियान में हजारों सैन्य लक्ष्यों पर हमले किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों के जरिए तेहरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक नुकसान पहुँचाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक इन हमलों का मकसद ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है,जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।

हालाँकि,ट्रंप के इस दावे पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल भी उठ रहे हैं,क्योंकि ईरान की ओर से अब तक इस तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता सैन्य तनाव वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर रहा है और इसी कारण अमेरिका,रूस सहित कई बड़ी शक्तियाँ सक्रिय रूप से कूटनीतिक संवाद कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और पुतिन के बीच हुई यह बातचीत वैश्विक शक्ति संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट दोनों ही ऐसे मुद्दे हैं जिनका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था,ऊर्जा बाजार और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध पहले ही कई वर्षों से जारी है और इस संघर्ष ने यूरोप में सुरक्षा व्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया है। वहीं मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में अमेरिका और रूस जैसे देशों के बीच किसी भी स्तर की बातचीत को वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ट्रंप-पुतिन फोन कॉल को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है,जब दुनिया के कई हिस्सों में एक साथ संकट गहराते नजर आ रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध, मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव और वैश्विक कूटनीति की बढ़ती सक्रियता इस बात का संकेत देती है कि आने वाले समय में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और भी जटिल हो सकती है।

फिलहाल ट्रंप ने इस बातचीत को एक सकारात्मक शुरुआत बताया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में रूस भी वैश्विक संकट को कम करने में सहयोगी भूमिका निभा सकता है। हालाँकि,यह देखना अभी बाकी है कि इस फोन वार्ता के बाद वास्तविक स्तर पर क्या कूटनीतिक पहल होती है और क्या इससे यूक्रेन युद्ध या मिडिल ईस्ट संकट को कम करने में कोई ठोस प्रगति हो पाती है।

दुनिया भर के रणनीतिक विश्लेषकों की नजर अब अमेरिका और रूस के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हुई है। अगर दोनों देशों के बीच संवाद की यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है,तो यह संभव है कि वैश्विक स्तर पर जारी कई बड़े संकटों के समाधान की दिशा में कुछ नई संभावनाएँ सामने आएँ।