वाशिंगटन,5 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई एक अहम टेलीफोनिक बातचीत का खुलासा किया है,जिसमें वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। ट्रंप ने इस बातचीत की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा की और इसे “लंबी और गहन” बातचीत बताया। दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय में सामने आई है,जब अमेरिका और चीन के रिश्ते व्यापार,सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन के लिहाज से बेहद अहम दौर से गुजर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक,इस फोन कॉल में अमेरिका–चीन व्यापार संबंधों,सैन्य मामलों और अप्रैल महीने में प्रस्तावित उनकी चीन यात्रा पर विस्तार से बात हुई। इसके अलावा,ताइवान का मुद्दा भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा। ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं और इसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील विषय माना जाता है। ट्रंप द्वारा इस मुद्दे का जिक्र यह संकेत देता है कि दोनों नेता इस पर सीधे संवाद के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप ने बताया कि बातचीत के दौरान रूस–यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा हुई। यह संघर्ष वैश्विक राजनीति,ऊर्जा बाजार और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही ईरान के साथ मौजूदा हालात पर भी दोनों नेताओं ने विचार साझा किए। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा मध्य पूर्व में अस्थिरता के बीच चीन की भूमिका लगातार बढ़ी है,ऐसे में इस विषय पर चर्चा को काफी अहम माना जा रहा है।
व्यापार और आर्थिक सहयोग इस बातचीत का एक बड़ा केंद्र बिंदु रहा। ट्रंप ने कहा कि चीन की ओर से अमेरिका से तेल और गैस की खरीदारी बढ़ाने,साथ ही अतिरिक्त कृषि उत्पादों के आयात पर भी विचार किया गया। खास तौर पर अमेरिकी सोयाबीन के आयात को लेकर बातचीत को ट्रंप ने महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार,चालू सीजन में चीन अमेरिकी सोयाबीन का आयात बढ़ाकर 20 मिलियन टन तक करेगा,जबकि अगले सीजन के लिए इसे 25 मिलियन टन तक ले जाने का वादा किया गया है। यह कदम अमेरिकी किसानों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है,क्योंकि चीन लंबे समय से अमेरिकी कृषि उत्पादों का एक प्रमुख खरीदार रहा है।
ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि बातचीत के दौरान हवाई जहाज के इंजनों की डिलीवरी समेत कई तकनीकी और औद्योगिक मुद्दों पर चर्चा हुई। यह संकेत देता है कि दोनों देश कुछ क्षेत्रों में व्यापारिक सहयोग को फिर से गति देने की कोशिश कर रहे हैं,जो बीते वर्षों में प्रतिबंधों और तनाव के कारण प्रभावित हुआ था।
अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के स्वर को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सभी विषयों पर बातचीत बेहद सकारात्मक रही। ट्रंप ने यह भी जोर दिया कि उनके और शी जिनपिंग के बीच व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं और दोनों नेता इस बात को समझते हैं कि इन संबंधों को बनाए रखना कितना जरूरी है। ट्रंप के मुताबिक,उन्हें भरोसा है कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के अगले तीन वर्षों में चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मिलकर कई सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकेंगे।
यह बयान ऐसे समय में आया है,जब ट्रंप अंतर्राष्ट्रीय मंच पर फिर से सक्रिय कूटनीति का संकेत दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी फोन पर बातचीत की थी। इसके तुरंत बाद भारत–अमेरिका के बीच एक ट्रायल डील का ऐलान किया गया था,जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से अहम कदम माना गया। ट्रंप ने इस दौरान टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा भी की थी,जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।
भारत के साथ हुई बातचीत में ऊर्जा,प्रौद्योगिकी,कृषि और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति बनी थी। ऐसे में चीन के राष्ट्रपति के साथ हुई यह ताजा बातचीत यह दर्शाती है कि ट्रंप प्रशासन प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों को नए सिरे से संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक,ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच यह बातचीत अमेरिका–चीन संबंधों में संभावित नरमी का संकेत दे सकती है, हालाँकि ताइवान,व्यापार संतुलन और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद पूरी तरह खत्म होने की संभावना कम ही है। फिर भी,सीधे संवाद और सकारात्मक भाषा यह दिखाती है कि दोनों देश टकराव के बजाय बातचीत के जरिए अपने मतभेदों को सँभालने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रंप–शी जिनपिंग की यह टेलीफोनिक बातचीत वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है। इसमें उठाए गए मुद्दे न केवल अमेरिका और चीन,बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर असर डालने की क्षमता रखते हैं। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि इस बातचीत के परिणाम जमीन पर किस रूप में नजर आते हैं।
