डिब्रूगढ़,30 जनवरी (युआईटीवी)- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात असम के डिब्रूगढ़ पहुँचे,जहाँ डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा असम, विशेष रूप से ऊपरी असम के लिए विकास,प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान अमित शाह कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे,जिनका उद्देश्य राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर,जैव विविधता संरक्षण और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन को नई गति देना है।
डिब्रूगढ़ में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री असम विधानसभा के दूसरे कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन से करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नया एमएलए हॉस्टल भी शामिल है,जिसे विधायक भवन के नाम से जाना जाएगा। इस आधुनिक परिसर को चुने हुए जनप्रतिनिधियों के लिए बेहतर आवासीय और कार्य सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। माना जा रहा है कि इस नए कॉम्प्लेक्स के शुरू होने से असम की विधायी प्रक्रिया को अधिक सुचारु,प्रभावी और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय के साथ-साथ विधायकों को कामकाज के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य है।
राज्य के विधायी इंफ्रास्ट्रक्चर में इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। लंबे समय से असम विधानसभा के विस्तार और सुविधाओं के उन्नयन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी,जिसे अब इस नए कॉम्प्लेक्स के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। इससे न केवल विधायकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी,बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती भी सुनिश्चित होगी।
अपने सुबह के कार्यक्रमों के तहत अमित शाह डिब्रूगढ़ में प्रस्तावित वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की आधारशिला भी रखेंगे। अधिकारियों के अनुसार,यह संस्थान वन्यजीव रोग प्रबंधन,पशु चिकित्सा सेवाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित होगा। असम अपनी समृद्ध और संवेदनशील जैव विविधता के लिए जाना जाता है,जहाँ कई दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियाँ पाई जाती हैं। ऐसे में यह संस्थान राज्य के संरक्षण ढाँचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
वन्यजीवों से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान,उपचार और रिसर्च के जरिए न केवल जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी,बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलेगी। यह पहल केंद्र सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा मानी जा रही है,जिसके तहत पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री डिब्रूगढ़ में खानिकर स्टेडियम का उद्घाटन भी करेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम ऊपरी असम में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से इस क्षेत्र में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की माँग की जा रही थी,ताकि स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसर मिल सकें। इस स्टेडियम के निर्माण से न केवल स्थानीय खेल आयोजनों को प्रोत्साहन मिलेगा,बल्कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।
खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे आधुनिक खेल परिसरों से असम के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और देश का नाम रोशन करने का अवसर मिलेगा।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह धेमाजी जिले की भी यात्रा करेंगे,जहाँ वे कारेंग चापोरी में आयोजित 10वें मिसिंग सांस्कृतिक महोत्सव में हिस्सा लेंगे। यह महोत्सव मिसिंग समुदाय का एक प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन है,जिसमें पारंपरिक संगीत,नृत्य, रीति-रिवाज और स्वदेशी विरासत की झलक देखने को मिलती है। गृह मंत्री की इस महोत्सव में भागीदारी को पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण और प्रचार के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
मिसिंग समुदाय असम की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का एक अहम हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों के जरिए न केवल स्थानीय परंपराओं को जीवित रखा जाता है,बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी काम किया जाता है। अमित शाह की मौजूदगी से इस महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय गृह मंत्री के स्वागत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करते हुए वे सम्मानित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा अपर असम में विकास,बेहतर गवर्नेंस और सांस्कृतिक उत्सव के क्षेत्र में कई अहम पड़ावों को चिह्नित करेगी। उन्होंने असम के लोगों के लिए केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और निरंतर समर्थन की उम्मीद भी जताई।
अमित शाह का यह असम दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है,बल्कि यह विकास,पर्यावरण संरक्षण,खेल और सांस्कृतिक विरासत के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे न केवल असम के बुनियादी ढाँचे को मजबूती मिलेगी,बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक विकास को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
