वाशिंगटन,1 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि रूस के पश्चिमी फ्रंट लाइन वाले कुर्स्क क्षेत्र में लगभग 8,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों को तैनात किया गया है और ये सैनिक जल्द ही युद्ध में उतर सकते हैं। ब्लिंकन ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह बयान दिया,जिसमें अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन,दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो टे-यूल और रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून शामिल थे।
उत्तर कोरिया द्वारा किए गए नए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण पर इस बैठक में चर्चा की गई,जिसने अमेरिका में आगामी 5 नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले तनाव को और बढ़ा दिया है। ब्लिंकन ने लगभग 10,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों के रूस में होने का दावा करते हुए कहा कि उन 10,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों में से 8,000 सैनिक कुर्स्क क्षेत्र में तैनात हैं। हालाँकि,अभी तक ये सैनिक यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं हुए हैं,लेकिन उनकी भागीदारी की संभावना आने वाले दिनों में बन सकती है। इन सैनिकों को रूस ने तोपखाने,ड्रोन तथा बुनियादी पैदल सेना प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया है।
ब्लिंकन ने इन सैनिकों के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में शामिल होने पर चेतावनी दी कि यदि ऐसा होता है,तो उन्हें वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। ऑस्टिन ने भी इस विषय पर चिंता जताई और उत्तर कोरियाई सैनिकों के युद्ध में शामिल होने पर कहा कि इन घटनाओं पर अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ करीब से नजर रख रहा है और उचित जवाबी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
उत्तर कोरिया द्वारा रूस को भेजे गए मिसाइलों तथा गोले पर दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री किम ने कहा कि लगभग 1,000 मिसाइलें तथा कई गोले उत्तर कोरिया ने रूस को अब तक भेज चुका है। ब्लिंकन ने कहा कि यूक्रेन में रोजाना तकरीबन 1,200 सैनिकों की मौत का सामना करने रूस अब उत्तर कोरियाई सैनिकों पर निर्भर हो रहा है।
इसके अलावा, ब्लिंकन ने यह भी उल्लेख किया कि ऐसा पहली बार हुआ है,जब पिछले 100 वर्षों में रूस ने अपने देश में किसी विदेशी सेना को बुलाया है। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले में चीन “देखो और इंतजार करो” की स्थिति में है, लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है,तो वह अपनी भूमिका निभा सकता है। यह घटनाक्रम वैश्विक सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है।